फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   If it rains more now, the hopes of the farmers will be dashed

Mahendragarh-Narnaul News: अब और बारिश हुई तो डूब जाएंगी किसानों की उम्मीदें

Mon, 23 Sep 2024 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Mon, 23 Sep 2024 12:08 AM IST
विज्ञापन
If it rains more now, the hopes of the farmers will be dashed
फोटो नंबर-10बरसात से खेत में बिछी बाजरे की फसल। संवाद
नारनौल। मौसम के बदले रूप से फसलों को नुकसान की संभावना से किसान परेशान हैं।
विज्ञापन

इस वर्ष मई और जून माह में बारिश कम हुई थी, इससे फसल की बिजाई देरी से की गई थी। क्षेत्र में अधिकतर किसानों ने कपास और बाजरे की बुआई की थी। अब कुछ ही दिनों में फसल की कटाई शुरू हो जाएगी। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण कई जगह बाजरे की फसल नीचे गिर गई है, वहीं कपास के टिंडे भी नीचे गिर गए हैं। सितंबर के अंत और अक्तूबर के मध्य तक अगर इसी तरह बारिश होती रही तो क्षेत्र में एक चौथाई से ज्यादा फसल खराब होने की संभावना है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार फसल पकाई और फसल कटाई के समय बारिश होने पर फसल को नुकसान हो सकता है और फसल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। इस समय किसानों को फसल पर किसी भी कीटनाशक का छिड़काव नहीं करना चाहिए। बाजरे की फसल नीचे बिछने पर उसकी कटाई सबसे पहले करनी चाहिए। फसल की कटाई का कार्य किसान को मौसम विभाग के दिशा-निर्देशानुसार करना चाहिए ताकि बारिश के कारण फसल खराब होने की संभावना को कम किया जा सके।
विज्ञापन




फसल खराब होने की सूचना 72 घंटे में देना जरूरी
फसल खराब होने पर किसानों को सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिया जाता है। इस साल कपास की फसल के लिए 5176 रुपये और बाजरे के लिए 975 रुपये बीमा प्रीमियम निर्धारित किया गया था, वहीं पूरी फसल खराब होने पर कपास के लिए 1,03,525 रुपये और बाजरा के लिए 48,779 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किए गए हैं। कितने प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचा है, उसी हिसाब से मुआवजा राशि निर्धारित की जाएगी। ओलावृष्टि और जलभराव व अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण फसल खराब होती है तो किसान को 72 घंटे के अंदर सूचना देनी होगी। फसल नुकसान की सूचना किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल करके नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में और क्रॉप इंश्योरेंस एप के माध्यम से दे सकते हैं। इसके बाद खंड कृषि अधिकारी द्वारा सर्वे किया जाता है और मुआवजे की राशि को सीधे किसान के खाते में भेजा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन







किसान इस समय फसल पर कीटनाशक का छिड़काव नहीं करें। फसल की कटाई का कार्य मौसम विभाग के दिशा-निर्देशानुसार ही करें ताकि फसल को खराब होने की संभावना से बचाया जा सकें। मौसमी आपदा से फसल खराब होने पर किसान को 72 घंटे के अंदर सूचना देनी होगी ताकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठा सकें।

डाॅ. सतीश इंदौरा, तकनीकी सहायक, कृषि कल्याण विभाग, नारनौल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed