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Mahendragarh-Narnaul News: अब शिक्षा विभाग भी नशे के खिलाफ चलाएगा अभियान
Wed, 19 Mar 2025 11:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 19 Mar 2025 11:16 PM IST
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फोटो संख्या:59- राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल महेंद्रगढ़--संवाद
महेंद्रगढ़। अब शिक्षा विभाग भी नशे के खिलाफ विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाएगा। विद्यार्थी भी नशे के खिलाफ अपना योगदान देंगे।
शिक्षा विभाग नशामुक्ति भारत अभियान के तहत जागरूक विद्यार्थी नशे से पड़ने वाले बुरे प्रभाव के बारे में लोगों को जागरूक कर सकेंगे। इसके लिए जिले के प्रत्येक विद्यालय में एक अध्यापक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के प्राचार्य सुनील गोरा ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी नारनौल की ओर से सभी स्कूलों को पत्र जारी कर कहा है कि स्कूलों में पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग, भाषण, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता करवाई जाएगी।
हर माह की 20 तारीख को इसकी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी के पास भेजी जाएगी। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेजेगा। शिक्षा विभाग के अनुसार मुकाबले करवाने का मुख्य मकसद सिर्फ विद्यार्थियों को नशे बुरे प्रभाव के बारे में बताना है, ताकि बच्चों को युवावस्था के आने तक पता चल सके।
मॉडल संस्कृति स्कूल के नोडल अधिकारी इंद्रजीत ने बताया कि नशे के खिलाफ विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें दूसरों को भी नशे के न करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नशा एक ऐसी बीमारी है जो शरीर को खोखला कर देती है। नशे से कई घर बर्बाद हो जाते हैं।
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शिक्षा विभाग नशामुक्ति भारत अभियान के तहत जागरूक विद्यार्थी नशे से पड़ने वाले बुरे प्रभाव के बारे में लोगों को जागरूक कर सकेंगे। इसके लिए जिले के प्रत्येक विद्यालय में एक अध्यापक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के प्राचार्य सुनील गोरा ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी नारनौल की ओर से सभी स्कूलों को पत्र जारी कर कहा है कि स्कूलों में पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग, भाषण, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता करवाई जाएगी।
हर माह की 20 तारीख को इसकी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी के पास भेजी जाएगी। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेजेगा। शिक्षा विभाग के अनुसार मुकाबले करवाने का मुख्य मकसद सिर्फ विद्यार्थियों को नशे बुरे प्रभाव के बारे में बताना है, ताकि बच्चों को युवावस्था के आने तक पता चल सके।
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मॉडल संस्कृति स्कूल के नोडल अधिकारी इंद्रजीत ने बताया कि नशे के खिलाफ विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें दूसरों को भी नशे के न करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नशा एक ऐसी बीमारी है जो शरीर को खोखला कर देती है। नशे से कई घर बर्बाद हो जाते हैं।
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