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Mahendragarh-Narnaul News: मानव और जीव कल्याण की कामना को लेकर महंत शक्तिनाथ ने शुरू की 21 दिवसीय 21 धूनी तपस्या
Tue, 28 May 2024 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 28 May 2024 12:15 AM IST
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गांव सिसोठ में तपस्या करतीं महंत शक्तिनाथ महाराज। संवाद
महेंद्रगढ़। मानव एवं जीवन कल्याण की कामना को लेकर क्षेत्र के प्रसिद्ध मां भूरा भवानी धाम सिसोठ में महंत शक्तिनाथ की ओर से भीषण गर्मी के बीच सोमवार को 21 दिवसीय 21 धूनी तपस्या शुरू की गई। महंत शक्तिनाथ के साथ ग्रामीण श्रद्धालुओं ने सुबह पूजा-अर्चना कर तपस्या शुरू की गई।
महंत शक्तिनाथ प्रतिदिन सुबह के समय हवन के उपरांत 11 बजे से दोपहर एक बजे तक उपलों से बनाई गई 21 धुनी में अग्नि प्रज्वलित करके तपस्या करेगी। 16 जून को हवन व कीर्तन के साथ तपस्या पूर्ण की जाएगी।
महंज शक्तिनाथ का कहना है कि स्वयं को कष्ट देकर मानव एवं जीव कल्याण की कामना करना संतों की प्रवृत्ति है। प्राचीन समय से ही संतों द्वारा तपस्या की जा रही है। वह वर्ष में दो बार विशेष तपस्या करती हैं। सर्दी के मौसम में 108 मटकों के जल से शीतधारा स्नान व गर्मी के मौसम में 21 दिवसीय 21 धूनी तपस्या करती हैं। मानव कल्याण की कामना को लेकर हवन व तपस्या करना संत प्रवृत्ति होती है।
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महंत शक्तिनाथ प्रतिदिन सुबह के समय हवन के उपरांत 11 बजे से दोपहर एक बजे तक उपलों से बनाई गई 21 धुनी में अग्नि प्रज्वलित करके तपस्या करेगी। 16 जून को हवन व कीर्तन के साथ तपस्या पूर्ण की जाएगी।
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महंज शक्तिनाथ का कहना है कि स्वयं को कष्ट देकर मानव एवं जीव कल्याण की कामना करना संतों की प्रवृत्ति है। प्राचीन समय से ही संतों द्वारा तपस्या की जा रही है। वह वर्ष में दो बार विशेष तपस्या करती हैं। सर्दी के मौसम में 108 मटकों के जल से शीतधारा स्नान व गर्मी के मौसम में 21 दिवसीय 21 धूनी तपस्या करती हैं। मानव कल्याण की कामना को लेकर हवन व तपस्या करना संत प्रवृत्ति होती है।
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