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Mahendragarh-Narnaul News: बाजरे की सरकारी खरीद खानापूर्ति

Tue, 07 Oct 2025 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Tue, 07 Oct 2025 11:51 PM IST
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Government purchase of millet is a mere formality
नारनौल/नांगल चौधरी/मंडी अटेली। बाजरे की खरीद के 15 वें दिन मंगलवार को मंडियों में बाजरे की आवक में बढ़ोतरी हुई। मंगलवार को नारनौल में 125, नांगल चौधरी में 4 और अटेली में 407 गेट पास जारी किए गए।
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वहीं नारनौल में 3365, नांगल चौधरी में 103 और अटेली में 11229 क्विंटल बाजरे की आवक हुई। हालांकि बाजरे की गुणवत्ता खराब बताकर तीनों मंडियों में बाजरे की सरकारी खरीद नहीं की गई है। इस कारण किसान व्यापारियों को बाजरा बेच रहे हैं। 15 दिनों में अब तक नारनौल में 11629, नांगल चौधरी में 480 और अटेली में 29042 क्विंटल बाजरा व्यापारियों ने खरीदा है।
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बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये निर्धारित किया गया था। वहीं भावांतर के तहत सरकारी खरीद के दौरान सरकार ने बाजरे का बाजार भाव 2200 रुपये व भावांतर राशि 575 रुपये निर्धारित की हुई है लेकिन 15 दिनों में खराब गुणवत्ता के कारण बाजरे की सरकारी खरीद नहीं की गई है।
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व्यापारी केवल 1900 से 2 हजार रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बाजरा खरीद रहे हैं। इस कारण किसान एमएसपी से कम भाव पर फसल बेचने को मजबूर है। किसानों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकारी खरीद की जाए या भावांतर राशि को बढ़ाया जाए। वहीं सरकारी खरीद के लिए बाजरे की जांच के लिए खाद अधिकारी मंडियों का रुख ही नहीं कर रहे।
खरीद शुरू होने के बाद कुछ दिन तक तो अधिकारी व कर्मचारी कुछ देर के लिए आते थे और बाजरे के सैंपल लेकर चले जाते थे लेकिन जब से सरकार ने व्यापारियों द्वारा खरीदे गए भाव पर भावांतर देने का निर्णय लिया है, उसके बाद से खरीद अधिकारी नहीं आ कर रहे। इस कारण भावांतर के तहत सरकारी खरीद केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है।
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सुबह करीब सवा 9 बजे बाजरा लेकर नारनौल मंडी पहुंच गया था। बाजरे की गुणवत्ता बेहतर है। इसलिए सरकारी खरीद के तहत बाजरा बेचना चाहता था। दोपहर 2 बजे तक सरकारी खरीद के लिए अधिकारियों का इंतजार किया लेकिन खरीद अधिकारी मंडी नहीं पहुंचे। इसके बाद व्यापारियों द्वारा लगाई गई बोली में 2050 रुपये के भाव पर बाजरा बेच दिया।-प्रवीण कुमार, किसान,गांव- छापड़ा सलीमपुर
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सरकार ने बाजार भाव 2200 रुपये निर्धारित किया है लेकिन सरकारी खरीद नहीं होने के कारण जो व्यापारी पहले 2200 रुपये में बाजरा खरीद रहे थे। अब केवल 1900 से 2 हजार रुपये में बाजरा खरीद रहे हैं। सरकार से मांग है कि भावांतर राशि को बढ़ाया जाए ताकि किसानों को बाजरे के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये मिल सकें।-पंकज कुमार, किसान, गांव-थाना


वर्जन :
बाजरे की गुणवत्ता के निर्धारित मापदंड को पूरा करने वाले बाजरे को ही खरीदा जाएगा। बाजरे की जांच के लिए अलग-अलग मंडियों में अधिकारी व कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं और प्रतिदिन बाजरे की जांच की जा रही है।-प्रवीण भारद्वाज, जिला प्रबंधक, हैफेड, नारनौल।
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