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Mahendragarh-Narnaul News: आर्य समाज मंदिर में पर्यावरण शुद्धि के लिए किया हवन
Mon, 30 Jun 2025 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 30 Jun 2025 12:04 AM IST
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फोटो संख्या:56- आर्य समाज मंदिर में हवन करते समाज के लोग--स्रोत- आयोजक
महेंद्रगढ़। आर्य समाज मंदिर में वेद प्रचार मंडल जिला महेंद्रगढ़ और आर्य समाज के तत्वावधान में साप्ताहिक हवन और सत्संग का आयोजन पर्यावरण शुद्धि और सामाजिक कल्याण के लिए किया गया।
अध्यक्षता आर्य समाज के प्रधान पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य ने की। रानी आर्या मुख्य यजमान रहीं। बृहस्पति शास्त्री हवन ब्रह्मा रहे। आर्य समाज के मंत्री डॉ. विक्रांत डागर ने कहा कि वैदिक हवन का जीवन में बहुत महत्व है। यह एक प्राचीन धार्मिक अनुष्ठान है जो न केवल आध्यात्मिक विकास में सहायक है, बल्कि सामाजिक और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हवन व्यक्ति को व्यक्ति को आत्मा की शुद्धि और परमात्मा से जुड़ने में मदद करता है। यह कर्म योग का एक रूप है, जहां व्यक्ति अपने कर्मों को यज्ञ के माध्यम से भगवान को अर्पित करता है। बृहस्पति शास्त्री ने बताया की हवन में सामूहिक रूप से भाग लेने से सामाजिक एकता और सहयोग की भावना बढ़ती है।
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यह समाज में सकारात्मकता और सद्भाव लाने में मदद करता है। हवन में उपयोग होने वाली औषधियां और मंत्रों का उच्चारण वातावरण को शुद्ध करते हैं। इससे प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। इस अवसर पर पुष्पा शास्त्री, बीर सिंह मेघवनवास, मानव आर्य, महेंद्र दीवान, दीपक आर्य आदि ने हवन में आहुति डाली।
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अध्यक्षता आर्य समाज के प्रधान पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य ने की। रानी आर्या मुख्य यजमान रहीं। बृहस्पति शास्त्री हवन ब्रह्मा रहे। आर्य समाज के मंत्री डॉ. विक्रांत डागर ने कहा कि वैदिक हवन का जीवन में बहुत महत्व है। यह एक प्राचीन धार्मिक अनुष्ठान है जो न केवल आध्यात्मिक विकास में सहायक है, बल्कि सामाजिक और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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हवन व्यक्ति को व्यक्ति को आत्मा की शुद्धि और परमात्मा से जुड़ने में मदद करता है। यह कर्म योग का एक रूप है, जहां व्यक्ति अपने कर्मों को यज्ञ के माध्यम से भगवान को अर्पित करता है। बृहस्पति शास्त्री ने बताया की हवन में सामूहिक रूप से भाग लेने से सामाजिक एकता और सहयोग की भावना बढ़ती है।
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यह समाज में सकारात्मकता और सद्भाव लाने में मदद करता है। हवन में उपयोग होने वाली औषधियां और मंत्रों का उच्चारण वातावरण को शुद्ध करते हैं। इससे प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। इस अवसर पर पुष्पा शास्त्री, बीर सिंह मेघवनवास, मानव आर्य, महेंद्र दीवान, दीपक आर्य आदि ने हवन में आहुति डाली।