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रैन बसेरों को लेकर नप की तैयारियां अधूरी, एक मिला बंद

Wed, 09 Dec 2020 10:38 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 09 Dec 2020 10:38 PM IST
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Nap's preparations for rain shelters incomplete, one found closed
सर्दियों में रात के समय बेसहारा और जरूरतमंदों को सोने के लिए छत की आवश्यकता महसूस होने लगी है। हालांकि अभी नगर परिषद ने शहर के दोनों रैन बसेरों को ठीक तरीके से संचालित नहीं करा रहा है। मंगलवार की रात बस स्टैंड के पास स्थित रैन बसेरा खुला मिला। जबकि अस्पताल के पास पर ताला बंद था। कोरोना काल में रैन बसेरों में सैनिटाजर और थर्मल स्कैनर का अभाव है।
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नगर परिषद ने शहर में दो जगहों पर रैन बसेरों का इंतजाम किया हुआ है ताकि जरूरतमंद को सर्दी में खुले आसमान के नीचे रात न बितानी पड़े। मंगलवार की रात नौ बजे अमर उजाला की टीम ने सरकारी अस्पताल व बस स्टैंड के पास स्थित रैन बसेरे का दौरा किया। अस्पताल के पास स्थित रैन बसेरे पर ताला बंद मिला। हालांकि अंदर लाइट जल रही थी। वहीं रैन बसेरे के नीचे एक बुजुर्ग महिला सोती हुई मिली। रैन बसेरे के बाहर भी साफ-सफाई का अभाव दिखा। दूसरी ओर बस स्टैंड के पास रैन बसेरा खुला मिला। अटेंडेंट ने बताया कि रैन बसेरे में बेड व बिस्तर समेत अन्य इंतजाम है। उन्होंने बताया कि 25 से 30 लोग सो सकते हैं। अभी करीब पांच-छह लोग रात में आते हैं। इसमें अधिकांश लेट नाइट वाले लोग ही ठहरते हैं। सेंटर पर सीसीटीवी कैमरा, आरओ, बेड व बिस्तर का इंतजाम किया हुआ है। इस साल कोरोना महामारी चल रही है। ऐसे में रैन बसेरे में ठहराने वालों की पहले थर्मल जांच की जानी चाहिए, फिर सैनिटाइज करने के बाद अंदर प्रवेश मिलना चाहिए, लेकिन अभी थर्मल स्कैनर रैन बसेरे में पर उपलब्ध नहीं हुआ है। बता दें कि नप ने साल 2015 में 40 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड व नागरिक अस्पताल के बाहर रैन बसेरों का निर्माण करवाया था। जिससे जरूरतमंदों रात में ठहरने की सुविधा मिल सके। दोनों जगहों पर पुरुष व महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। दोनों रैन बसेरों में करीब 100 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है।
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शहर में जानकारी देने वाले बैनरों का अभाव
अभी नप ने शहर में रैन बसेरों के बारे में जानकारी देने वाले बैनर या फ्लैक्स नहीं लगवाया है। इससे भी बाहर से आने वाले लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है। शहर में बस स्टैंड, महावीर चौक, हीरो होंडा चौक, राजीव चौक, रेलवे स्टेशन, आजाद चौक और निजामपुर चौक पर रैन बसेरे के बारे में जानकारी देने वाले बैनर नहीं लगे हैं।
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नप जरूरतमंद और बेसहारा लोगों के लिए बस स्टैंड व अस्पताल के पास रैन बसेरे संचालित कर रहा है। दोनों जगहों पर महिलाएं व पुरुषों के लिए रुकने की सुविधाएं उपलब्ध है। अस्पताल के रैन बसेरे पर कर्मचारी के कहीं जाने के कारण ताला बंद होगा। रात में आठ बजे से सुबह आठ बजे तक दोनों रैन बसेरों में सुविधा उपलब्ध है। जल्द ही शहर में इसे लेकर बैनर लगवाए जाएगे। बसेरे में थर्मल स्कैनर और सैनिटाइजर का भी इंतजाम कराया जाएगा। अभी कम लोग ही रैन बसेरे में रुक रहे हैं।
भारती सैनी, नप चेयरपर्सन नारनौल।
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