{"_id":"61e9a548ef75d9484f793b1f","slug":"lion-seen-in-nangal-chaudhary-s-village-dhanauta-and-maroli-narnol-news-rtk6362629160","type":"story","status":"publish","title_hn":"नांगल चौधरी के गांव धानौता एवं मारोली में देखा गया शेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नांगल चौधरी के गांव धानौता एवं मारोली में देखा गया शेर
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नांगल चौधरी क्षेत्र में बब्बर शेर देखे जाने की सूचना तेजी से फैल रही है। इसमें ग्रामीणों ने अलग-अलग तरह की बात बताई है। एक-दो ग्रामीणों ने शेर देखे जाने का दावा किया है। दो-तीन दिन पहले यह कथित शेर रात लगभग 10.30 बजे धानौता एवं मारोली के पास एक व्यक्ति द्वारा देखा गया था। व्यक्ति ने उसकी फोटो भी खींची है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। गांव मारोली में घर के अंदर घूस कर गाय के गुदे पर पंजा भी मारा है। इसके अलावा मंगलवार की शाम को खेत में एक व्यक्ति ने अंधेरे में भागते हुए शेर देखा है। इसके अलावा खेतों में पंजे के निशान भी देखे गए हैं। वहीं अभी तक जीव जंतु विभाग को इस मामले की जानकारी तक नहीं है।
ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि रात को लाइट आती है लेकिन कोई किसान अब जंगली जानवर के डर से पानी देने के लिए नहीं जाता और न ही महिलाएं पशुओं के लिए घास लेने जा रहीं। ग्रामीणों ने जीव जंतु विभाग से गुहार लगाई है कि वो इस जंगली जानवर को पकड़े ताकि ग्रामीणों का भय खत्म हो। वहीं वन विभाग के निरीक्षक चरण सिंह इसको झूठा बता रहे हैं। उनका कहना है कि बब्बर शेर केवल गुजरात के गिरी में ही पाए जाते हैं।
कार्यक्रम में गया तो रास्ते में देखा
प्रदीप गुर्जर निवासी गांव धानौता ने बताया कि वह दो-तीन दिन पहले गांव कारोली में एक कुआं पूजन कार्यक्रम में गया था। उस दिन वह कार्यक्रम में लेट हो गया था। रात लगभग साढ़े दस बजे वह कार से अकेला घर के लिए चला था। धानोता एवं मारोली के बीच एक होटल पड़ता है। उसके पास ही शेर खड़ा था। उसने शेर को देखकर गाड़ी रोक ली और जूम कर फोटो खींच ली। वह तुरंत वहीं से गाड़ी को वापस लेकर दूसरे रास्ते से चला गया।
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जंगली जानवर तेजी से दौड़ता हुआ देखा
राजबीर निवासी मारोली ने बताया कि वह मंगलवार की शाम सात बजे खेत में किसी काम से गया था। उसी दौरान अचानक एक जंगली जानवर तेजी से खेत में दौड़ता हुआ गया। उसने 50 मीटर की दूरी पर उस जंगली जानवर को देखा है। मिट्टी का कलर भी बताया। इसके बाद वह तुरंत वापस घर आ गया और यहां लोगों को इनकी जानकारी दी।
गाय को मारा पंजा
गांव मारोली निवासी घनश्याम शर्मा ने बताया कि शेर तो नहीं देखा लेकिन गाय को गुद्दा के पास मंगलवार रात ढाई बजे पंजा और झाड़ मार गया है। गाय अंदर प्लाट में टीन शेड के नीचे बंधी हुई थी। जमीन पर उसके पंजे के निशान भी हैं। गांव के एक अन्य युवक ने भी शेर देखा है। अब गाय का इलाज करवा रहे हैं। इसके बारे में नहीं बता सकते हैं कि कौन सा जानवर है लेकिन गांव में जंगली जानवर अवश्य है।
कुछ दिन पहले 30 भेड़ बकरियों को मारा था जंगली जानवर ने
गांव धानोता में कुछ दिन पहले एक जंगली जानवर ने दो अलग-अलग भेड़ बकरियों के बाड़े में घूस कर हमला किया था। जंगली जानवर ने 30 भेड़ बकरियों को खाकर मौत के घाट उतार दिया था। लगभग 15 भेड़ बकरियों को घायल कर दिया। सूचना पाकर जीवन जंतु विभाग भी मौके पर गया था जहां से उसने जंगली जानवर के पंजे के निशान उठाए थे। जीव जंतु विभाग ने पंजे को देखकर जरख का अंदाजा लगाया था। अभी तक वह जंगली जानवर नहीं मिला है।
अरावली की पहाड़ियों में मिलते है जंगली जानवर
बता दें कि नांगल चौधरी क्षेत्र अरावली की पहाड़ियों से घिरा हुआ है। इन पहाड़ियों में तेंदुआ, जरख, लोमड़ी, नील गाय और हिरण आदि पाए जाते हैं। एक महीने पहले दौखेरा गांव में एक तेंदुआ का ढाई से तीन महीने का बच्चा मिला था। यह बच्चा बाद में जीव जंतु विभाग ने रोहतक जू में छोड़कर आए थे। दो वर्ष पहले नांगल चौधरी तेंदुआ की रोडवेज बस के नीचे आने से मौत हो गई थी।
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ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि रात को लाइट आती है लेकिन कोई किसान अब जंगली जानवर के डर से पानी देने के लिए नहीं जाता और न ही महिलाएं पशुओं के लिए घास लेने जा रहीं। ग्रामीणों ने जीव जंतु विभाग से गुहार लगाई है कि वो इस जंगली जानवर को पकड़े ताकि ग्रामीणों का भय खत्म हो। वहीं वन विभाग के निरीक्षक चरण सिंह इसको झूठा बता रहे हैं। उनका कहना है कि बब्बर शेर केवल गुजरात के गिरी में ही पाए जाते हैं।
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कार्यक्रम में गया तो रास्ते में देखा
प्रदीप गुर्जर निवासी गांव धानौता ने बताया कि वह दो-तीन दिन पहले गांव कारोली में एक कुआं पूजन कार्यक्रम में गया था। उस दिन वह कार्यक्रम में लेट हो गया था। रात लगभग साढ़े दस बजे वह कार से अकेला घर के लिए चला था। धानोता एवं मारोली के बीच एक होटल पड़ता है। उसके पास ही शेर खड़ा था। उसने शेर को देखकर गाड़ी रोक ली और जूम कर फोटो खींच ली। वह तुरंत वहीं से गाड़ी को वापस लेकर दूसरे रास्ते से चला गया।
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जंगली जानवर तेजी से दौड़ता हुआ देखा
राजबीर निवासी मारोली ने बताया कि वह मंगलवार की शाम सात बजे खेत में किसी काम से गया था। उसी दौरान अचानक एक जंगली जानवर तेजी से खेत में दौड़ता हुआ गया। उसने 50 मीटर की दूरी पर उस जंगली जानवर को देखा है। मिट्टी का कलर भी बताया। इसके बाद वह तुरंत वापस घर आ गया और यहां लोगों को इनकी जानकारी दी।
गाय को मारा पंजा
गांव मारोली निवासी घनश्याम शर्मा ने बताया कि शेर तो नहीं देखा लेकिन गाय को गुद्दा के पास मंगलवार रात ढाई बजे पंजा और झाड़ मार गया है। गाय अंदर प्लाट में टीन शेड के नीचे बंधी हुई थी। जमीन पर उसके पंजे के निशान भी हैं। गांव के एक अन्य युवक ने भी शेर देखा है। अब गाय का इलाज करवा रहे हैं। इसके बारे में नहीं बता सकते हैं कि कौन सा जानवर है लेकिन गांव में जंगली जानवर अवश्य है।
कुछ दिन पहले 30 भेड़ बकरियों को मारा था जंगली जानवर ने
गांव धानोता में कुछ दिन पहले एक जंगली जानवर ने दो अलग-अलग भेड़ बकरियों के बाड़े में घूस कर हमला किया था। जंगली जानवर ने 30 भेड़ बकरियों को खाकर मौत के घाट उतार दिया था। लगभग 15 भेड़ बकरियों को घायल कर दिया। सूचना पाकर जीवन जंतु विभाग भी मौके पर गया था जहां से उसने जंगली जानवर के पंजे के निशान उठाए थे। जीव जंतु विभाग ने पंजे को देखकर जरख का अंदाजा लगाया था। अभी तक वह जंगली जानवर नहीं मिला है।
अरावली की पहाड़ियों में मिलते है जंगली जानवर
बता दें कि नांगल चौधरी क्षेत्र अरावली की पहाड़ियों से घिरा हुआ है। इन पहाड़ियों में तेंदुआ, जरख, लोमड़ी, नील गाय और हिरण आदि पाए जाते हैं। एक महीने पहले दौखेरा गांव में एक तेंदुआ का ढाई से तीन महीने का बच्चा मिला था। यह बच्चा बाद में जीव जंतु विभाग ने रोहतक जू में छोड़कर आए थे। दो वर्ष पहले नांगल चौधरी तेंदुआ की रोडवेज बस के नीचे आने से मौत हो गई थी।