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स्टीविया की एक एकड़ खेती से सात महीने में एक लाख 10 हजार कमाए
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स्टीविया यानी मीठी तुलसी की खेती महेंद्रगढ़ जिले के डेरोली जाट गांव में की जा रही है। प्रगतिशील किसान ऋषिपाल ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में उगाई गई मीठी तुलसी का पौधा, तुलसी का पाउडर, तुलसी के पत्ते और अर्क एसडीएम विश्राम कुमार मीणा को भेंट किए।
एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान ऋषिपाल ने अपने समय का सदुपयोग करते हुए एक अलग प्रकार की इनोवेटिव और आधुनिक खेती कर प्रेरणादायक किसान बनकर समाज के सामने आया हैं। उन्होंने कहा कि किसान पारंपरिक खेती छोड़ कर अलग से खेती करें ताकि अच्छा मुनाफा कमा सके। साथ ही हर संभव मदद कराने का आश्वासन दिया। ऋषिपाल ने बताया कि उन्होंने 10 जुलाई 2020 को एक खेत किराए पर लेकर मीठी तुलसी की खेती शुरू की थी। पिछले लगभग 7 महीने में दो बार तुलसी की कटिंग कर चुका है। वह तुलसी के तीन प्रोडेक्ट तुलसी का अर्क, तुलसी का पाउडर और तुलसी के सूखे पत्ते डिब्बे में पैक कर बेच रहा है। ऋषि पाल के पास देश के हर कोने से तुलसी खरीदने के लिए आर्डर आ रहे हैं। अब तक ऋषिपाल एक लाख 10 हजार रुपये की तुलसी बेच चुका है। मार्केट में बहुत सारे मीठी तुलसी के प्रोडेक्ट आ रहे हैं जो पूरी तरह केमिकल युक्त है। मीठी तुलसी का रंग हरा होने के कारण उसका अर्क, पाउडर एवं पत्ते हरे रंग के होते हैं। पूर्ण रूप से ऑर्गेनिक और नेचुरल तुलसी की पहचान करने के बाद ही खरीदें।
मीठी तुलसी चीनी एवं गुड़ से 30 गुना ज्यादा मीठी होती है। यह तुलसी शुगर फ्री, फैट फ्री होती है इसमें ग्लूकोज की मात्रा जीरो होती है। यह एंटी डायरियाल, एंटी हाइपरटेंसिव, एंटी हाइपरग्लेसेमिक, मूत्रवर्धक, एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटी डायमरियल और इम्युन मोड्यूलरी के गुण होते हैं।
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एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान ऋषिपाल ने अपने समय का सदुपयोग करते हुए एक अलग प्रकार की इनोवेटिव और आधुनिक खेती कर प्रेरणादायक किसान बनकर समाज के सामने आया हैं। उन्होंने कहा कि किसान पारंपरिक खेती छोड़ कर अलग से खेती करें ताकि अच्छा मुनाफा कमा सके। साथ ही हर संभव मदद कराने का आश्वासन दिया। ऋषिपाल ने बताया कि उन्होंने 10 जुलाई 2020 को एक खेत किराए पर लेकर मीठी तुलसी की खेती शुरू की थी। पिछले लगभग 7 महीने में दो बार तुलसी की कटिंग कर चुका है। वह तुलसी के तीन प्रोडेक्ट तुलसी का अर्क, तुलसी का पाउडर और तुलसी के सूखे पत्ते डिब्बे में पैक कर बेच रहा है। ऋषि पाल के पास देश के हर कोने से तुलसी खरीदने के लिए आर्डर आ रहे हैं। अब तक ऋषिपाल एक लाख 10 हजार रुपये की तुलसी बेच चुका है। मार्केट में बहुत सारे मीठी तुलसी के प्रोडेक्ट आ रहे हैं जो पूरी तरह केमिकल युक्त है। मीठी तुलसी का रंग हरा होने के कारण उसका अर्क, पाउडर एवं पत्ते हरे रंग के होते हैं। पूर्ण रूप से ऑर्गेनिक और नेचुरल तुलसी की पहचान करने के बाद ही खरीदें।
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मीठी तुलसी चीनी एवं गुड़ से 30 गुना ज्यादा मीठी होती है। यह तुलसी शुगर फ्री, फैट फ्री होती है इसमें ग्लूकोज की मात्रा जीरो होती है। यह एंटी डायरियाल, एंटी हाइपरटेंसिव, एंटी हाइपरग्लेसेमिक, मूत्रवर्धक, एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटी डायमरियल और इम्युन मोड्यूलरी के गुण होते हैं।
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