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Mahendragarh-Narnaul News: आर्य समाज मंदिर में पर्यावरण की शुद्धि के लिए हवन किया
Mon, 29 Jul 2024 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 29 Jul 2024 12:16 AM IST
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फोटो संख्या-57 आर्य समाज महेंद्रगढ़ में हवन करते समाज के लोग-स्रोत- स्वयं
महेंद्रगढ़। वेद प्रचार मंडल जिला महेंद्रगढ़, आर्य समाज, महिला आर्य समाज के संयुक्त तत्वावधान में आर्य समाज मुख्यालय के प्रांगण में साप्ताहिक हवन डॉ. प्रेमराज आर्य की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। बाबू महावीर प्रसाद पायगा मुख्य यजमान व भूपेंद्र सिंह आर्य हवन पुरोहित रहे। पर्यावरण की शुद्धि, परिवार, समाज, प्रकृति, सकल सृष्टि एवं समष्टि के कल्याण की कामना के साथ वैदिक हवन की पूर्ण आहुति पर पौधरोपण किया गया।
शैलजा यादव ने बताया कि पर्यावरण में हमारे चारों ओर का वातावरण, जल, वायु, आकाश, वनस्पति जीव-जंतु सभी का समावेश है। बढ़ती जनसंख्या, अंधाधुंध वनों की कटाई, प्राकृतिक संसाधनों का दुरुपयोग, जल स्रोतों का दोहन, कल कारखानों की चिमनी से निकला जहरीला धुआं और अनेक हानिकारक अपशिष्टों से युक्त जल तथा भयंकर शोर ने पर्यावरण को अत्यधिक असंतुलित कर दिया है। पर्यावरण बचाने का एकमात्र उपाय अधिक से अधिक पौधे लगाना है। जब भी अवसर मिले हमें एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। पौधरोपण करने के साथ-साथ उनका संरक्षण करना अनिवार्य है।
डॉ. प्रेम राज आर्य ने कहा प्रकृति की पवित्रता बनाए रखना तथा संरक्षण करना हमारा नैतिक दायित्व है। पौधे हमारे स्वास्थ्य का आधार हैं। इनके बिना जीवन की कल्पना करना संभव नहीं है। जीवन के संरक्षण के लिए पौधों का संरक्षण करना अनिवार्य है। पृथ्वी हरी भरी होगी तो पर्यावरण स्वस्थ होगा, पानी की प्रचुरता से जीवन सही अर्थों में समृद्ध व सुखद होगा
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इस अवसर पर सुशीला आर्या, कप्तान सुरेंद्र पाल रसूलपुर, वीर सिंह मेघनवास, डॉ. विक्रांत डागर, बाबू रंग राव सिंह आर्य, महेंद्र दीवान, प्रताप आर्य एसडीओ, डॉ. आनंदपाल सुरजनवास, प्राचार्य विजयपाल आर्य, इंस्पेक्टर जयप्रकाश मांडोला, सुभाष नंबरदार मौजूद रहे।
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शैलजा यादव ने बताया कि पर्यावरण में हमारे चारों ओर का वातावरण, जल, वायु, आकाश, वनस्पति जीव-जंतु सभी का समावेश है। बढ़ती जनसंख्या, अंधाधुंध वनों की कटाई, प्राकृतिक संसाधनों का दुरुपयोग, जल स्रोतों का दोहन, कल कारखानों की चिमनी से निकला जहरीला धुआं और अनेक हानिकारक अपशिष्टों से युक्त जल तथा भयंकर शोर ने पर्यावरण को अत्यधिक असंतुलित कर दिया है। पर्यावरण बचाने का एकमात्र उपाय अधिक से अधिक पौधे लगाना है। जब भी अवसर मिले हमें एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। पौधरोपण करने के साथ-साथ उनका संरक्षण करना अनिवार्य है।
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डॉ. प्रेम राज आर्य ने कहा प्रकृति की पवित्रता बनाए रखना तथा संरक्षण करना हमारा नैतिक दायित्व है। पौधे हमारे स्वास्थ्य का आधार हैं। इनके बिना जीवन की कल्पना करना संभव नहीं है। जीवन के संरक्षण के लिए पौधों का संरक्षण करना अनिवार्य है। पृथ्वी हरी भरी होगी तो पर्यावरण स्वस्थ होगा, पानी की प्रचुरता से जीवन सही अर्थों में समृद्ध व सुखद होगा
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इस अवसर पर सुशीला आर्या, कप्तान सुरेंद्र पाल रसूलपुर, वीर सिंह मेघनवास, डॉ. विक्रांत डागर, बाबू रंग राव सिंह आर्य, महेंद्र दीवान, प्रताप आर्य एसडीओ, डॉ. आनंदपाल सुरजनवास, प्राचार्य विजयपाल आर्य, इंस्पेक्टर जयप्रकाश मांडोला, सुभाष नंबरदार मौजूद रहे।