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Mahendragarh-Narnaul News: भगवान राम ने बाली का किया वध, सुग्रीव को लगाया गले
Thu, 10 Oct 2024 02:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 10 Oct 2024 02:07 AM IST
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फोटो नंबर-15चांदुवाड़ा की रामलीला में हनुमानजी राम-लक्ष्मण को कंधे पर बैठाकर ले जाने की लीला
नारनौल। श्री धार्मिक रामलीला ट्रस्ट चांदुवाडा के रंगमंच पर रात राम सुग्रीव मित्रता व बाली वध की लीला का सुंदर मंचन किया गया। रामलीला का शुभारंभ मुख्यअतिथि पहुंचे कोलकाता से विनोद मित्तल, संतोष देवी व गंगाधर गोयल ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
मंचन के दौरान माता सीता की खोज करते हुए प्रभु राम व लक्ष्मण वानर राज सुग्रीव से मिलने ऋषिमूक पर्वत पर जाते हैं। जहां सुग्रीव से मुलाकात से पूर्व श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमान प्रभु राम व लखन से मुलाकात कर उनकी हकीकत जानते हैं और अपने प्रभु श्रीराम से मिलने के बाद आत्म विभोर हो जाते हैं। इसके बाद हनुमान दोनों भाइयों को अपने कंधों पर बैठाकर वानर राज सुग्रीव के पास ऋषिमूक पर्वत पर ले जाते हैं और उनकी मित्रता करवाते हैं। तब राम और सुग्रीव दोनों अपनी अपनी व्यथा एक दूसरे से सांझा करते हैं। राम सुग्रीव को सीता हरण के बारे में जानकारी देते हैं, तब सुग्रीव कहते हैं कि उन्होंने आकाश मार्ग से एक राक्षस को जबरदस्ती ले जाते हुए देखा था, तब उस स्त्री ने अपने कुछ गहने निकाल कर वहां फेंके थे। तब सुग्रीव वो गहने राम को दिखाते हैं और राम माता सीता के गहने देख भावुक हो जाते हैं।
सुग्रीव भगवान राम को बताते हैं कि उनके बडे़ भाई अति बलशाली बाली ने उनकी पत्नी को जबरदस्ती अपने पास रखकर उन्हें महल से निकाल दिया है। तब श्रीराम के कहने पर सुग्रीव किष्किंधा नगरी जाकर बाली को युद्ध के लिए ललकारते हैं, जिसे सुनकर बाली युद्ध के लिए आता है और राम के बाण का निशाना बन जाता हैं। तब बाली राम से इस प्रकार छुप कर अपना वध करने का कारण पूछते हैं, तो श्रीराम बताते हैं कि तुमने बलपूर्वक अपने छोटे भाई की पत्नी को अपने पास रखा और भाई को राज्य विहीन कर दिया। अत: इस घोर पाप का परिणाम तो भोगना ही था। रामलीला ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष जगदीश भारद्वाज ने बताया कि दीपक हरित ने राम, शुभम वर्मा ने लक्ष्मण, तरुण सोनी ने हनुमान, मोहित सोनी ने सुग्रीव, दिनेश सैनी ने तारा, बलवंत सैनी ने बाली, अंशुल हरित ने अंगद के किरदारों में अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों की भरपूर तालियां बटोरीं।
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मंचन के दौरान माता सीता की खोज करते हुए प्रभु राम व लक्ष्मण वानर राज सुग्रीव से मिलने ऋषिमूक पर्वत पर जाते हैं। जहां सुग्रीव से मुलाकात से पूर्व श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमान प्रभु राम व लखन से मुलाकात कर उनकी हकीकत जानते हैं और अपने प्रभु श्रीराम से मिलने के बाद आत्म विभोर हो जाते हैं। इसके बाद हनुमान दोनों भाइयों को अपने कंधों पर बैठाकर वानर राज सुग्रीव के पास ऋषिमूक पर्वत पर ले जाते हैं और उनकी मित्रता करवाते हैं। तब राम और सुग्रीव दोनों अपनी अपनी व्यथा एक दूसरे से सांझा करते हैं। राम सुग्रीव को सीता हरण के बारे में जानकारी देते हैं, तब सुग्रीव कहते हैं कि उन्होंने आकाश मार्ग से एक राक्षस को जबरदस्ती ले जाते हुए देखा था, तब उस स्त्री ने अपने कुछ गहने निकाल कर वहां फेंके थे। तब सुग्रीव वो गहने राम को दिखाते हैं और राम माता सीता के गहने देख भावुक हो जाते हैं।
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सुग्रीव भगवान राम को बताते हैं कि उनके बडे़ भाई अति बलशाली बाली ने उनकी पत्नी को जबरदस्ती अपने पास रखकर उन्हें महल से निकाल दिया है। तब श्रीराम के कहने पर सुग्रीव किष्किंधा नगरी जाकर बाली को युद्ध के लिए ललकारते हैं, जिसे सुनकर बाली युद्ध के लिए आता है और राम के बाण का निशाना बन जाता हैं। तब बाली राम से इस प्रकार छुप कर अपना वध करने का कारण पूछते हैं, तो श्रीराम बताते हैं कि तुमने बलपूर्वक अपने छोटे भाई की पत्नी को अपने पास रखा और भाई को राज्य विहीन कर दिया। अत: इस घोर पाप का परिणाम तो भोगना ही था। रामलीला ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष जगदीश भारद्वाज ने बताया कि दीपक हरित ने राम, शुभम वर्मा ने लक्ष्मण, तरुण सोनी ने हनुमान, मोहित सोनी ने सुग्रीव, दिनेश सैनी ने तारा, बलवंत सैनी ने बाली, अंशुल हरित ने अंगद के किरदारों में अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों की भरपूर तालियां बटोरीं।
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