{"_id":"6a0dffcede15846a7e0d7fba","slug":"mercury-crosses-45-silence-descends-upon-markets-and-streets-narnol-news-c-203-1-sroh1010-126647-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: पारा 45 पार...बाजारों और सड़कों पर पसरा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: पारा 45 पार...बाजारों और सड़कों पर पसरा सन्नाटा
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। जिले में बुधवार को दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया जबकि रात को भी लू से राहत नहीं मिली। सुबह आठ बजे के बाद ही तेज धूप और लू के थपेड़े शुरू हो गए जिससे दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
गर्मी का असर अब खेती और सब्जी उत्पादन पर भी दिखाई देने लगा है। दिनभर चलने वाली लू से खेतों में खड़ी सब्जियां व पशुचारा भी झुलसने लगा है। विशेष रूप से टमाटर, मिर्च, लौकी व खीरा, तरबूज, ग्वार, पेठा जैसी फसलों पर गर्मी का असर अधिक पड़ रहा है।
किसानों के लिए विशेषकर बेल वाली सब्जियों को बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। आशंका है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को इंटरवेल इरिगेशन तकनीक अपनाने की सलाह दी है।
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार कम अंतराल पर हल्की सिंचाई करने से फसलों में नमी बनी रहती है और तेज गर्मी से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। इसके साथ ही खेतों में मल्चिंग और शाम के समय सिंचाई करने की भी सलाह दी गई है।
उधर, बढ़ते तापमान का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। लगातार बढ़ रहे लोड और गर्मी के कारण कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों से धुआं उठने की घटनाएं सामने आई हैं। बिजली उपकरण गर्म होने से अघोषित कटों की संख्या भी बढ़ गई है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने नागरिकों को दोपहर के समय घरों से बाहर नहीं निकलने, अधिक पानी पीने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना बनी हुई है।
विज्ञापन
गर्मी का असर अब खेती और सब्जी उत्पादन पर भी दिखाई देने लगा है। दिनभर चलने वाली लू से खेतों में खड़ी सब्जियां व पशुचारा भी झुलसने लगा है। विशेष रूप से टमाटर, मिर्च, लौकी व खीरा, तरबूज, ग्वार, पेठा जैसी फसलों पर गर्मी का असर अधिक पड़ रहा है।
विज्ञापन
किसानों के लिए विशेषकर बेल वाली सब्जियों को बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। आशंका है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को इंटरवेल इरिगेशन तकनीक अपनाने की सलाह दी है।
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार कम अंतराल पर हल्की सिंचाई करने से फसलों में नमी बनी रहती है और तेज गर्मी से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। इसके साथ ही खेतों में मल्चिंग और शाम के समय सिंचाई करने की भी सलाह दी गई है।
उधर, बढ़ते तापमान का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। लगातार बढ़ रहे लोड और गर्मी के कारण कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों से धुआं उठने की घटनाएं सामने आई हैं। बिजली उपकरण गर्म होने से अघोषित कटों की संख्या भी बढ़ गई है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने नागरिकों को दोपहर के समय घरों से बाहर नहीं निकलने, अधिक पानी पीने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना बनी हुई है।