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Mahendragarh-Narnaul News: बंद नालों से कैसे निकलेगा पानी
Sat, 29 Jun 2024 12:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 29 Jun 2024 12:44 AM IST
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फोटो संख्या.67- गोशाला धोलपोश मार्ग पर गंदगी से अटा नाला--स्रोत--संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। नगर पालिका की ओर से अभी तक शहर के नालों की सफाई नहीं कराई गई है। शहर के 15 से अधिक नालों में दो से तीन फुट तक गंदगी अटी पड़ी है। ऐसे में अगर नालों की सफाई जल्द नहीं कराई गई तो जुलाई में मानसूनी बारिश होने पर शहर में जगह-जगह जलभराव हो जाएगा और लोग परेशान होंगे।
नालों की सफाई नहीं कराए जाने से शहर वासियों को इस बार भी बरसात के मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पार्षद भी बैठक में मानसून से पूर्व ही नालों की सफाई की मांग कर चुके हैं लेकिन इस पर कार्रवाई कागजों से धरातल पर नहीं उतर पा रही है।
क्योंकि प्रस्ताव पास होने के बावजूद न तो नगर पालिका की ओर से अपने स्तर पर नालों की सफाई की गई और न ही इसका ठेका दिया। हालात यह है कि शहर के ज्यादातर नाले गंदगी से अटे हैं। हर साल मानसून सीजन में बारिश में नालों से आसपास जलभराव होने से शहरवासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के कारण शहर का मुख्य बाजार तालाब बन जाता है।
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वर्तमान में यह है नालों के हाल: गोशाला रोड से बुचौली रोड पर नालों में दो-दो फुट कचरा, पॉलीथिन व गंदगी जमी है। वहीं मोहल्ला सैनीपुरा से गोशाला धोलपोश आश्रम तक नालों में पॉलिथीन, खतपतवार सहित गंदगी से अटे पड़े हैं। यहां तक नालों की दीवारें भी टूटकर गिर चुकी हैं। कोका बगंडी से मोदाश्रम रोड तक नालों का भी ऐसा ही हाल बना हुआ है। इसके अलावा बारिश के पानी को शहर से बाहर निकालने के लिए दबाई गई भूमिगत पाइप लाइनों की सफाई भी लंबे समय से नहीं हुई है। सीवर व्यवस्था बारिश के दिनों में हर बार बिगड़ जाती है।
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महेंद्रगढ़। नगर पालिका की ओर से अभी तक शहर के नालों की सफाई नहीं कराई गई है। शहर के 15 से अधिक नालों में दो से तीन फुट तक गंदगी अटी पड़ी है। ऐसे में अगर नालों की सफाई जल्द नहीं कराई गई तो जुलाई में मानसूनी बारिश होने पर शहर में जगह-जगह जलभराव हो जाएगा और लोग परेशान होंगे।
नालों की सफाई नहीं कराए जाने से शहर वासियों को इस बार भी बरसात के मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पार्षद भी बैठक में मानसून से पूर्व ही नालों की सफाई की मांग कर चुके हैं लेकिन इस पर कार्रवाई कागजों से धरातल पर नहीं उतर पा रही है।
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क्योंकि प्रस्ताव पास होने के बावजूद न तो नगर पालिका की ओर से अपने स्तर पर नालों की सफाई की गई और न ही इसका ठेका दिया। हालात यह है कि शहर के ज्यादातर नाले गंदगी से अटे हैं। हर साल मानसून सीजन में बारिश में नालों से आसपास जलभराव होने से शहरवासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के कारण शहर का मुख्य बाजार तालाब बन जाता है।
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वर्तमान में यह है नालों के हाल: गोशाला रोड से बुचौली रोड पर नालों में दो-दो फुट कचरा, पॉलीथिन व गंदगी जमी है। वहीं मोहल्ला सैनीपुरा से गोशाला धोलपोश आश्रम तक नालों में पॉलिथीन, खतपतवार सहित गंदगी से अटे पड़े हैं। यहां तक नालों की दीवारें भी टूटकर गिर चुकी हैं। कोका बगंडी से मोदाश्रम रोड तक नालों का भी ऐसा ही हाल बना हुआ है। इसके अलावा बारिश के पानी को शहर से बाहर निकालने के लिए दबाई गई भूमिगत पाइप लाइनों की सफाई भी लंबे समय से नहीं हुई है। सीवर व्यवस्था बारिश के दिनों में हर बार बिगड़ जाती है।