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भूकंप ने उड़ाई सबकी नींद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Nov 2016 11:48 PM IST
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वीरवार तड़के करीब साढ़े चार बजे आए भूकंप ने सुबह-सुबह लोगों की नींद उड़ा दी। भूकंप से जागे लोग सुबह फिर बिस्तर पर चैन से नहीं सो पाए। लोगों को बार-बार भूकंप आने का डर सताता रहा। वहीं क्षेत्र में छह माह में तीसरी बार आए भूकंप के कारण लोग भयभीत भी हैं।
वीरवार तड़के नारनौल व आसपास के क्षेत्र में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। करीब दस से 15 सेकेंड से भी ज्यादा समय तक महसूस किए गए इन झटकों के कारण सुबह-सुबह ही लोगों की नींद उड़ गई। सुबह सवेरे आए इस भूकंप की वजह से लोग अपने घरों व कमरो से उठकर बाहर की ओर भागे। घरों से कुछ देर तक बाहर रहने के बाद लोग वापस अंदर गए।
तेज झटके किए महसूस
मोहल्ला जमालपुर के दिनेश शर्मा, सत्यवीर वर्मा, निलेश शर्मा, नई सराय के अशोक सैनी, राकेश, मनीराम, मिराजी के सुशील कुमार, विनय जिंदल, अनूप कुमार व प्रदीप आदि ने बताया कि सुबह करीब साढ़े चार बजे भूकंप के जोर के झटके लगे। उन्होंने बताया कि अचानक तेज गड़गड़ाहट के साथ पलंग कांपने लगे। जिसके कारण वे अचानक घबराकर उठ गए। उठने के बाद भी गड़गड़ाहट सुनाई दे रही थी।
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छह माह में है तीसरा झटका
छह माह के दौरान भूकंप का यह तीसरा झटका है। इससे पूर्व जुलाई व सितंबर में भी भूकंप के झटके क्षेत्र में महसूस किए गए थे। एक बार तो इसका केंद्र ही महेंद्रगढ़ के आसपास रहा।
भूकंप के लिए मनुष्य स्वयं जिम्मेदार
भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष व पूर्व प्राचार्य डा. रवींद्र यादव के अनुसार भूकंप लाने के लिए अब मानव ही स्वयं जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि हालांकि हमें डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम सेफ जोन में आते हैं। उन्होंने कहा कि पृथ्वी के नीचे विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कर विस्फोट किए जा रहे हैं। अंदर से पृथ्वी को खनन के लिए खाली किया जा रहा है। इसके लिए भी विस्फोट हो रहे हैं। दूर कहीं जब पृथ्वी के अंदर विस्फोट हो तो इसका असर अन्य खोखली जगहों पर पड़ता है। इससे अब रोज-रोज भूकंप आ रहे हैं।
महेंद्रगढ़/कनीना
वीरवार की सुबह साढे़ 4 बजे क्षेत्र में लोगों ने भूकंप के हलके झटके महसूस किए। भूकंप की तीव्रता लगभग 4.2 मापी गई है जिसका केंद्र रेवाड़ी जिले का बावल नगर रहा। भूकंप से किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई।
ग्रामीण रमेश कुमार, सुरेश कुमार, ओमप्रकाश, अनिल कुमार, मनीष ने बताया कि हम नींद में सोए हुए थे लेकिन अचानक बेड और चारपाई हिली तो वो खड़े हो गए। इसी दौरान मोर भी जोर-जोर से बोलने लगे। उन्होंने भांप लिया कि भूकंप आ रहा है परिवार सहित वो बाहर आ गए लगभग 15 सेकेंड तक भूंकप की अवधि रही।
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वीरवार तड़के नारनौल व आसपास के क्षेत्र में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। करीब दस से 15 सेकेंड से भी ज्यादा समय तक महसूस किए गए इन झटकों के कारण सुबह-सुबह ही लोगों की नींद उड़ गई। सुबह सवेरे आए इस भूकंप की वजह से लोग अपने घरों व कमरो से उठकर बाहर की ओर भागे। घरों से कुछ देर तक बाहर रहने के बाद लोग वापस अंदर गए।
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तेज झटके किए महसूस
मोहल्ला जमालपुर के दिनेश शर्मा, सत्यवीर वर्मा, निलेश शर्मा, नई सराय के अशोक सैनी, राकेश, मनीराम, मिराजी के सुशील कुमार, विनय जिंदल, अनूप कुमार व प्रदीप आदि ने बताया कि सुबह करीब साढ़े चार बजे भूकंप के जोर के झटके लगे। उन्होंने बताया कि अचानक तेज गड़गड़ाहट के साथ पलंग कांपने लगे। जिसके कारण वे अचानक घबराकर उठ गए। उठने के बाद भी गड़गड़ाहट सुनाई दे रही थी।
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छह माह में है तीसरा झटका
छह माह के दौरान भूकंप का यह तीसरा झटका है। इससे पूर्व जुलाई व सितंबर में भी भूकंप के झटके क्षेत्र में महसूस किए गए थे। एक बार तो इसका केंद्र ही महेंद्रगढ़ के आसपास रहा।
भूकंप के लिए मनुष्य स्वयं जिम्मेदार
भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष व पूर्व प्राचार्य डा. रवींद्र यादव के अनुसार भूकंप लाने के लिए अब मानव ही स्वयं जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि हालांकि हमें डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम सेफ जोन में आते हैं। उन्होंने कहा कि पृथ्वी के नीचे विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कर विस्फोट किए जा रहे हैं। अंदर से पृथ्वी को खनन के लिए खाली किया जा रहा है। इसके लिए भी विस्फोट हो रहे हैं। दूर कहीं जब पृथ्वी के अंदर विस्फोट हो तो इसका असर अन्य खोखली जगहों पर पड़ता है। इससे अब रोज-रोज भूकंप आ रहे हैं।
महेंद्रगढ़/कनीना
वीरवार की सुबह साढे़ 4 बजे क्षेत्र में लोगों ने भूकंप के हलके झटके महसूस किए। भूकंप की तीव्रता लगभग 4.2 मापी गई है जिसका केंद्र रेवाड़ी जिले का बावल नगर रहा। भूकंप से किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई।
ग्रामीण रमेश कुमार, सुरेश कुमार, ओमप्रकाश, अनिल कुमार, मनीष ने बताया कि हम नींद में सोए हुए थे लेकिन अचानक बेड और चारपाई हिली तो वो खड़े हो गए। इसी दौरान मोर भी जोर-जोर से बोलने लगे। उन्होंने भांप लिया कि भूकंप आ रहा है परिवार सहित वो बाहर आ गए लगभग 15 सेकेंड तक भूंकप की अवधि रही।