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Mahendragarh-Narnaul News: हाईटेंशन तारों के नीचे जिंदगी, पाली गांव में विकास अब भी अधूरा
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फोटो संख्या:60- भंवर सिंह
महेंद्रगढ़। गांव पाली के लोग आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गांव के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन लोगों के लिए लगातार भय का कारण बनी हुई है। वहीं, बजट के अभाव में पंचायत भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ई-लाइब्रेरी, आंगनबाड़ी केंद्र और लिंक रोड सहित कई विकास कार्य अधूरे पड़े हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के रिहायशी क्षेत्र से हाईटेंशन बिजली तार गुजर रहे हैं। बरसात के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इन तारों के नीचे गांव के करीब 60 से 70 घर स्थित हैं।
वहीं, ग्राम पंचायत का भवन नहीं होने के कारण पंचायत का कार्य फिलहाल उधारी भवन में संचालित किया जा रहा है। पंचायत भवन जर्जर हो चुका है और इसके निर्माण की कवायद अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। पंचायत की ओर से इसके प्रस्ताव भी भेजे गए हैं, लेकिन सरकार ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है।
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इसी प्रकार गांव में प्रस्तावित सीएचसी का निर्माण कार्य भी अधर में लटका हुआ है। इसके लिए 4.56 करोड़ का बजट मंजूर हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है।
गांव में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत ने सरकार के पास ई-लाइब्रेरी निर्माण का प्रस्ताव भेजा हुआ है। इससे युवा महेंद्रगढ़ या अन्य निजी लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई कर रहे हैं।
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गांव के लिंक रोड कच्चे, नहीं हो रहा सुधार
गांव को ढाणियों से जोड़ने वाले मुख्य रास्ते कच्चे पड़े हैं। बजट न आने से रास्तों का काम भी अटका है। साथ ही, बरसात के दिनों में इन मार्गों पर आवागमन कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने गांव में सीवरेज लाइन बिछाने की मांग की है ताकि बारिश में जलभराव से मुक्ति मिल सके।
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राजकीय कोच व सुविधाओं का अभाव
ग्रामीणों ने बताया कि खेल सुविधाओं के अभाव का असर गांव के प्रतिभावान खिलाड़ियों पर पड़ रहा है। गांव में खेल मैदान और आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण खिलाड़ी बेहतर तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। इसी कारण अभी तक गांव के खिलाड़ी जिला के अलावा किसी उच्च स्तर पर प्रदर्शन नहीं कर पाएं हैं।
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ग्रामीण बोले-सुविधाएं मिले तो हो विकास
गांव में आज भी 60 घरों की आबादी भय के साये में जी रही है। इससे कभी भी दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है। बिजली विभाग को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है लेकिन विभाग की ओर से इस पर संज्ञान नहीं लिया गया।-सुरेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच
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गांव में एक भी सरकारी लाइब्रेरी नहीं है। इससे युवाओं को निजी लाइब्रेरी या घर में तैयारी करनी पड़ रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार बच्चों को निजी लाइब्रेरी में तैयारी नहीं करवा सकते हैं। सरकार को गांव में एक लाइब्रेरी का निर्माण कराना चाहिए।-नरेंद्र सिंह, ग्रामीण
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गांव में खेल नर्सरी खोली जानी चाहिए, ताकि युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। मंदिर कमेटी ने खिलाड़ियों को लिए स्टेडियम तैयार किया है। अगर यहां पर नर्सरी होगी तो पाली के साथ अन्य गांव के खिलाड़ियों को भी सुविधा मिलेगी और उच्च स्तर पर खिलाड़ी प्रदर्शन का पाएंगे।-प्रदीप सिंह, ग्रामीण
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गांव के जोहड़ को सुंदरीकरण स्कीम में शामिल किया है। अब तक जोहड़ का सुंदरीकरण नहीं हो पाया है। अब भी जोहड़ कच्चा पड़ा है और बरसात के समय इसमें मिट्टी का कटाव हो जाता है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। साथ पेयजल आपूर्ति में सुधार करना चाहिए।-भंवर सिंह, प्रधान मंदिर कमेटी
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वर्जन:
ग्रामीणों ने जो समस्याएं बताई हैं उनके एस्टीमेट की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और सरकार के पास इसका एस्टीमेट भेजा गया है। हाईटेंशन तारों को हटाने, सीएचसी निर्माण पूरा कराने, पंचायत भवन बनवाने, सीवरेज लाइन बिछाने और खेल सुविधाएं विकसित करने के लिए भी संबंंधित विभाग से तालमेल किया गया है लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।-देशराज सिंह फौजी, सरपंच, पाली
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव के रिहायशी क्षेत्र से हाईटेंशन बिजली तार गुजर रहे हैं। बरसात के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इन तारों के नीचे गांव के करीब 60 से 70 घर स्थित हैं।
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वहीं, ग्राम पंचायत का भवन नहीं होने के कारण पंचायत का कार्य फिलहाल उधारी भवन में संचालित किया जा रहा है। पंचायत भवन जर्जर हो चुका है और इसके निर्माण की कवायद अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। पंचायत की ओर से इसके प्रस्ताव भी भेजे गए हैं, लेकिन सरकार ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है।
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इसी प्रकार गांव में प्रस्तावित सीएचसी का निर्माण कार्य भी अधर में लटका हुआ है। इसके लिए 4.56 करोड़ का बजट मंजूर हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है।
गांव में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत ने सरकार के पास ई-लाइब्रेरी निर्माण का प्रस्ताव भेजा हुआ है। इससे युवा महेंद्रगढ़ या अन्य निजी लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई कर रहे हैं।
गांव के लिंक रोड कच्चे, नहीं हो रहा सुधार
गांव को ढाणियों से जोड़ने वाले मुख्य रास्ते कच्चे पड़े हैं। बजट न आने से रास्तों का काम भी अटका है। साथ ही, बरसात के दिनों में इन मार्गों पर आवागमन कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने गांव में सीवरेज लाइन बिछाने की मांग की है ताकि बारिश में जलभराव से मुक्ति मिल सके।
राजकीय कोच व सुविधाओं का अभाव
ग्रामीणों ने बताया कि खेल सुविधाओं के अभाव का असर गांव के प्रतिभावान खिलाड़ियों पर पड़ रहा है। गांव में खेल मैदान और आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण खिलाड़ी बेहतर तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। इसी कारण अभी तक गांव के खिलाड़ी जिला के अलावा किसी उच्च स्तर पर प्रदर्शन नहीं कर पाएं हैं।
ग्रामीण बोले-सुविधाएं मिले तो हो विकास
गांव में आज भी 60 घरों की आबादी भय के साये में जी रही है। इससे कभी भी दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है। बिजली विभाग को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है लेकिन विभाग की ओर से इस पर संज्ञान नहीं लिया गया।-सुरेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच
गांव में एक भी सरकारी लाइब्रेरी नहीं है। इससे युवाओं को निजी लाइब्रेरी या घर में तैयारी करनी पड़ रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार बच्चों को निजी लाइब्रेरी में तैयारी नहीं करवा सकते हैं। सरकार को गांव में एक लाइब्रेरी का निर्माण कराना चाहिए।-नरेंद्र सिंह, ग्रामीण
गांव में खेल नर्सरी खोली जानी चाहिए, ताकि युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। मंदिर कमेटी ने खिलाड़ियों को लिए स्टेडियम तैयार किया है। अगर यहां पर नर्सरी होगी तो पाली के साथ अन्य गांव के खिलाड़ियों को भी सुविधा मिलेगी और उच्च स्तर पर खिलाड़ी प्रदर्शन का पाएंगे।-प्रदीप सिंह, ग्रामीण
गांव के जोहड़ को सुंदरीकरण स्कीम में शामिल किया है। अब तक जोहड़ का सुंदरीकरण नहीं हो पाया है। अब भी जोहड़ कच्चा पड़ा है और बरसात के समय इसमें मिट्टी का कटाव हो जाता है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। साथ पेयजल आपूर्ति में सुधार करना चाहिए।-भंवर सिंह, प्रधान मंदिर कमेटी
वर्जन:
ग्रामीणों ने जो समस्याएं बताई हैं उनके एस्टीमेट की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और सरकार के पास इसका एस्टीमेट भेजा गया है। हाईटेंशन तारों को हटाने, सीएचसी निर्माण पूरा कराने, पंचायत भवन बनवाने, सीवरेज लाइन बिछाने और खेल सुविधाएं विकसित करने के लिए भी संबंंधित विभाग से तालमेल किया गया है लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।-देशराज सिंह फौजी, सरपंच, पाली

फोटो संख्या:60- भंवर सिंह

फोटो संख्या:60- भंवर सिंह

फोटो संख्या:60- भंवर सिंह

फोटो संख्या:60- भंवर सिंह

फोटो संख्या:60- भंवर सिंह

फोटो संख्या:60- भंवर सिंह