पीएम मोदी ने डेढ़ किमी लंबी ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, रेवाड़ी-न्यू मदार फ्रेट कॉरिडोर देश को किया समर्पित
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 306 किलोमीटर लंबे न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) खंड को देश को समर्पित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने न्यू अटेली से न्यू किशनगढ़ के लिए इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन से चलने वाली 1.5 किलोमीटर लंबी (दुनिया की पहली डबल स्टैक लांग हॉल) कंटेनर ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव, सांसद धर्मबीर सिंह, अटेली के विधायक सीताराम और नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह यादव ने इस कंटेनर को न्यू अटेली स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम के लिए रेलवे ने स्टेशन पर दो बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई थी।
न्यू अटेली से न्यू किशनगढ़ रेल ट्रैक देश का पहला इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन है। जहां पर एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर लेकर मालगाड़ी जा सकती है। रेल रूट पर बिजली के तार काफी ऊपर लगे हैं। अन्य रेल लाइनों पर तार नीचे होते हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ने कहा कि यह कॉरिडोर विकास का कॉरिडोर है। इससे माल ढुलाई को गति मिलेगी। भविष्य में इस क्षेत्र में और अधिक व्यावसायिक गतिविधियां होंगी और लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को यह नववर्ष की सौगात दी है।
पश्चिमी समर्पित मालवाहन गलियारे (वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) का न्यू रेवाड़ी से न्यू मदार खंड हरियाणा के महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में लगभग 79 किलोमीटर में बना है।
वहीं राजस्थान के जयपुर, अजमेर, सीकर, नागौर और अलवर जिलों में लगभग 227 किलोमीटर तक फैला है। इस रूट पर यहां तक नौ नए डीएफसी स्टेशन बनाए गए हैं। राजथान व हरियाणा में न्यू डाबला, न्यू भगेगा, न्यू श्री माधोपुर, न्यू पचार मलिकपुर, न्यू सकून और न्यू किशनगढ़-क्रासिंग स्टेशन रेवाड़ी, न्यू अटेली और न्यू फुलेरा जंक्शन स्टेशन हैं।
राज्यमंत्री ने कहा कि अब इस खंड के शुरू होने से राजस्थान और हरियाणा के रेवाड़ी-मानेसर, नारनौल, फुलेरा और किशनगढ़ इलाके में स्थित विभिन्न उद्योगों को लाभ होगा। यहां पर निर्बाध गति से माल की ढुलाई हो सकेगी। डबल स्टैक लांग हॉल कंटेनर ट्रेन के परिचालन में 25 टन का बढ़ा हुआ एक्सल लोड होगा।
कंटेनर इकाइयों के लिहाज से डब्ल्यूडीएफसी पर एक लांग हॉल डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन में जुड़े ये वैगन भारतीय रेलवे की वर्तमान क्षमता की तुलना में चार गुना अधिक कंटेनर इकाइयों को ढो सकेंगे। इस मौके पर उपायुक्त अजय कुमार व पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।