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हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन सतीश कुमार मित्तल ने किया हरिराम मेहता स्मृति पुस्तकालय का लोकार्पण
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निवाजनगर में हरिराम मेहता स्मृति पुस्तकालय का लोकार्पण करते चेयरमैन सतीश कुमार मित्तल।
- फोटो : Narnol
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नारनौल। हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन सतीश कुमार मित्तल ने मंगलवार को सेठ मुरलीधर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निवाजनगर में हरिराम मेहता स्मृति पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने 71 विद्यार्थियों को साइकिल भी वितरित की। अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश महता ने की। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त भी मौजूद रहे।
चेयरमैन सतीश कुमार मित्तल ने कहा कि यह पुस्तकालय ग्रामीण अंचल के बच्चों के लिए उपयोगी साबित होगा। इसमें विषय की किताबों के अलावा ज्ञानवर्धक किताबें भी रहेंगी जिनको पढ़कर विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह का पुस्तकालयों का होना जरूरी है।
अधिवक्ता राकेश महता ने कहा कि पहले यहां 100 विद्यार्थी थे, अब यह संख्या बढ़कर 500 तक पहुंच गई है। इसमें स्कूल से जुड़े समाजसेवियों व स्कूल स्टाफ का अहम रोल है। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय में 4800 पुस्तकें रखी गई है। जो नौंवी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिलेगी। इसके अलावा अंग्रेजी, हिंदी, शब्दकोष, रिजनिंग, डिक्सनरी व सामान्य ज्ञान की पुस्तकों को रखा गया है।
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राकेश महता ने कहा कि यह विद्यालय 125 वर्ष पुराना है। जो वर्ष 1956 में मिडल, 1966 में हाई व 1990 में सीनियर सेकेंडरी बना। उन्होंने कहा कि पिता हरिराम महता ने पहली से चौथी कक्षा तक शिक्षा इसी स्कूल से ग्रहण की तथा एक शिक्षक के रूप में साल 1952 से 1964 तक बच्चों को यहां पढ़ाया। स्कूल में आर्थिक सहयोग देने वाले मास्टर किशनलाल, सेवानिवृत्त हेडमास्टर नरेश व वैद्य राधेश्याम को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर डीईओ सुनील दत्त, डिप्टी डीईओ शक्ति सिंह, खंड विकास पंचायत अधिकारी रमेश शर्मा, प्रधानाचार्य कृष्ण बालवान, प्रो. पंकज गौड़, सेवानिवृत्त डिप्टी डायरेक्टर नरेश द्विवेदी, नितिन महता एडवाकेट, हितेंद्र महता, कीर्ति महता एडवोकेट, कोविंद महता व सुमित्रा महता आदि मौजूद रहे।
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चेयरमैन सतीश कुमार मित्तल ने कहा कि यह पुस्तकालय ग्रामीण अंचल के बच्चों के लिए उपयोगी साबित होगा। इसमें विषय की किताबों के अलावा ज्ञानवर्धक किताबें भी रहेंगी जिनको पढ़कर विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह का पुस्तकालयों का होना जरूरी है।
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अधिवक्ता राकेश महता ने कहा कि पहले यहां 100 विद्यार्थी थे, अब यह संख्या बढ़कर 500 तक पहुंच गई है। इसमें स्कूल से जुड़े समाजसेवियों व स्कूल स्टाफ का अहम रोल है। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय में 4800 पुस्तकें रखी गई है। जो नौंवी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिलेगी। इसके अलावा अंग्रेजी, हिंदी, शब्दकोष, रिजनिंग, डिक्सनरी व सामान्य ज्ञान की पुस्तकों को रखा गया है।
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राकेश महता ने कहा कि यह विद्यालय 125 वर्ष पुराना है। जो वर्ष 1956 में मिडल, 1966 में हाई व 1990 में सीनियर सेकेंडरी बना। उन्होंने कहा कि पिता हरिराम महता ने पहली से चौथी कक्षा तक शिक्षा इसी स्कूल से ग्रहण की तथा एक शिक्षक के रूप में साल 1952 से 1964 तक बच्चों को यहां पढ़ाया। स्कूल में आर्थिक सहयोग देने वाले मास्टर किशनलाल, सेवानिवृत्त हेडमास्टर नरेश व वैद्य राधेश्याम को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर डीईओ सुनील दत्त, डिप्टी डीईओ शक्ति सिंह, खंड विकास पंचायत अधिकारी रमेश शर्मा, प्रधानाचार्य कृष्ण बालवान, प्रो. पंकज गौड़, सेवानिवृत्त डिप्टी डायरेक्टर नरेश द्विवेदी, नितिन महता एडवाकेट, हितेंद्र महता, कीर्ति महता एडवोकेट, कोविंद महता व सुमित्रा महता आदि मौजूद रहे।