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Mahendragarh-Narnaul News: अलग-अलग समय सीमा के चलते कम हुई आईटीआर फाइलिंग
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फोटो नंबर- 13प्रवीण बंसल, सीए, नारनौल।
नारनौल। इस वर्ष 31 जुलाई तक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने वालों की संख्या पिछले साल की तुलना में कम है। इसका मुख्य कारण विभिन्न श्रेणियों के करदाताओं के लिए अलग-अलग अंतिम तिथियां निर्धारित होना है।
वेतनभोगी, पेंशनभोगी और बिना ऑडिट वाले करदाताओं के लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि है जबकि अन्य श्रेणियों के लिए रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा आगे निर्धारित की गई है। कर ऑडिट वाले करदाताओं के लिए 31 अक्तूबर तक रिटर्न दाखिल किया जा सकता है।
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निर्धारित समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार 5 हजार रुपये तक की जुर्माना फीस लग सकती है। पात्र मामलों में यह फीस एक हजार रुपये तक सीमित हो सकती है। इसके अलावा, यदि कर बकाया है तो उस पर ब्याज भी देय हो सकता है। वहीं, कुछ मामलों में हानि को आगे ले जाने का लाभ भी प्रभावित हो सकता है।-प्रवीण बंसल, सीए, नारनौल
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ढाई लाख रुपये से अधिक आय वाले व्यक्ति के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। नई कर व्यवस्था में 4 लाख से 8 लाख रुपये तक की आय पर 5 प्रतिशत कर लगेगा। इसके बाद प्रत्येक 4 लाख रुपये पर कर की दर में 5 प्रतिशत की वृद्धि होती जाएगी। 24 लाख रुपये से अधिक आय पर अधिकतम 30 प्रतिशत की दर से कर देय होगा। टैक्स में 12 लाख रुपये आय तक छूट है, ऐसे में जो टैक्स करदाताओं द्वारा जमा किया जाता है। वह उन्हें रिबेट द्वारा वापस मिल जाता है।-अंकित कुमार, सीए, नारनौल
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वेतनभोगी, पेंशनभोगी और बिना ऑडिट वाले करदाताओं के लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि है जबकि अन्य श्रेणियों के लिए रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा आगे निर्धारित की गई है। कर ऑडिट वाले करदाताओं के लिए 31 अक्तूबर तक रिटर्न दाखिल किया जा सकता है।
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निर्धारित समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार 5 हजार रुपये तक की जुर्माना फीस लग सकती है। पात्र मामलों में यह फीस एक हजार रुपये तक सीमित हो सकती है। इसके अलावा, यदि कर बकाया है तो उस पर ब्याज भी देय हो सकता है। वहीं, कुछ मामलों में हानि को आगे ले जाने का लाभ भी प्रभावित हो सकता है।-प्रवीण बंसल, सीए, नारनौल
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ढाई लाख रुपये से अधिक आय वाले व्यक्ति के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। नई कर व्यवस्था में 4 लाख से 8 लाख रुपये तक की आय पर 5 प्रतिशत कर लगेगा। इसके बाद प्रत्येक 4 लाख रुपये पर कर की दर में 5 प्रतिशत की वृद्धि होती जाएगी। 24 लाख रुपये से अधिक आय पर अधिकतम 30 प्रतिशत की दर से कर देय होगा। टैक्स में 12 लाख रुपये आय तक छूट है, ऐसे में जो टैक्स करदाताओं द्वारा जमा किया जाता है। वह उन्हें रिबेट द्वारा वापस मिल जाता है।-अंकित कुमार, सीए, नारनौल