फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   In the first place in the production of milk from indigenous cows, the village Khudana

देसी गायों से दूध उत्पादन में पहले पायदान पर खुडाना

Thu, 02 Sep 2021 11:53 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 11:53 PM IST
विज्ञापन
In the first place in the production of milk from indigenous cows, the village Khudana
गांव खुडाना में दुग्ध प्रतियोगिता में भाग लेते पशुपालक विभाग के अधिकारियों साथ। - फोटो : Narnol
गांव खुडाना गो संवधर्न एवं गो दुग्ध उत्पादन में जिलेभर में पहले पायदान पर है। गांव में प्रतिदिन करीब एक हजार लीटर गो दुग्ध उत्पादन होता है जो जिले में सबसे अधिक है। विभाग द्वारा पिछले दो सालों में आयोजित की देसी नस्ल गायों की दूध प्रतियोगिताओं में ग्रामीणों के पशु 23 बार विजेता रहे हैं। वर्ष 2019-20 में कुल 11 तथा वर्ष 2020-21 में हुई 12 प्रतियोगिताएं जीती हैं। गांव में इस समय देसी नस्ल की गायों की संख्या 260 है जो जिला में सर्वाधिक है।
विज्ञापन

गांव में देसी नस्ल एवं साहीवाल नस्ल की गायों की संख्या अधिक है। 260 गायों से प्रतिदिन एक हजार लीटर के करीब दूध उत्पादन होता है। ग्रामीण भी अधिकांश देसी नस्ल की गाय पालते हैं। अब धीरे-धीरे गायों की संख्या भी गांव में बढ़ रही है।
विज्ञापन

सरकार द्वारा देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजना के अनुसार 8 से 10 किलोग्राम दूध देने पर 10 हजार रुपये, 10 से 12 पर 15 हजार व 12 किलोग्राम से अधिक दूध देने पर 20 हजार रुपये पशु मालिक को दिए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजकीय पशु औषधालय के प्रभारी वीएलडीए अतर सिंह ने बताया कि औषधालय में देसी नस्ल की गायों के सेक्सड स्योर्टिड योजना के तहत गर्भाधान कराने पर केवल बछड़ी ही पैदा होगी। सरकार द्वारा देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए यह योजना चलाई गई है। पशु पालक अपनी गाय का औषधालय में गर्भाधान करा सकते हैं। देसी नस्ल की गाय पालन को लेकर ग्रामीण भी जागरूक हैं। पिछले पांच वर्षों में देसी गायों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

उपमंडल पशु पालन अधिकारी डॉ. भूप सिंह ने बताया कि हरियाणा देसी नस्ल एवं साहीवाल नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए जिला में पशु पालकों को जागरूक किया जा रहा है। किसान पंजीकरण करवा दूध प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed