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मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल नहीं ट्रामा सेंटर!
नारनौल
Updated Fri, 23 May 2014 01:07 AM IST
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मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रोजेक्ट से प्रदेश सरकार ने हाथ खींच लिए हैं, जिले के लोगों को अब ट्रामा सेंटर से ही संतोष करना पड़ेगा। अफसरों का कहना है कि जो प्रोजेक्ट भेजा गया था वह मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का था और निर्माण करवा रहे ठेकेदार का कहना है कि उसे ट्रामा सेंटर का कांट्रैक्ट मिला है। प्रोजेक्ट से हाथ खींचने से एक बार फिर जिले के साथ प्रदेश सरकार के भेदभाव भरा रवैया अपनाने से लोगों में रोष है। मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण होने से लोगों को घर के नजदीक सुलभ इलाज मिलने की उम्मीद जगी थी।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नारनौल आईटीआई में एक मई 2011 में रैली में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल निर्माण करवाने की घोषणा की थी। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार ने 4.88 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। स्वास्थ्य विभाग ने हरियाणा के चीफ आर्किटेक्ट को अस्पताल भवन का नक्शा भेजा था। चीफ आर्किटेक्ट के नक्शे के अनुसार 22 हजार स्क्वायर यार्ड में फैले सामान्य अस्पताल में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए 10,045 स्क्वायर यार्ड जमीन उपलब्ध करवाई।
तोड़ी जाएगी पुरानी इमारत
नए अस्पताल को बनवाने के लिए एमएस का निवास, दो एमओएस के निवास और चिकित्सकों के छात्रावास को तोड़ा जाएगा। इसके लिए इमारत के पुराने होने का तर्क दिया गया हैं। इनके स्थान पर नए अस्पताल के साथ लगने वाले 1500 स्क्वायर यार्ड में एसएमओ के 3 और विशेषज्ञों के लिए 15 निवास बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इसके अलावा सामान्य अस्पताल के पीछे मौजूदा पोस्टमार्टम कक्ष के स्थान पर पोस्टमार्टम यूनिट का भी निर्माण कराया जाएगा।
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प्रदेश सरकार से अब उन्हें ट्रामा सेंटर का निर्माण करवाने के निर्देश मिले हैं। सरकार के निर्देशानुसार ट्रामा सेंटर के भवन का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। शीघ्र ही निर्माण का कार्य पूरा कर स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा। - भूपेंद्र सिंह कांट्रैक्टर रोहतक
जो प्रपोजल तैयार करके भेजा गया था वह मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का था। अब निर्माण ट्रामा सेंटर का हो रहा है इसकी जानकारी नहीं है। निर्माण पूरा हो जाने और विभाग को सपुर्द करने के बाद ही बताया जा सकता है कि इसे क्या दर्जा दिया गया है। - डा. गुलशन अरोड़ा, सीएमओ
कुछ ऐसा था तैयार प्रपोजल
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नए बनने वाले अस्पताल की इमारत तीन मंजिला होगी। इसमें लिफ्ट और रैंप दोनों प्रकार की सुविधाएं होंगी। भूतल पर रिसेप्शन और पूछताछ काउंटर और 15 कमरों सहित ओपीडी ब्लॉक होगा। 10 कमरों में 3 और अन्य 5 कमरों में दो विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। डायगभनोस्टिक यूनिट में एक ईसीजी मशीन कक्ष, एक डिजिटल एक्स-रे मशीन कक्ष, एक यूएसजी मशीन कक्ष, एक रंगीन डोपलर मशीन कक्ष, एक ओडियोमेट्री कक्ष, एक स्पायरोमैट्री कक्ष और एक सिटी स्कैन कक्ष का निर्माण प्रस्तावित है। पूर्णतया आधुनिक पैथोलॉजिकल लैब और माइक्रो बायलॉजिकल लैब, फार्मेसी, इंजेक्शन के साथ ड्रेसिंग रूम शामिल हैं।
पहली मंजिल पर ओटी, दूसरी पर वार्ड
पहली मंजिल पर ओटी ब्लॉक बनाया जाएगा। इसमें एक जनरल ओटी, एक गायनी ओटी, ओबीएसटी ओटी, एक ऑर्थो ओटी, एक आई ओटी और एक ईएनटी ओटी और साथ ही मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के ऑफिस का निर्माण प्रस्तावित है। दूसरी मंजिल पर दो वार्ड बनाने की योजना है। इसमें एक ऑर्थो, दूसरा बर्न वार्ड है और साथ ही ब्लड बैंक भी प्रस्तावित है।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नारनौल आईटीआई में एक मई 2011 में रैली में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल निर्माण करवाने की घोषणा की थी। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार ने 4.88 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। स्वास्थ्य विभाग ने हरियाणा के चीफ आर्किटेक्ट को अस्पताल भवन का नक्शा भेजा था। चीफ आर्किटेक्ट के नक्शे के अनुसार 22 हजार स्क्वायर यार्ड में फैले सामान्य अस्पताल में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए 10,045 स्क्वायर यार्ड जमीन उपलब्ध करवाई।
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तोड़ी जाएगी पुरानी इमारत
नए अस्पताल को बनवाने के लिए एमएस का निवास, दो एमओएस के निवास और चिकित्सकों के छात्रावास को तोड़ा जाएगा। इसके लिए इमारत के पुराने होने का तर्क दिया गया हैं। इनके स्थान पर नए अस्पताल के साथ लगने वाले 1500 स्क्वायर यार्ड में एसएमओ के 3 और विशेषज्ञों के लिए 15 निवास बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इसके अलावा सामान्य अस्पताल के पीछे मौजूदा पोस्टमार्टम कक्ष के स्थान पर पोस्टमार्टम यूनिट का भी निर्माण कराया जाएगा।
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प्रदेश सरकार से अब उन्हें ट्रामा सेंटर का निर्माण करवाने के निर्देश मिले हैं। सरकार के निर्देशानुसार ट्रामा सेंटर के भवन का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। शीघ्र ही निर्माण का कार्य पूरा कर स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा। - भूपेंद्र सिंह कांट्रैक्टर रोहतक
जो प्रपोजल तैयार करके भेजा गया था वह मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का था। अब निर्माण ट्रामा सेंटर का हो रहा है इसकी जानकारी नहीं है। निर्माण पूरा हो जाने और विभाग को सपुर्द करने के बाद ही बताया जा सकता है कि इसे क्या दर्जा दिया गया है। - डा. गुलशन अरोड़ा, सीएमओ
कुछ ऐसा था तैयार प्रपोजल
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नए बनने वाले अस्पताल की इमारत तीन मंजिला होगी। इसमें लिफ्ट और रैंप दोनों प्रकार की सुविधाएं होंगी। भूतल पर रिसेप्शन और पूछताछ काउंटर और 15 कमरों सहित ओपीडी ब्लॉक होगा। 10 कमरों में 3 और अन्य 5 कमरों में दो विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। डायगभनोस्टिक यूनिट में एक ईसीजी मशीन कक्ष, एक डिजिटल एक्स-रे मशीन कक्ष, एक यूएसजी मशीन कक्ष, एक रंगीन डोपलर मशीन कक्ष, एक ओडियोमेट्री कक्ष, एक स्पायरोमैट्री कक्ष और एक सिटी स्कैन कक्ष का निर्माण प्रस्तावित है। पूर्णतया आधुनिक पैथोलॉजिकल लैब और माइक्रो बायलॉजिकल लैब, फार्मेसी, इंजेक्शन के साथ ड्रेसिंग रूम शामिल हैं।
पहली मंजिल पर ओटी, दूसरी पर वार्ड
पहली मंजिल पर ओटी ब्लॉक बनाया जाएगा। इसमें एक जनरल ओटी, एक गायनी ओटी, ओबीएसटी ओटी, एक ऑर्थो ओटी, एक आई ओटी और एक ईएनटी ओटी और साथ ही मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के ऑफिस का निर्माण प्रस्तावित है। दूसरी मंजिल पर दो वार्ड बनाने की योजना है। इसमें एक ऑर्थो, दूसरा बर्न वार्ड है और साथ ही ब्लड बैंक भी प्रस्तावित है।