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Mahendragarh-Narnaul News: निजी अस्पतालों के सहारे दिल का उपचार, एंजियोग्राफी सुविधा की दरकार

Sat, 28 Sep 2024 05:35 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2024 05:35 PM IST
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Heart treatment with the help of private hospitals, need of angiography facility
नारनौल। हृदय रोग से संबंधित बीमारियों की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बुजुर्गों के साथ-साथ 25 से 30 साल के युवा भी हृदय रोग की समस्या से परेशान है। कोराेना काल के बाद युवाओं में हृदय रोग से संबंधित बीमारियों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है।
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नागरिक अस्पताल में हृदय रोग के उपचार के लिए दो फिजिशियन चिकित्सक डॉ. जितेंद्र यादव और डॉ. विजय जांगड़ा उपलब्ध हैं। लेकिन हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सक नागरिक अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एंजियोग्राफी और विशेषज्ञ चिकित्सक के लिए प्रयास किए जा रहें है ताकि लोगों को सुगमता के साथ उपचार मिल सकें।
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सीमित सुविधाएं हीं उपलब्ध

महेंद्रगढ़ के स्वास्थ्य केंद्र पर हृदय रोग से संबंधित उपचार के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। वहीं नागरिक अस्पताल नारनौल में भी हृदय रोग से संबंधित बीमारियों का उपचार करने के लिए सीमित सुविधाएं हीं उपलब्ध हैं। नागरिक अस्पताल में हृदय रोग के उपचार के लिए दवा और आईसीयू उपलब्ध है लेकिन एंजियोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिस कारण लोगों को दिल का दौरा पड़ने के बाद या स्टंट डलवाने के लिए मजबूरन निजी अस्पताल का रुख करना पड़ता है।
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हृदय रोग के कारण, लक्षण व बचाव :
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन चिकित्सक डाॅ. जितेंद्र यादव ने बताया कि सीने में दर्द होना, सांस लेने में परेशानी होना, उल्टी आना, घबराहट के साथ पसीने आना और थकान महसूस करना हृदय रोग के मुख्य लक्षण है। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग तनाव पूर्ण माहौल, कामकाजी भागदौड़ और नियमित व संतुलित आहार की कमी के कारण हृदय रोग का शिकार हो रहें है। इसलिए हृदय रोग से बचाव के लिए आवश्यक है कि लोग नियमित रूप से व्यायाम करें, तले हुए खाने से परहेज करें ,नमक का उपयोग खाने में सीमित मात्रा में करें और नियमित व संतुलित आहर का सेवन करें।

युवा हो रहे साइलेंट अटैक का शिकार :
अनियमित जीवनशैली और खानपान के बदलाव ने हर किसी की सेहत पर असर डाला है। जिस कारण 20 से 30 साल के युवा भी साइलेंट हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। साइलेंट हार्ट अटैक से पहले किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या और लक्षण नहीं दिखाई देते और अटैक के समय सीने में दर्द भी नहीं होता बस दिल खून को प्रवाह करना बंद कर देता है और मौत हो जाती है। साइलेंट अटैक से बचने के लिए युवा व लोगों को चाहिए कि भरपूर या पर्याप्त नींद लें, जरूरत से ज्यादा वर्कआउट न करें, जरूरत से ज्यादा वर्कआउट न करें, मेंटल स्ट्रेस से बचें, जोर-जोर से यानी ठहाका लगाकर हंसे, शराब-सिगरेट का सेवन करने से बचना चाहिए।


वर्जन:
नागरिक अस्पताल में हृदय रोग से संबंधित मरीज के उपचार के लिए दवा और आईसीयू सुविधा उपलब्ध है। हृदय रोग से संबंधित मरीजों का उपचार करने के लिए नागरिक अस्पताल में दो फिजिशियन चिकित्सक उपलब्ध हैं। वहीं एंजियोग्राफी और हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के लिए प्रयास किए जा रहें है ताकि लोगों को सुगमता के साथ उपचार मिल सकें।
डॉ. कंवर सिंह चौहान, चिकित्सा अधिक्षक, नागरिक अस्पताल नारनौल।
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