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हरियाणा और राजस्थान में छिड़ी पानी पर रार

Sat, 11 Mar 2017 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 11 Mar 2017 11:59 PM IST
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 एसवाईएल के पानी को लेकर पंजाब के मना करने के बाद अब राजस्थान ने भी हरियाणा को आंखें दिखाना शुरू कर दिया है। राजस्थान ने केडीएस का पानी हरियाणा को देने के बजाय पहले उसका पानी चोरी रोकने की हिदायत दी है। इसके बाद अब दोनों राज्यों की राजनीति गरमा गई है।
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एसवाईएल के पानी को लेकर हरियाणा और पंजाब में मतभेद चल ही रहे हैं। इसी के बीच गत दिनों केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी बावल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के सामने केडीएस (कृष्णावती, दोहन और साबी) से राजस्थान से हरियाणा के हिस्से का पानी मांगने का शगूफा छोड़ दिया। उल्लेखनीय है केडीसी महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और गुरुग्राम के पटौदी क्षेत्र के जलस्तर को बढ़ाने का काम करती थी। लेकिन बाद में राजस्थान ने इन नदियों पर छोटे-छोटे डैम बना दिए। शुरुआत में इन डैम के बनने के बाद दोनों राज्यों को बराबर पानी मिलने की बात कही गई थी लेकिन बाद में राजस्थान ने यह पानी हरियाणा को देना ही बंद कर दिया। इसका नतीजा रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम का पटौदी क्षेत्र डार्क जोन में चला गया।
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बन रहा राजनीतिक माहौल
एसवाईएल के बाद अब केडीसी के लिए भी दक्षिण हरियाणा में राजनीतिक माहौल बन रहा है। पानी लाने के लिए अब ग्रामीण स्तर पर बैठकें होने लगी हैं। वहीं जनप्रतिनिधि भी बैठकेें कर लोगों से इस पानी को लाने की बातें कर रहे हैं।
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ठंडे बस्ते में चली गई कोशिश
केडीसी के जल बंटवारे को लेकर 1973 में राजस्थान और हरियाणा के सिंचाई विभाग के अधिकरियों में सहमति बनी थी। लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ सकी। बाद में चार दिसंबर 1981 को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल ने राजस्थान के तत्कालीन सीएम आरसी माथुर को भी एक पत्र भेजकर अपने हक का पानी दिलाने की मांग की थी। लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं मिला।
बन चुके हैं डैम
केडीसी मुख्य रूप से बरसाती नदियां थी। ये राजस्थान से होकर हरियाणा में आती थी। बरसात के दिनों में व्यर्थ बहने वाले पानी को रोकने के लिए ही राजस्थान की सीमा में बांध बने। लेकिन बाद में बारिश की कमी और अतिक्रमण के चलते राजस्थान ने हरियाणा को उसके हिस्से का पानी बंद कर दिया।

केडीसी का पानी हरियाणा को मिलना चाहिए। दक्षिण हरियाणा पूरा डार्क जोन में चला गया है। नहरें सूखी पड़ी हैं। राजस्थान को इस दिशा में शीघ्र ही प्रयास करने चाहिए।

अभय सिंह, विधायक, नांगल चौधरी

पहले हरियाणा गुरुग्राम बेसिन और भरतपुर फीडर से राजस्थान को जाने वाले पानी की चोरी रोके। हमारे पास खुद ही पानी की बहुत कमी है। ऐसे में हम पानी कैसे दें। फिर भी मिलकर बातें करेंगे।
डॉ. रोहिताश शर्मा, चेयरमैन, अंतरराज्यीय जल विवाद निवारण समिति, राजस्थान
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