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Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि में गूंजे ओडिशा के लोकगीत, नुआखाई भेटघाट में दिखी संस्कृति की झलक
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फोटो संख्या: 54- नुआखाई भेटघाट आयोजन का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ करते सांसद प्रदीप पुरोहित, सा
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में ओडिशा के विद्यार्थियों और शिक्षकों की ओर से छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय के सहयोग से नुआखाई भेटघाट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य ओडिशा की संस्कृति, खेती-किसानी की परंपरा और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में बरगढ़ के सांसद प्रदीप पुरोहित मुख्य अतिथि और भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अलेख सचिदानंद नायक ने स्वागत भाषण दिया। इस दौरान ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित डॉक्यूमेंटरी भी दिखाई गई।
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कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने नुआखाई के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। सांसद धर्मबीर सिंह ने हरियाणा और ओडिशा के बीच सांस्कृतिक और खानपान से जुड़े संबंधों की सराहना की।
मुख्य अतिथि प्रदीप पुरोहित ने कहा कि नुआखाई केवल त्योहार नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सम्मान जताने, मां समलेश्वरी और भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेने, बुजुर्गों का आदर करने और युवाओं के बेहतर भविष्य की कामना करने का अवसर है।
कार्यक्रम में ओडिसी, डलखाई और संबलपुरी समूह नृत्य सहित संगीत की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। उप छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. नीरज कर्ण सिंह ने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। आयोजन में प्रो. तीर्थराज भोई, प्रो. रंजन साहू और अन्य सहयोगियों की अहम भूमिका रही।
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कार्यक्रम में बरगढ़ के सांसद प्रदीप पुरोहित मुख्य अतिथि और भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की।
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पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अलेख सचिदानंद नायक ने स्वागत भाषण दिया। इस दौरान ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित डॉक्यूमेंटरी भी दिखाई गई।
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कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने नुआखाई के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। सांसद धर्मबीर सिंह ने हरियाणा और ओडिशा के बीच सांस्कृतिक और खानपान से जुड़े संबंधों की सराहना की।
मुख्य अतिथि प्रदीप पुरोहित ने कहा कि नुआखाई केवल त्योहार नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सम्मान जताने, मां समलेश्वरी और भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेने, बुजुर्गों का आदर करने और युवाओं के बेहतर भविष्य की कामना करने का अवसर है।
कार्यक्रम में ओडिसी, डलखाई और संबलपुरी समूह नृत्य सहित संगीत की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। उप छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. नीरज कर्ण सिंह ने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। आयोजन में प्रो. तीर्थराज भोई, प्रो. रंजन साहू और अन्य सहयोगियों की अहम भूमिका रही।