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Mahendragarh-Narnaul News: कभी पार्षदी नहीं जीते और उप राष्ट्रपति चुनाव में ताल ठोकने का कर रहे दावा
Sat, 23 Aug 2025 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 23 Aug 2025 11:58 PM IST
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महेंद्रगढ़। शेरागुवाड़ी मोहल्ले के वेदप्रकाश उर्फ पाडाराम (70) कभी पार्षद का चुनाव तक नहीं जीते। दो बार सांसद और दो बार विधायक का चुनाव लड़े और बुरी तरह हारे। अब वे सुर्खियां बंटोरने के लिए उप राष्ट्रपति चुनाव में ताल ठोकने का दावा कर रहे हैं।
शहर के बालाजी चौक पर पंसारी की दुकान चलाने वाले वेदप्रकाश दावा करते हैं उन्होंने साल 2004, 2009 व 2022 में राष्ट्रपति पद के लिए भी आवेदन किया था। अब उन्होंने 21 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए आवेदन किया है।
जब उनसे पूछा गया कि उप राष्ट्रपति चुनाव में खड़े होने के लिए 20 सांसदों का समर्थन और प्रस्तावक होना जरूरी है, आपको कितने सांसदों ने समर्थन दिया है तो वे कहने लगे सभी अर्हताएं पूरी हैं। वहीं, जब उनसे उप राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया पूछी गई तो वे ठीक से प्रक्रिया तक नहीं बता पाए। इतना बोले, 25 अगस्त को एनडीए उम्मीदवार के समर्थन में वे नामांकन वापस लेंगे।
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1977 में 5 मतों से हारे थे वार्ड पार्षद का चुनाव
वेदप्रकाश ने बताया कि साल 1977 में उन्होंने शहर के वार्ड नंबर 7 से पार्षद का चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में वे महज 5 मतों से हार गए थे। उन्होंने साल 2000 में अपनी नि:स्वार्थ सेवापार्टी का पंजीकरण कराया। इसके बाद 2004 में सांसद और विधायक का चुनाव लड़ा। 2009 में राष्ट्रपति पद के लिए आवेदन किया। इसी वर्ष विधायक और सांसद का चुनाव लड़ा लेकिन सभी में हार गए।
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शहर के बालाजी चौक पर पंसारी की दुकान चलाने वाले वेदप्रकाश दावा करते हैं उन्होंने साल 2004, 2009 व 2022 में राष्ट्रपति पद के लिए भी आवेदन किया था। अब उन्होंने 21 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए आवेदन किया है।
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जब उनसे पूछा गया कि उप राष्ट्रपति चुनाव में खड़े होने के लिए 20 सांसदों का समर्थन और प्रस्तावक होना जरूरी है, आपको कितने सांसदों ने समर्थन दिया है तो वे कहने लगे सभी अर्हताएं पूरी हैं। वहीं, जब उनसे उप राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया पूछी गई तो वे ठीक से प्रक्रिया तक नहीं बता पाए। इतना बोले, 25 अगस्त को एनडीए उम्मीदवार के समर्थन में वे नामांकन वापस लेंगे।
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1977 में 5 मतों से हारे थे वार्ड पार्षद का चुनाव
वेदप्रकाश ने बताया कि साल 1977 में उन्होंने शहर के वार्ड नंबर 7 से पार्षद का चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में वे महज 5 मतों से हार गए थे। उन्होंने साल 2000 में अपनी नि:स्वार्थ सेवापार्टी का पंजीकरण कराया। इसके बाद 2004 में सांसद और विधायक का चुनाव लड़ा। 2009 में राष्ट्रपति पद के लिए आवेदन किया। इसी वर्ष विधायक और सांसद का चुनाव लड़ा लेकिन सभी में हार गए।