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पीपीपी: मजदूर के परिवार की इनकम दिखाई पांच लाख रुपये सालाना

Wed, 04 Jan 2023 11:15 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jan 2023 11:15 PM IST
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PPP: Income of laborer's family shown five lakh rupees annually
नारनौल। बुजुर्ग और जवान परिवार पहचान पत्र(पीपीपी) से परेशान हो गए हैं। बुजुर्ग कड़ाके की ठंड में पीपीपी में अधिक आय दिखाने की त्रुटि लेकर एडीसी कार्यालय पहुंच रहे हैं। एक मजदूर के परिवार की आय 2.5 से पांच लाख रुपये दिखाई हुई है। नसीबपुर निवासी राजकुमार ने बताया कि उसका चार सदस्यों का परिवार है। वह अकेला कमाने वाला है। उसकी स्वयं की आय 1 लाख से 1.40 लाख रुपये दिखा दी जबकि उसकी पत्नी गृहणी हैं, उसकी आय 1.80 से 2.5 लाख दिखाई गई है। उसने बताया कि उसका बेटा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। कहीं भी काम नहीं कर रहा उसकी इनकम 1.8 लाख से 2.5 लाख रुपये दिखा दी। उसकी बेटी की शादी हो रखी है, शादी को दो वर्ष से अधिक समय हो गया। उसके बाद भी उसकी आय 5 से 10 हजार रुपये दिखाई गई है। वहीं 75 वर्षीय बुुजुर्ग ने बताया कि घर पर कमाने वाला कोई नहीं है। केवल सवा किला जमीन पर खेती कर पेट पालते हैं। उसके बाद भी उनकी इनकम बढ़ी हुई दिखाई गई है। अब यहां ठीक करवाने के लिए आए तो कोई संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं दे रहे।
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बता दें कि परिवार पहचान पत्र में त्रुटियों को लेकर एडीसी कार्यालय कई लोग आए हैं। सरकार द्वारा कुछ नियम नए लागू किए जाने के बाद हजारों लोगों का बीपीएल कार्ड से कट गया। बीपीएल की सूची में नाम हटने के बाद उनको सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। इससे बुजुर्गों की पेंशन, विधवा पेंशन, राशन तथा आयुष्मान भारत योजना आदि योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इसी वजह नाम कटने वाले परिवार काफी चिंतित हैं।
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मेरा बीपीएल कार्ड था लेकिन अब नाम कट गया है। मैं घर पर अकेला कमाने वाला हूं। दूसरा अनुसूचित जाति से संबंध रखता हूं। घर पर खेती आदि का भी कोई साधन नहीं है। परिवार पहचान पत्र में मेरे परिवार की आय 2.5 से 5 लाख रुपये दिखाई हुई है। सरकार गरीबों के साथ भद्दा मजाक कर रही है। सरकार को गरीबों की परेशानी का समझ कर फैसला लेना चाहिए। -राजकुमार, नसीबपुर।
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मेरे पास सवा किला जमीन है, उस पर खेती कर पेट भरते हैं। बेटा मजदूरी करता है। सरकार ने परिवार पहचान पत्र में हमारी इनकम अधिक दिखाई हुई है। आज सुबह आठ बजे यहां पर चेक करवाने के लिए आया था तो इन्होंने कोई संतुष्टी पूर्ण जवाब भी नहीं दिया। यह सरकार गरीबों की हमदर्दी नहीं हैैं। आगामी विधानसभा चुनाव में यह गरीब जनता ही सरकार को सबक सिखाएगी। -हरद्वारी लाल (75 वर्ष), तोताहड़ी।
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