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Mahendragarh-Narnaul News: इनेलो ने गेहूं खरीद के नए नियमों का किया विरोध, आंदोलन की चेतावनी
Sun, 05 Apr 2026 02:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 05 Apr 2026 02:53 AM IST
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फोटो नंबर-07पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व विधायक एवं इनेलो नेता राधेश्याम शर्मा। संवाद
नारनौल। इनेलो संसदीय बोर्ड के सदस्य एवं जिला प्रभारी रणवीर मंदोला और पूर्व विधायक राधेश्याम शर्मा ने शनिवार को प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं खरीद को लेकर बनाए गए नए नियमों की कड़ी आलोचना की। नेताओं ने कहा कि ये नियम किसान और आढ़तियों दोनों के लिए हानिकारक हैं।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए राधेश्याम शर्मा ने कहा कि मंडियों में पुराने खरीद केंद्रों को बंद करना और नए नियम लागू करना किसान विरोधी निर्णय है। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर लिखना, बायोमेट्रिक सत्यापन और मंडी में सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक ही फसल लाने की सीमा किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है।
गर्मी में किसान रात को भी गेहूं निकालते हैं, इसलिए मंडी में 24 घंटे आवागमन की अनुमति दी जानी चाहिए। बैलगाड़ी, ऊंटगाड़ी या भैंसागाड़ी से आने वाले किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं है जबकि कई किसानों के पास अपने ट्रैक्टर भी नहीं हैं। मंडियों में शेड छोटे हैं, भंडारण और खानपान की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
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इन समस्याओं को देखते हुए इनेलो प्रदेशभर की मंडियों में किसान कष्ट निवारण केंद्र खोलने जा रही है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन नियमों को वापस नहीं लिया तो इनेलो प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। साथ ही ओलावृष्टि और वर्षा से खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई।
शिक्षा क्षेत्र में निजी स्कूलों द्वारा बढ़ी फीस और महंगी किताबों को लेकर भी चिंता जताई गई तथा सरकार से अभिभावकों को राहत देने की मांग की गई। इसके अलावा जल संरक्षण, तालाबों की संरचना और बढ़ते भ्रष्टाचार पर भी सरकार को घेरा गया। इस मौके पर सतवीर बडेसरा, छोटेलाल गहली, जसवीर ढिल्लों व नवनीत ढिल्लों सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए राधेश्याम शर्मा ने कहा कि मंडियों में पुराने खरीद केंद्रों को बंद करना और नए नियम लागू करना किसान विरोधी निर्णय है। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर लिखना, बायोमेट्रिक सत्यापन और मंडी में सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक ही फसल लाने की सीमा किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है।
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गर्मी में किसान रात को भी गेहूं निकालते हैं, इसलिए मंडी में 24 घंटे आवागमन की अनुमति दी जानी चाहिए। बैलगाड़ी, ऊंटगाड़ी या भैंसागाड़ी से आने वाले किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं है जबकि कई किसानों के पास अपने ट्रैक्टर भी नहीं हैं। मंडियों में शेड छोटे हैं, भंडारण और खानपान की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
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इन समस्याओं को देखते हुए इनेलो प्रदेशभर की मंडियों में किसान कष्ट निवारण केंद्र खोलने जा रही है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन नियमों को वापस नहीं लिया तो इनेलो प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। साथ ही ओलावृष्टि और वर्षा से खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई।
शिक्षा क्षेत्र में निजी स्कूलों द्वारा बढ़ी फीस और महंगी किताबों को लेकर भी चिंता जताई गई तथा सरकार से अभिभावकों को राहत देने की मांग की गई। इसके अलावा जल संरक्षण, तालाबों की संरचना और बढ़ते भ्रष्टाचार पर भी सरकार को घेरा गया। इस मौके पर सतवीर बडेसरा, छोटेलाल गहली, जसवीर ढिल्लों व नवनीत ढिल्लों सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।