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130 डॉक्टरों में से एक भी फिजिशियन नहीं, मरीजों को उठानी पड़ रही है परेशानी

Tue, 23 Feb 2021 12:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 12:16 AM IST
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Not a single Physician among 130 doctors, patients have to face problems
कोरोना काल में जिले में डॉक्टरों की कमी को सरकार ने काफी हद तक पूरा कर दिया है। जिला अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर अब डॉक्टर उपलब्ध हैं। इससे पीएचसी स्तर पर भी मरीजों को इलाज मिल रहा है। लेकिन, जिले में तैनात करीब 130 डॉक्टरों में एक भी फिजिशियन नहीं है। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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बता दें कि जिले में पहले डॉक्टरों की भारी कमी थी। नागरिक अस्पताल में स्वीकृत पदों में से आधे ही डॉक्टरों की तैनाती थी। लेकिन, कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार ने सभी प्रमुख पदों पर डॉक्टरों की तैनाती कर दी। इससे अस्पताल में त्वचा रोग, ईएनटी, गायनी और बच्चों के डॉक्टरों को नियुक्त कर दी गई। इससे मरीजों को राहत मिली है। लेकिन, इन सभी के होने के बाद भी अस्पताल में फिजिशियन न होने के कारण हेल्थ सेवाओं में दिक्कत होती है। इससे अस्पताल में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल में फिजिशियन का होना बहुत जरूरी है। कई बीमारियों में फिजिशियन की जरूरत पड़ती है। फिजिशियन के बिना हेल्थ सेवाएं अधूरी सी हैं। हाइपर टेंशन, सांस, मुधमेह और संक्रामक रोगों के लिए फिजिशियन की जरूरत होती है। सामान्य बीमारी के मरीजों के लिए भी फिजिशियन की जरूरत होती है। अस्पताल में विशेष ओपीडी लगती है। ऐसे में जनरल बीमारी के मरीजों को परेशानी होती है।
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आईसीयू वार्ड भी प्रभावित
कोरोना महामारी में नागरिक अस्पताल में आईसीयू वार्ड की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन, इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। आईसीयू के लिए भी फिजिशियन का होना जरूरी है। नागरिक अस्पताल में आठ बेड का आईसीयू वार्ड है। लेकिन फिजिशियन न होने से मरीजों को आईसीयू का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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174 में 130 कार्यरत, 47 की जरूरत
सिविल सर्जन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल नारनौल में 42 मेडिकल आफिसर (एमओ) पद स्वीकृत हैं। इसमें से 40 कार्यरत हैं, जबकि 2 पद खाली हैं। इसी प्रकार एसडीएच महेंद्रगढ़ में 29 में 17 पदों पर नियुक्ति है। सीएचसी कनीना में एसएमओ का पद खाली है और एमओ 11 में नौ कार्यरत हैं। पीएचसी भोजावास, मंडियाखोडा, माधोगढ़, दौचाना, रामपुरा व बिगोपुर में निर्धारित डॉक्टर उपलब्ध हैं। जिले में स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, एसएमओ और एमओ के 174 पद स्वीकृत हैं। इसमें 130 पद भरे हुए हैं, जबकि 47 खाली हैं।
वर्जन
फिजिशियन के लिए कई बार सीएमओ को पत्र लिखा गया है। अस्पताल में एक फिजिशियन की जरूरत है, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। अस्पताल में अन्य डॉक्टरों के आने से मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल रही हैं।

-डॉ. आशा शर्मा, एमएस नागरिक अस्पताल।
वर्जन
निदेशालय से फिजिशियन की मांग की गई थी। कोरोना काल में रखने की स्वीकृत मिली थी। लेकिन, फिजिशियन नहीं मिला। अब दोबारा से फिजिशियन डॉक्टर की मांग की जाएगी। सीएचसी और सीएचसी पर भी डॉक्टर उपलब्ध हैं।
-डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ नारनौल।
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