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Mahendragarh-Narnaul News: अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में महिला एवं बाल अधिकार संरक्षण पर की चर्चा
Mon, 22 Sep 2025 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 22 Sep 2025 11:29 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के विधि विभाग, लॉ मंत्रा ट्रस्ट एवं चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (सीएनएलयू) पटना के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय ऑनलाइन संगोष्ठी का शुभारंभ किया गया। इसमें महिला एवं बाल अधिकार संरक्षण पर चर्चा की गई।
वर्चुअल संगोष्ठी में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विधि विद्वानों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। विशिष्ट अतिथि एनएलयू ओडिशा के प्रो. बिराज स्वैन ने समकालीन बाल अधिकार मुद्दों पर विचार व्यक्त किए।
डब्ल्यूबीएनयूजेएस कोलकाता के डॉ. सरफराज अहमद खान ने न्याय तक पहुंच में आने वाली बाधाओं पर चर्चा की। एमएनएलयू मुंबई के प्रो. अमोल देव चौहान ने महिला एवं बाल अधिकारों से संबंधित कानूनों के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों का विश्लेषण किया।
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लॉ मंत्रा ट्रस्ट के अध्यक्ष किशोर कुमार मिश्रा ने संगोष्ठी के उद्देश्य और विषय-वस्तु को रेखांकित किया। विधि विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह ने महिला अधिकारों के संवैधानिक संकल्प और वर्तमान उपलब्धियों के बीच के अंतर पर चिंता व्यक्त की।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहलों को उत्साहजनक प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। दो दिवसीय संगोष्ठी के अंतर्गत तकनीकी सत्रों का आयोजन जारी है।
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के विधि विभाग, लॉ मंत्रा ट्रस्ट एवं चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (सीएनएलयू) पटना के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय ऑनलाइन संगोष्ठी का शुभारंभ किया गया। इसमें महिला एवं बाल अधिकार संरक्षण पर चर्चा की गई।
वर्चुअल संगोष्ठी में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विधि विद्वानों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। विशिष्ट अतिथि एनएलयू ओडिशा के प्रो. बिराज स्वैन ने समकालीन बाल अधिकार मुद्दों पर विचार व्यक्त किए।
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डब्ल्यूबीएनयूजेएस कोलकाता के डॉ. सरफराज अहमद खान ने न्याय तक पहुंच में आने वाली बाधाओं पर चर्चा की। एमएनएलयू मुंबई के प्रो. अमोल देव चौहान ने महिला एवं बाल अधिकारों से संबंधित कानूनों के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों का विश्लेषण किया।
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लॉ मंत्रा ट्रस्ट के अध्यक्ष किशोर कुमार मिश्रा ने संगोष्ठी के उद्देश्य और विषय-वस्तु को रेखांकित किया। विधि विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह ने महिला अधिकारों के संवैधानिक संकल्प और वर्तमान उपलब्धियों के बीच के अंतर पर चिंता व्यक्त की।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहलों को उत्साहजनक प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। दो दिवसीय संगोष्ठी के अंतर्गत तकनीकी सत्रों का आयोजन जारी है।