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Mahendragarh-Narnaul News: लुवास के पशु चिकित्सालय और विज्ञान केंद्र के इसी माह शुरू होने की उम्मीद
Wed, 05 Mar 2025 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 05 Mar 2025 12:36 AM IST
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महेंद्रगढ़। पांच सालों ने अधर में लटके लुवास के गांव रिवासा में बने पशु विज्ञान केंद्र और पशु चिकित्सालय का नया भवन इसी माह शुरू होने की उम्मीद जगी है।
मंगलवार को लुवास के अधिकारियों की टीम ने लोक निर्माण विभाग की टीम के साथ निरीक्षण किया। भवन में पाई गई खामियों को दूर करने के आदेश दिए गए। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान केंद्र के शुरू होने से दक्षिणी हरियाणा के छह जिलों के साथ-साथ राजस्थान के तीन जिलों के पशु पालकों को इसका लाभ मिलेगा।
तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने वर्ष 2016 में महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में लुवास के गांव रिवासा में केंद्र का शिलान्यास किया था। मार्च 2018 में तत्कालीन शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। प्रथम चरण में लुवास की ओर से 7.40 करोड़ रुपये की राशि लोक निर्माण विभाग के खाते में डाली गई थी। मार्च 2018 में शुरू हुआ काम दिसंबर 2020 में पूरा होना था, लेकिन कोरोना के कारण इसकी समय सीमा बढ़ा दी।
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फरवरी 2022 में इसका 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। दो साल से काम बंद होने के कारण चारों भवनों की दीवारों में दरारें आनी शुरू हो गई थीं। इसके बाद फिर से लुवास ने इसकी सुध ली और 1.50 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति देकर इसका निर्माण पुन: शुरू कराया। तीन माह पूर्व फिर से निर्माण के अंतिम चरण के कार्य को भी पूरा करा दिया। इस भवन पर करीब 11 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
टीम में लुवास के संपदा अधिकारी डॉ. सज्जन सिहाग, निदेशक शोध डॉ. नरेश जिंदल, इंजीनियर इन चीफ अशोक मलिक, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आनंद पांडेय शामिल थे। वहीं लोक निर्माण विभाग के अभियंता अश्वनी कुमार, जेई अनिल कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे।
इंसेट
हरियाणा के साथ राजस्थान के पशुपालकों को मिलेगा लाभ
छह साल से गांव रिवासा के पंचायत घर में चल रहा केंद्र अपने भवन में शुरू होने के बाद नारनौल-महेंद्रगढ़ के अलावा प्रदेश के भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, मेवात व राजस्थान प्रदेश के साथ लगते जिला झुंझुनू, अलवर, कोटपुतली-बहरोड़, सीकर आदि जिलों के पशुपालकों के लिए वरदान साबित होगी। यहां पर पशुओं के बड़े आपरेशन, सर्जरी, नए शोध, पशु पालन की नई तकनीक की जानकारी, जागरूकता शिविर, मूल्य संवर्धन उत्पादन, पशुओं के अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, चिकित्सा सुविधाएं, मोबाइल वैन सहित अन्य प्रकार की सुविधाएं मिल सकेंगी।
इंसेअ
पंचायत घर में चल रहा था केंद्र
पंचायत ने मार्च 2018 में एक साल का एग्रीमेंट कर लुवास के पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान केंद्र को पंचायत घर में शुरू कराया था। इसके बाद पंचायत की ओर से न ही तो एग्रीमेंट को बढ़ाया गया और न ही पंचायत घर को खाली कराया गया। छह साल से सुविधाओं के अभाव में तैनात चिकित्सक एवं वैज्ञानिक भी परेशानी उठाने को मजबूर हैं।
- वर्जन
लुवास का हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र का काम पूरा हो चुका है। लुवास की टीम की ओर से निरीक्षण किया गया है। कुछ जगहों पर शीशे लगाने, रंग पेंट का काम व अन्य सुविधाओं के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया है। आश्वासन मिला है कि जल्द खामियां दूर करा दी जाएंगी। जल्द ही इस भवन में शिफ्ट कर काम शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. नरेश जिंदल, निदेशक शोध, लुवास हिसार।
वर्जन:
इस भवन का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। लुवास की टीम की बताई गई खामियों को भी शीघ्रता से दूर कराया जाएगा। लुवास की ओर से जो निर्देश मिले उसी हिसाब से भवन का निर्माण पूरा किया गया है। - अश्वनी कुमार, अभियंता लोक निर्माण विभाग जिला महेंद्रगढ़।
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मंगलवार को लुवास के अधिकारियों की टीम ने लोक निर्माण विभाग की टीम के साथ निरीक्षण किया। भवन में पाई गई खामियों को दूर करने के आदेश दिए गए। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान केंद्र के शुरू होने से दक्षिणी हरियाणा के छह जिलों के साथ-साथ राजस्थान के तीन जिलों के पशु पालकों को इसका लाभ मिलेगा।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने वर्ष 2016 में महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में लुवास के गांव रिवासा में केंद्र का शिलान्यास किया था। मार्च 2018 में तत्कालीन शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। प्रथम चरण में लुवास की ओर से 7.40 करोड़ रुपये की राशि लोक निर्माण विभाग के खाते में डाली गई थी। मार्च 2018 में शुरू हुआ काम दिसंबर 2020 में पूरा होना था, लेकिन कोरोना के कारण इसकी समय सीमा बढ़ा दी।
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फरवरी 2022 में इसका 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। दो साल से काम बंद होने के कारण चारों भवनों की दीवारों में दरारें आनी शुरू हो गई थीं। इसके बाद फिर से लुवास ने इसकी सुध ली और 1.50 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति देकर इसका निर्माण पुन: शुरू कराया। तीन माह पूर्व फिर से निर्माण के अंतिम चरण के कार्य को भी पूरा करा दिया। इस भवन पर करीब 11 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
टीम में लुवास के संपदा अधिकारी डॉ. सज्जन सिहाग, निदेशक शोध डॉ. नरेश जिंदल, इंजीनियर इन चीफ अशोक मलिक, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आनंद पांडेय शामिल थे। वहीं लोक निर्माण विभाग के अभियंता अश्वनी कुमार, जेई अनिल कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे।
इंसेट
हरियाणा के साथ राजस्थान के पशुपालकों को मिलेगा लाभ
छह साल से गांव रिवासा के पंचायत घर में चल रहा केंद्र अपने भवन में शुरू होने के बाद नारनौल-महेंद्रगढ़ के अलावा प्रदेश के भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, मेवात व राजस्थान प्रदेश के साथ लगते जिला झुंझुनू, अलवर, कोटपुतली-बहरोड़, सीकर आदि जिलों के पशुपालकों के लिए वरदान साबित होगी। यहां पर पशुओं के बड़े आपरेशन, सर्जरी, नए शोध, पशु पालन की नई तकनीक की जानकारी, जागरूकता शिविर, मूल्य संवर्धन उत्पादन, पशुओं के अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, चिकित्सा सुविधाएं, मोबाइल वैन सहित अन्य प्रकार की सुविधाएं मिल सकेंगी।
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पंचायत घर में चल रहा था केंद्र
पंचायत ने मार्च 2018 में एक साल का एग्रीमेंट कर लुवास के पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान केंद्र को पंचायत घर में शुरू कराया था। इसके बाद पंचायत की ओर से न ही तो एग्रीमेंट को बढ़ाया गया और न ही पंचायत घर को खाली कराया गया। छह साल से सुविधाओं के अभाव में तैनात चिकित्सक एवं वैज्ञानिक भी परेशानी उठाने को मजबूर हैं।
- वर्जन
लुवास का हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र का काम पूरा हो चुका है। लुवास की टीम की ओर से निरीक्षण किया गया है। कुछ जगहों पर शीशे लगाने, रंग पेंट का काम व अन्य सुविधाओं के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया है। आश्वासन मिला है कि जल्द खामियां दूर करा दी जाएंगी। जल्द ही इस भवन में शिफ्ट कर काम शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. नरेश जिंदल, निदेशक शोध, लुवास हिसार।
वर्जन:
इस भवन का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। लुवास की टीम की बताई गई खामियों को भी शीघ्रता से दूर कराया जाएगा। लुवास की ओर से जो निर्देश मिले उसी हिसाब से भवन का निर्माण पूरा किया गया है। - अश्वनी कुमार, अभियंता लोक निर्माण विभाग जिला महेंद्रगढ़।