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हड़ताल: 323 दवा विक्रेताओं ने बंद रखे स्टोर
नारनौल/महेंद्रगढ़
Updated Thu, 15 Oct 2015 12:09 AM IST
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केंद्र सरकार के ई फार्मेसी बिल लाने के विरोध में जिले के दवा विक्रेताओं ने बुधवार को मेडिकल स्टोर बंद रखकर विरोध जताया। जिले में 323 दवा की दुकानें बंद रहीं। इससे दवाइयों के लिए मरीजों और उनके तीमारदारों को यहां-वहां भटकना पड़ा। हड़ताल पर गए दवा विक्रेताओं ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम एक ज्ञापन लघु सचिवालय में सौंपा। थोड़ी राहत की बात यह रही कि निजी अस्पताल, नर्सिंग होम वगैरह में मेडिकल स्टोर खुले रहे। हड़ताल से डेढ़ करोड़ का कारोबार भी प्रभावित हुआ।
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दवा विक्रेता यूनियन के प्रधान तुलसीराम गोयल ने बताया कि केंद्र सरकार के पास ई फार्मेसी बिल प्रस्तावित है और इसके लिए सरकार ने एक कमेटी का गठन कर दिया है। अगर यह बिल पास हो गया तो कोई भी व्यक्ति आनलाइन दवा का ऑर्डर देकर मंगवा सकेगा। इस बिल के लागू होने से देश में बेरोजगारी बढ़ेगी और दवाओं की गुणवत्ता भी गिरेगी। इस बिल से देशवासियों को आर्थिक नुकसान भी होगा। आन लाइन दवा खरीदने से पैसा विदेशों में जाएगा और वहां का राजस्व ही बढ़ेगा। इससे होलसेल एवं रिटेल का काम प्रभावित होगा। दवा विक्रेताओं ने हड़ताल के मद्देनजर बुधवार को लघु सचिवालय जाकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा और ई फार्मेसी बिल प्रक्रिया को रद करने की मांग की। इस मौके पर संदीप शांडिल्य, तुलसीराम गोयल, राजेश यादव, नरेंद्र यादव, संजय, राजेश कुमार यादव, रवि बंसल, प्रमोद संघी, शिव कुमार गोयल आदि रहे।
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अटेली के दवा विक्रेता भी रहे हड़ताल पर
मंडी अटेली। सरकार के नई कार्यप्रणाली के विरोध में मेडिकल स्टोरों को आनलाइन से जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर कस्बे के दवा विक्रेता बुधवार को हड़ताल पर रहे। इससे आम नागरिक को भारी परेशानी से गुजरना पड़ा। मेडिकल स्टोर के संचालकों ने एक समूह में आनलाइन प्रक्रिया का विरोध जताते हुए दुकानें बंद रखी। कस्बे के अलावा दूर-दराज गांव से आने वाले रोगियों को जब मेडिकल स्टोर बंद नजर आए तो परेशानी में डूब गए। निजी चिकित्सकों और अस्पताल संचालकों ने रोगियों की जांच तो की लेकिन दवाई न मिलने पर बिना दवाई के ही घर वापस जाना पड़ा।
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निजी अस्पतालों में मिली दवाई
नांगल चौधरी। केमिस्टों की हड़ताल का असर नांगल चौधरी में दिखाई नहीं दिया। मरीजों को अस्पतालों के अंदर दवाई उपलब्ध हो गई। कुलदीप, मनबीर, अशोक, सतबीर, सुनील ने बताया कि केमिस्ट दुकानों की हड़ताल के संदर्भ में उन्हें जानकारी नहीं थी। बुधवार सुबह विभिन्न बीमारियों का इलाज करवाने नांगल चौधरी पहुंचे थे। जांच के बाद चिकित्सक ने निजी स्टोर से दवाई मुहैया करवा दी।