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Mahendragarh-Narnaul News: चाय, पकोड़े, छोले-भटूरे, टिक्की के दाम 10 रुपये तक बढ़े
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विष्णू पंडित, होटल संचालक, धारूहेड़ा
रेवाड़ी। शहर में एलपीजी सिलिंडर की बढ़ती कीमत और सीमित आपूर्ति के कारण अब महंगाई की मार देखने को मिल रही है। होटल, ढाबों और रेहड़ी-पटरी पर मिलने वाली खाने-पीने की चीजों के दामों में 5 से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
बाजारों और प्रमुख चौक चौराहों पर खाने की प्लेट, चाय, पकोड़े, छोले-भटूरे, आलू टिक्की, बर्गर, चाउमीन, मोमोज सहित अन्य फास्ट फूड की दुकानों पर कीमतें बढ़ा दी गई हैं। छोले-भटूरे, छोले चावल, पकोड़े और टिक्की सहित कई चीजों के दामों में भी 5 से 10 रुपये तक की वृद्धि कर दी गई है।
जहां पहले चाय का कप 10 से 15 रुपये में मिल जाता था, वहीं अब कई जगहों पर इसकी कीमत 15 से 20 रुपये तक पहुंच गई है। दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलिंडर की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी और आपूर्ति में कमी के कारण उनकी लागत काफी बढ़ गई है।
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कई छोटे होटल संचालकों और रेहड़ी वालों का कहना है कि पहले उन्हें एक सिलिंडर 1500 से 1800 रुपये में मिल जाता था लेकिन अब मजबूरीवश अवैध रूप से वही सिलिंडर 2500 से 2800 रुपये तक में खरीदना पड़ रहा है। समय पर सिलिंडर उपलब्ध नहीं होने से भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। शहर में कई रेहड़ी तो लगना ही बंद हो चुकी हैं।
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मजबूरी में छोले-भटूरे की प्लेट के दाम 10 रुपये बढ़ाए : राजू कुमार
कोर्ट मार्ग पर छोले-भटूरे व अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदार राजू कुमार ने बताया कि पिछले कुछ समय से गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है। बढ़ती लागत के कारण उन्हें छोले-भटूरे की प्लेट के दाम में 10 रुपये की बढ़ोतरी करनी पड़ी है।
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धारूहेड़ा और बावल औद्योगिक क्षेत्र में 70 हजार प्रवासी मजदूर रह रहे
धारूहेड़ा और बावल औद्योगिक क्षेत्र में करीब 70 हजार से अधिक प्रवासी मजदूर काम करते हैं इसलिए खाने की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर उनके बजट पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रोजाना ढाबों और छोटी दुकानों पर भोजन करते हैं। पहले जहां 60 से 70 रुपये में खाने की एक प्लेट मिल जाती थी वहीं अब उसके दाम में भी 10 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।
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यदि खाने-पीने की चीजों के दाम नहीं बढ़ाए जाएं तो खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है। दुकानदार भी ग्राहकों पर ज्यादा बोझ डालना नहीं चाहते लेकिन परिस्थितियों के कारण ऐसा करना पड़ रहा है। छोल-भटूरे की रेहड़ी लगाता हूं। 10 रुपये दाम बढ़ाने पड़े हैं। -विकास कुमार, रेहड़ी संचालक
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60 रुपये की भोजन की एक प्लेट अब 70 रुपये कर दी गई है। गैस के बढ़ते दामों की वजह से ये निर्णय लिया गया है। उम्मीद है कि जल्द हालात सुधर जाएंगे। -विष्णू पंडित, होटल संचालक, धारूहेड़ा
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बाजारों और प्रमुख चौक चौराहों पर खाने की प्लेट, चाय, पकोड़े, छोले-भटूरे, आलू टिक्की, बर्गर, चाउमीन, मोमोज सहित अन्य फास्ट फूड की दुकानों पर कीमतें बढ़ा दी गई हैं। छोले-भटूरे, छोले चावल, पकोड़े और टिक्की सहित कई चीजों के दामों में भी 5 से 10 रुपये तक की वृद्धि कर दी गई है।
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जहां पहले चाय का कप 10 से 15 रुपये में मिल जाता था, वहीं अब कई जगहों पर इसकी कीमत 15 से 20 रुपये तक पहुंच गई है। दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलिंडर की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी और आपूर्ति में कमी के कारण उनकी लागत काफी बढ़ गई है।
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कई छोटे होटल संचालकों और रेहड़ी वालों का कहना है कि पहले उन्हें एक सिलिंडर 1500 से 1800 रुपये में मिल जाता था लेकिन अब मजबूरीवश अवैध रूप से वही सिलिंडर 2500 से 2800 रुपये तक में खरीदना पड़ रहा है। समय पर सिलिंडर उपलब्ध नहीं होने से भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। शहर में कई रेहड़ी तो लगना ही बंद हो चुकी हैं।
मजबूरी में छोले-भटूरे की प्लेट के दाम 10 रुपये बढ़ाए : राजू कुमार
कोर्ट मार्ग पर छोले-भटूरे व अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदार राजू कुमार ने बताया कि पिछले कुछ समय से गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है। बढ़ती लागत के कारण उन्हें छोले-भटूरे की प्लेट के दाम में 10 रुपये की बढ़ोतरी करनी पड़ी है।
धारूहेड़ा और बावल औद्योगिक क्षेत्र में 70 हजार प्रवासी मजदूर रह रहे
धारूहेड़ा और बावल औद्योगिक क्षेत्र में करीब 70 हजार से अधिक प्रवासी मजदूर काम करते हैं इसलिए खाने की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर उनके बजट पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रोजाना ढाबों और छोटी दुकानों पर भोजन करते हैं। पहले जहां 60 से 70 रुपये में खाने की एक प्लेट मिल जाती थी वहीं अब उसके दाम में भी 10 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।
यदि खाने-पीने की चीजों के दाम नहीं बढ़ाए जाएं तो खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है। दुकानदार भी ग्राहकों पर ज्यादा बोझ डालना नहीं चाहते लेकिन परिस्थितियों के कारण ऐसा करना पड़ रहा है। छोल-भटूरे की रेहड़ी लगाता हूं। 10 रुपये दाम बढ़ाने पड़े हैं। -विकास कुमार, रेहड़ी संचालक
60 रुपये की भोजन की एक प्लेट अब 70 रुपये कर दी गई है। गैस के बढ़ते दामों की वजह से ये निर्णय लिया गया है। उम्मीद है कि जल्द हालात सुधर जाएंगे। -विष्णू पंडित, होटल संचालक, धारूहेड़ा

विष्णू पंडित, होटल संचालक, धारूहेड़ा

विष्णू पंडित, होटल संचालक, धारूहेड़ा