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Mahendragarh-Narnaul News: 9 दिन बीते, बाजरे की खरीद अब तक नहीं खुला खाता

Thu, 02 Oct 2025 01:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Thu, 02 Oct 2025 01:34 AM IST
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Nine days have passed, the account for the purchase of millet has not yet been opened.
नारनौल। बाजरे की खरीद शुरू हुए 9 दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई है। इस कारण बाजरा बेचने मंडी पहुंच रहे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं खरीद अधिकारी खरीद शुरू होने के बाद कुछ दिन तक तो मंडी में आ रहे थे। अब खरीद अधिकारियों ने मंडी में आना ही छोड़ दिया है। इस कारण किसान गेटपास कटवाकर व्यापारियों को बाजरा बेच रहे हैं। अब सरकारी खरीद शुरू होने या बाजरे की जांच का इंतजार नहीं कर रहे। किसानों ने बताया कि जब खरीद अधिकारी मंडी पहुंच ही नहीं रहे तो यह साफ दर्शाता है कि सरकारी खरीद में बाजरा नहीं खरीदा जाएगा।
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सरकारी खरीद के तहत बाजरे की गुणवत्ता खराब बताकर अब तक बाजरा नहीं खरीदा गया है। वहीं अधिकतर व्यापारी भी सरकार द्वारा तय बाजार भाव पर बाजरा खरीदने से परहेज कर रहे हैं। जिस कारण किसानों को भावांतर के तहत मिलने वाले 575 रुपये प्राप्त करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जब सरकार ने बाजरे का एमएसपी 2775 रुपये निर्धारित किया था, तब व्यापारी करीब 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीद रहे थे, लेकिन अब अधिकतर व्यापारी सरकार द्वारा तय बाजार भाव 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भी बाजरा नहीं खरीद रहे। जिस कारण अधिकतर किसान कम दाम पर बाजरा बेचने को मजबूर है।
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इंसेट
मजदूरी पर भी पड़ रहा फर्क :
बारिश के कारण बाजरे की पैदावार प्रभावित हुई है और जो बाजरा मंडी पहुंच रहा है, उसे खरीदा नहीं जा रहा। जिस कारण मंडी में बाजरे की आवक भी कम है। जिससे मजदूरी का कार्य करने वाले लोगों का रोजगार भी प्रभावित हो रहा है। श्रमिकों ने बताया कि सरकारी खरीद के दौरान मंडी में करीब 200 मजदूर काम करते हैं और प्रत्येक मजदूर 1500 से 2 हजार रुपये रोजाना कमाते हैं। लेकिन इस बार करीब 40 मजदूर मंडी में है और मुश्किल से 400 से 500 रुपये प्रतिदिन कमा रहे हैं।

नारनौल मंडी में अब तक करीब 2559 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है, जिसमें से करीब 1571 क्विंटल बाजरा व्यापारियों ने ही खरीदा है। जानकारी के अनुसार अब तक नारनौल में 95, नांगल चौधरी में 16 और अटेली में 157 गेटपास जारी किए गए हैं। वहीं नारनौल में 2559, नांगल चौधरी में 493 और अटेली में 3878 सहित तीनों मंडियों में कुल 6930 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है।
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बाजरा बेचने के लिए मंडी आया था, लेकिन दोपहर तक खरीद अधिकारी बाजरा खरीदने नहीं पहुंचे तो व्यापारियों को जे फार्म के तहत अपना बाजरा बेच दिया।-सतबीर, किसान,गांव-हसनपुर
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भावांतर के तहत 575 रुपये प्राप्त करने के लिए सरकार द्वारा तय बाजार भाव से ज्यादा पर बाजरा बेचना जरूरी है। लेकिन व्यापारी सरकार द्वारा तय बाजार भाव पर बाजरा खरीद नहीं रहे। जिस कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
श्योताद सिंह, किसान,गांव मंडलाना
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बाजरे की सरकारी खरीद के दौरान पहले 1500 से दो हजार रुपये मजदूरी बन जाती थी। लेकिन बाजरे की कम आवक के कारण इस बार केवल 400 से 500 रुपये ही मजदूरी बन पा रही है।

नरेश, श्रमिक,गांव-खेतड़ी

वर्जन :
बाजरे की गुणवत्ता निर्धारित मानक से कम होने के कारण खरीद शुरू नहीं की गई है। वहीं बाजरे की जांच व खरीद के लिए अधिकारी व कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है और नियमित रूप से बाजरे की जांच की जा रही है।
प्रवीण भारद्वाज, जिला प्रबंधक, हैफेड, नारनौल।
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