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Mahendragarh-Narnaul News: सिंचाई मंत्री के गृहजिले में अधिकारी योजनाओं को नहीं उतार पाए धरातल पर

Tue, 18 Jun 2024 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Tue, 18 Jun 2024 01:02 AM IST
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Officials in Irrigation Minister's home district could not implement the schemes on the ground.
फोटो संख्या:70- गांव नांवां में सूखा जोहड़--स्रोत-संवाद
महेंद्रगढ़। अटल भूजल योजना के तहत महेंद्रगढ़ खंड के भूजल स्तर में सुधार के लिए वर्ष 2023 में 4.3 करोड़ रुपये की लागत से 23 कार्याें को स्वीकृति मिली थी। अधिकारियों की रूची नहीं होने के कारण इनमें से आधी योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पाई।
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डार्क जोन में शामिल जिले में भूजल स्तर सुधार के लिए जो योजनाओं मील का पत्थर साबित होती व उनपर तेजी से काम होना था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते क्षेत्र को बारिश के मौसम में मिलने वाले अतिरिक्त नहरी पानी का भी लाभ नहीं मिल पाएगा।
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सांसद के दरबार में पहुंचा मामला
जोहड़ों को नहरी पानी से जोड़ने की बाट जो रहे ग्राम बवानियां व बुडीन के सरपंच भी अब इस मामले में आगे आ गए हैं। भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह को पत्र भेजकर इन काम पूरा कराने की मांग कर चुके हैं। सिंचाई मंत्री के गृहजिले में अधिकारियों की मनमानी चल रही है। इसके कारण डार्क जोन में शामिल जिले का लगातार भूजल स्तर कम होता जा रहा है। यह आंकड़े केवल महेंद्रगढ़ खंड के हैं, लेकिन जिले में नहरी पानी से जोहड़ों को जोड़ने वाले इन कार्याें की स्थिति और भी दयनीय है। जहां एक तरफ विभाग बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पर सक्रिय दिखता है वहीं दूसरी तरफ इन कम लागत परंतु ज्यादा लाभ वाले कार्याें को मंजूरी के बाद भी ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। सरपंचों ने अब कहना भी शुरू कर दिया है कि सिंचाई विभाग के अधिकारी फील्ड में ना के बराबर ही दिखते हैं और टूटी हुई पाइप लाइनों को मरम्मत करवाने की बजाय सरपंचों को डराने के लिए उनके नाम पर ही पत्र लिखकर पल्ला झाड लेते हैं।
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इन गांवों में स्वीकृति के बाद भी योजना नहीं उतार पाए हैं अधिकारी धरातल पर
गांव गडानियां में जोहड़ को बड़ा करके नहर से जोड़ने के लिए 12 लाख की स्वीकृति मिली थी

गांव बुडीन में दो नए जोहड़ खोदकर निंभेड़ा प्रेशराइजड पाइपलाइन से जोड़ने पर 35 लाख मंजूर

गांव बवानिया में नया जोहड़ खोदकर रामबास नहर से जोड़ना पर 17 लाख की लगात आनी थी

गांव पायगा में जाटवास नहर से जोहड़ जोड़ने के लिए 24 लाख की स्वीकृति मिली थी
गांव झूक में पहले से खुदे हुए तीन जोहड़ों को महेंद्रगढ़ बड़ी नहर से जोड़ने के लिए 7 लाख खर्च होने थे

गांव भगडाना में सीसोठ नहर से जोहड़ में पानी पहुंचाने के लिए 22 लाख रुपये का बजट स्वीकृत था

गांव मालड़ा बास में बाबा हाण्डु जोहड़ को लावन नहर से जोड़ने के लिए 12 लाख रुपये खर्च होने थे

गांव नीची भांडोर जोहड़ में नहरी पानी पहुंचाने के लिए 22 लाख का बजट मंजूर हुआ था

गांव धौली में धौली माइनर से बड़े जोहड़ को के लिए छह लाख की स्वीकृति

गांव बसई में नौताना माइनर से जोहड़ को जोड़ने के लिए करीब पांच लाख के बजट को मंजूरी मिली थी
अनेक गांवों से परियोजनाओं के लिए बजट जारी होने के बाद भी काम शुरू नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। धरातल पर कार्याें की जांच की जाएगी तथा इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए असक्षम अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। केंद्र सरकार की योजनाओं में इस प्रकार की लीपापोती नहीं चलेगी।

संदीप मालड़ा, भिवानी-महेंद्रगढ़ संसदीय क्षेत्र, विकास एवं निगरानी समिति सदस्य।
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