{"_id":"68bdc0712ef964c91404f496","slug":"raipur-patan-dam-overflows-water-flowing-three-feet-above-narnol-news-c-196-1-nnl1004-129404-2025-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: रायपुर पाटन बांध ओवरफ्लो, तीन फीट ऊपर बह रहा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: रायपुर पाटन बांध ओवरफ्लो, तीन फीट ऊपर बह रहा पानी
विज्ञापन
फोटो 27सतबीर, गांव भेंडती।
नांगल चौधरी। लगातार बारिश के चलते रायपुर पाटन बांध से अभी भी ओवरफ्लो होकर पानी कृष्णावती नदी की तरफ बढ़ रहा है। बांध से करीब 6 किलोमीटर आगे पानी पहुंच गया है। वहीं नांगल चौधरी के राजस्थान सीमा पर बसे गांव से अभी करीब 10 किलोमीटर दूर है।
राहत की बात यह है कि बांध से निकलने वाले पानी का बहाव अब पहले की तुलना में कम हो गया है। इसी कारण कृष्णावती नदी में पानी पहुंचने की संभावना भी कमजोर पड़ गई है। बीते दो दिन से न तो बारिश हुई है और न ही पानी का बहाव बढ़ा है। इससे अब कृष्णावती नदी में पानी आने के आसार न के बराबर हो गए हैं।
प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ पल-पल के हालात पर निगरानी बनाए हुए हैं। वहीं कृष्णावती नदी में पानी आने की सूचना से आसपास के गांवों में भी भय का माहौल बना हुआ है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि पहाड़ों में पिछले दिनों हुई जोरदार बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया और करीब 7 साल बाद रायपुर पाटन बांध भर गया। इसमें से पानी ओवरफ्लो होकर शुक्रवार दोपहर से करीब 4 इंच ऊपर पानी बह रहा है जो करीब 300 फीट लंबा और 15 फीट गहरा है। पिछले दो दिन से बारिश नहीं होने के कारण ऊपर से बहने वाले पानी का स्तर कम हो गया है। अभी कृष्णावती नदी के आसपास बसे गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।
-- -- -- -- --
20 साल पहले नदी में पानी को बहते देखा था जिससे पानी का स्तर भी बढ़ गया था। उसके बाद से नदी में पानी नहीं देखा है। इस बार उम्मीद हुई है कि नदी में पानी आएगा लेकिन पानी का बहाव कम होने के कारण पानी पहुंचना न के बराबर लग रहा है। -सुभाष, गांव भेंडटी।
-- -- -- -- --
वर्ष 1995 में कृष्णावती नदी उफान पर आई थी। तब नांगल चौधरी क्षेत्र में फसलों को बहुत नुकसान हुआ था। कई गांव प्रभावित हुए थे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। इसी घटना की यादें आज भी ग्रामीणों के जेहन में ताजा हैं। -सतबीर, गांव भेंडती।
-- -- -- -- -- --
पहले जब नदी आई थी तो समतल हुआ करती थी। आज के हालात ये हो गए हैं कि नदी के रास्ते में गहरी खान बन चुकी है। साथ लगते खेतों में बजरी निकालकर खोदा जा चुका है। इससे अब नदी आना सपने जैसा लगता है। -शीशराम, गांव भेंडटी।
वर्जन
कृष्णावती नदी में पानी आने की स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है। अभी तक हालात काबू में हैं और घबराने की जरूरत नहीं है। पानी अभी 5 से 6 किलोमीटर की दूरी भी तय नहीं कर सका है। रास्ते में काफी गहरे गड्ढे बने हुए हैं। वहीं पानी का बहाव भी कम हुआ है। इससे नांगल चौधरी नदी में पानी आना असंभव लग रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को सूचित कर दिया गया है।
-डॉ. हरीश यादव, कृषि अधिकारी नांगल चौधरी।
विज्ञापन
राहत की बात यह है कि बांध से निकलने वाले पानी का बहाव अब पहले की तुलना में कम हो गया है। इसी कारण कृष्णावती नदी में पानी पहुंचने की संभावना भी कमजोर पड़ गई है। बीते दो दिन से न तो बारिश हुई है और न ही पानी का बहाव बढ़ा है। इससे अब कृष्णावती नदी में पानी आने के आसार न के बराबर हो गए हैं।
विज्ञापन
प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ पल-पल के हालात पर निगरानी बनाए हुए हैं। वहीं कृष्णावती नदी में पानी आने की सूचना से आसपास के गांवों में भी भय का माहौल बना हुआ है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि पहाड़ों में पिछले दिनों हुई जोरदार बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया और करीब 7 साल बाद रायपुर पाटन बांध भर गया। इसमें से पानी ओवरफ्लो होकर शुक्रवार दोपहर से करीब 4 इंच ऊपर पानी बह रहा है जो करीब 300 फीट लंबा और 15 फीट गहरा है। पिछले दो दिन से बारिश नहीं होने के कारण ऊपर से बहने वाले पानी का स्तर कम हो गया है। अभी कृष्णावती नदी के आसपास बसे गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।
20 साल पहले नदी में पानी को बहते देखा था जिससे पानी का स्तर भी बढ़ गया था। उसके बाद से नदी में पानी नहीं देखा है। इस बार उम्मीद हुई है कि नदी में पानी आएगा लेकिन पानी का बहाव कम होने के कारण पानी पहुंचना न के बराबर लग रहा है। -सुभाष, गांव भेंडटी।
वर्ष 1995 में कृष्णावती नदी उफान पर आई थी। तब नांगल चौधरी क्षेत्र में फसलों को बहुत नुकसान हुआ था। कई गांव प्रभावित हुए थे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। इसी घटना की यादें आज भी ग्रामीणों के जेहन में ताजा हैं। -सतबीर, गांव भेंडती।
पहले जब नदी आई थी तो समतल हुआ करती थी। आज के हालात ये हो गए हैं कि नदी के रास्ते में गहरी खान बन चुकी है। साथ लगते खेतों में बजरी निकालकर खोदा जा चुका है। इससे अब नदी आना सपने जैसा लगता है। -शीशराम, गांव भेंडटी।
वर्जन
कृष्णावती नदी में पानी आने की स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है। अभी तक हालात काबू में हैं और घबराने की जरूरत नहीं है। पानी अभी 5 से 6 किलोमीटर की दूरी भी तय नहीं कर सका है। रास्ते में काफी गहरे गड्ढे बने हुए हैं। वहीं पानी का बहाव भी कम हुआ है। इससे नांगल चौधरी नदी में पानी आना असंभव लग रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को सूचित कर दिया गया है।
-डॉ. हरीश यादव, कृषि अधिकारी नांगल चौधरी।