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Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Orders issued to hold fresh elections for the executive committee of the Dr. Ambedkar Memorial Committee.

Mahendragarh-Narnaul News: डॉ. आंबेडकर स्मारक समिति की कार्यकारिणी के चुनाव दोबारा कराने के आदेश

Thu, 08 Jan 2026 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jan 2026 11:48 PM IST
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Orders issued to hold fresh elections for the executive committee of the Dr. Ambedkar Memorial Committee.
महेंद्रगढ़। डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक समिति की कार्यकारिणी को रद्द कर पुन: चुनाव कराने के आदेश जारी हुए हैं। समिति में बिना चुनाव गठित की गई कार्यकारिणी के मामले पर संज्ञान लेते हुए जिला फर्म एंड सोसाइटी रजिस्ट्रार ने बुधवार को पत्र जारी कर कहा कि आम सभा में कार्यकारिणी गठित करने का कोई औचित्य नहीं है व यह वैध नहीं है।
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पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि समिति की कार्यकारिणी का गठन केवल निर्वाचन कार्यक्रम घोषित कर विधिसम्मत चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से ही कराया जाए तथा बिना चुनाव गठित कार्यकारिणी को मान्यता नहीं दी जा सकती।
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समिति के पूर्व प्रधान सुंदरलाल जोरासिया ने इस कार्यवाही के विरुद्ध चुनाव अधिकारी, जिला रजिस्ट्रार एवं राज्य रजिस्ट्रार को लिखित शिकायतें दी थीं। उन्होंने मांग करते हुए कहा था कि जिस प्रशासक ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए नियमों के विपरीत कार्यकारिणी गठित की उसे तत्काल पद से हटाया जाए व समिति में किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष अधिकारी की देखरेख में पारदर्शी चुनाव कराए जाएं।
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उन्होंने यह भी कहा कि यदि आगे किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी की गई या फिर प्रशासक को संरक्षण दिया गया, तो वे इस मामले को पुलिस और न्यायालय तक ले जाने से पीछे नहीं हटेंगे।

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सदस्य सूची समय पर नहीं हुए उपलब्ध
वहीं दूसरी ओर वर्तमान प्रधान पन्नीलाल ने बताया कि पत्र में 5 जनवरी को आयोजित बैठक के दौरान सर्वसम्मति से गठित की गई कार्यकारिणी को अवैध करार दिया गया है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है जबकि इस बैठक एवं कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य आपसी सद्भावना बनाए रखना व डॉ. आंबेडकर भवन के शेष बचे कार्यों को पूर्ण करना था। यदि जिला रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा समिति की प्रमाणित सदस्य सूची समय रहते उपलब्ध करवा दी जाती तो यह स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। हैरानी की बात यह है कि अधिकतर सदस्यों की फीस संस्था की बजाय पूर्व प्रधान के व्यक्तिगत खाते में डलवाई गई है।
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