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Mahendragarh-Narnaul News: प्रेशराइज्ड पाइपलाइन से बजाड़-गणियार में पहुंचेगा पानी, 3.50 करोड़ होंगे खर्च
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फोेटो 9नारनौल से गुजरती नहर।संवाद
नारनौल। अटेली के गणियार और बजाड़ गांवों में निरंतर गिर रहे जल स्तर में सुधार करने के लिए करीब 3.50 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इसके तहत अटेली माइनर के पंप हाऊस एएम -2 से 250 एमएम व्यास की पाइपलाइन बिछाकर प्रेशराइज्ड सिस्टम के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा।
अटेली माइनर के पंप हाउस एएम-2 से पाइपलाइन के जरिए गणियार और बजाड़ गांव तक दबाव प्रणाली के साथ पानी पहुंचाया जाएगा।
पाइपलाइन के बीच-बीच में आवश्यक स्थानों पर वाल्व लगाए जाएंगे जिससे जल प्रवाह को नियंत्रित किया जा सकेगा और जरूरत के अनुसार सप्लाई को सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। इससे पानी की बर्बादी भी कम होगी और साथ ही पानी की वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।
योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू गणियार गांव में रिचार्जिंग बोरवेल का निर्माण है। इसके माध्यम से अतिरिक्त पानी को जमीन में उतारा जाएगा, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा। इससे आने वाले समय में क्षेत्र के ट्यूबवेल भी बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे और जल संकट में स्थायी राहत मिलेगी। बजाड़ गांव में पारंपरिक जल स्रोतों को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया है। यहां के जोहड़ में पानी डालने के लिए अलग से पाइपलाइन डाली जाएगी, जिससे वर्षभर जल उपलब्धता बनी रहे।
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इसके अलावा बजाड़ गांव की लगभग 50 से 60 गहरी खानों में भी पानी पहुंचाने की योजना है, जिससे भूजलस्तर में भी सुधार होगा। इस समग्र योजना के लागू होने से गनियार, बजाड़ और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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अटेली माइनर के पंप हाउस एएम-2 से पाइपलाइन के जरिए गणियार और बजाड़ गांव तक दबाव प्रणाली के साथ पानी पहुंचाया जाएगा।
पाइपलाइन के बीच-बीच में आवश्यक स्थानों पर वाल्व लगाए जाएंगे जिससे जल प्रवाह को नियंत्रित किया जा सकेगा और जरूरत के अनुसार सप्लाई को सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। इससे पानी की बर्बादी भी कम होगी और साथ ही पानी की वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।
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योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू गणियार गांव में रिचार्जिंग बोरवेल का निर्माण है। इसके माध्यम से अतिरिक्त पानी को जमीन में उतारा जाएगा, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा। इससे आने वाले समय में क्षेत्र के ट्यूबवेल भी बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे और जल संकट में स्थायी राहत मिलेगी। बजाड़ गांव में पारंपरिक जल स्रोतों को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया है। यहां के जोहड़ में पानी डालने के लिए अलग से पाइपलाइन डाली जाएगी, जिससे वर्षभर जल उपलब्धता बनी रहे।
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इसके अलावा बजाड़ गांव की लगभग 50 से 60 गहरी खानों में भी पानी पहुंचाने की योजना है, जिससे भूजलस्तर में भी सुधार होगा। इस समग्र योजना के लागू होने से गनियार, बजाड़ और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।