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Mahendragarh-Narnaul News: सांकेतिक भाषा की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी
Tue, 24 Sep 2024 12:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 24 Sep 2024 12:38 AM IST
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फोटो नंबर-03सांस्कृतिक भाषा दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेते स्टाफ सदस्य। स्त्रोत-स्वयं
नारनौल।
संतोष मेमोरियल रिहैबिलिटेशन रिसर्च सेंटर काॅलेज में 23 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सांकेतिक भाषा की महत्ता को समझने और उसकी उपयोगिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। समारोह का उद्घाटन कालेज के प्राचार्य डॉ. आरएन यादव ने किया। उन्होंने सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता फैलाने के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सांकेतिक भाषा के विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। इसमें उन्होंने सांकेतिक भाषा की बुनियादी जानकारी और इसके उपयोग के तरीकों को साझा किया।
विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा में संवाद स्थापित करने के लिए कार्यशालाओं में भाग लिया। इस कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों में एकजुटता और समर्पण की भावना को मजबूत किया। इस समारोह के आयोजन का उद्देश्य न केवल सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, बल्कि सभी लोगों के बीच समानता और समावेशिता को भी बढ़ावा देना था।
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संतोष मेमोरियल रिहैबिलिटेशन रिसर्च सेंटर काॅलेज में 23 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सांकेतिक भाषा की महत्ता को समझने और उसकी उपयोगिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। समारोह का उद्घाटन कालेज के प्राचार्य डॉ. आरएन यादव ने किया। उन्होंने सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता फैलाने के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सांकेतिक भाषा के विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। इसमें उन्होंने सांकेतिक भाषा की बुनियादी जानकारी और इसके उपयोग के तरीकों को साझा किया।
विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा में संवाद स्थापित करने के लिए कार्यशालाओं में भाग लिया। इस कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों में एकजुटता और समर्पण की भावना को मजबूत किया। इस समारोह के आयोजन का उद्देश्य न केवल सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, बल्कि सभी लोगों के बीच समानता और समावेशिता को भी बढ़ावा देना था।
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