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कहने को आदर्श गांव , सुविधाएं नदारद

Sun, 09 Oct 2022 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2022 11:39 PM IST
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Ideal village to say, facilities missing
ग्राम पंचायत उच्चत में बनाया गया सूचना पट्ट---संवाद - फोटो : Narnol
कनीना। उपमंडल का गांव उच्चत कहने को तो आदर्श गांव है लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी हैं। सड़क मरम्मत, फिरनी की दीवार, श्मशान घाट की चहारदीवारी, कच्चे रास्तों को पक्का कराने का प्रस्ताव भेजा गया लेकिन इनमें से कोई कार्य नहीं हुआ।
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गांव में बस स्टैंड नहीं होने के कारण ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गांव की आबादी लगभग 1200 के करीब है। निवर्तमान सरपंच महावीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में महेंद्रगढ़ जिले के उच्चत व मित्रपुरा गांव को आदर्श गांव घोषित किया था। उस वक्त ग्रामीणों को उम्मीद थी कि गांव में बहुत सारे विकास कार्य होंगे। वर्ष 2019 से 2022 तक आदर्श गांव के नाम पर कोई भी बजट नहीं आया। जबकि अधिकारियों कई बार गांव में सर्वे किया। ग्राम पंचायत से कई बार प्रस्ताव मांगे गए लेकिन किसी भी प्रस्ताव पर कोई कार्य नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि पश्चिम की तरफ से जाने वाला 22 फुट का रास्ता सरकार को बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन वह आज तक नहीं बना गांव की फिरनी से झाड़ली तक जाने वाला मार्ग सड़क के मोड़ से पानी की टंकी तक फिरनी की दीवार, गांव के श्मशान घाट के चहारदीवारी, खेल स्टेडियम में बड़ा हॉल, बीपीएल कॉलोनी के कच्चे रास्ते को पक्का कराने का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन कोई भी कार्य नहीं किया गया।
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गांव में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पानी के लिए बोर किया हुआ है। इसकी मोटर खराब होने पर गांव में पेयजल नहीं मिलता है। मई-जून के महीने में कई बार मोटर खराब हुई है लेकिन अधिकारियों के चक्कर लगा लगा कर मोटर ठीक करवानी पड़ती है। जब कि गांव में दूसरा बोर बना हुआ है जिसको आज तक चालू नहीं किया। गांव में हल्की सी बरसात होने पर ही पानी भर जाता है जिसका समाधान आज तक नहीं हुआ है।
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यह थे आदर्श गांव के मापदंड
प्रधानमंत्री आदर्श गांव योजना के तहत वर्ष 2019 में जिला के गांव मित्रपुरा व उच्चत का चयन किया गया था। इसके तहत ऐसे गांवों का विकास करना था जहां अनुसूचित जातियों की संख्या उस गांव की आबादी का 50 प्रतिशत से अधिक हो। चयनित गांवों को 21 लाख रुपये केंद्र सरकार की तरफ से दिए जाते हैं जिसमें 20 लाख रुपये सामजिक-आर्थिक असामनता को कम करने के लिए और 1 लाख रुपये प्रशासनिक कार्यों के लिए मिलते हैं। योजना का उद्देश्य साक्षरता दर, प्राथमिक शिक्षा को पूरा करना, शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर को कम करना, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए जरूरी सभी आधारभूत संरचना का निर्माण, अनुसूचित जाति और गैर अनुसूचित जाति के लोगों के बीच असामनता को कम करना, गरीबी रेखा के नीचे अनुसूचित जाति के सभी लोगों को भोजन और उनकी जीविका चलाने के लिए उपाय करना है। लेकिन उच्चत गांव में आज भी सभी सुविधाओं का अभाव है।

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- वर्जन:
- आदर्श गांव में योजना को लेकर हाल ही में फाइल मंगवाई है। गांव में कितने विकास कार्य गांव में हो चुके हैं तथा कितने बचे हुए हैं। इन सभी का आंकलन करके जो काम शेष है, उनपर पंचायत चुनाव के बाद काम शुरू कराया जाएगा।- डॉ. जयकृष्ण आभीर, उपायुक्त महेंद्रगढ़
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