{"_id":"69b44f50ee854dbb2606e8f8","slug":"fraud-of-lakhs-committed-under-the-pretext-of-arranging-land-fir-registered-against-five-individuals-narnol-news-c-196-1-nnl1010-137174-2026-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: जमीन दिलाने के नाम पर की 18 लाख की ठगी, पांच पर प्राथमिकी दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: जमीन दिलाने के नाम पर की 18 लाख की ठगी, पांच पर प्राथमिकी दर्ज
विज्ञापन
मंडी अटेली। स्थानीय पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर जमीन दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अटेली के एक एडवोकेट ने पांच लोगों के खिलाफ अदालत में अर्जी दायर की थी। इनमें गुरुग्राम व रेवाड़ी के लोग भी शामिल हैं।
शिकायतकर्ता विक्रम सिंह यादव एडवोकेट ने आरोप लगाया कि निर्मल नामक व्यक्ति पूर्व सरपंच रह चुका है उसने उसे रिहायशी जमीन दिलाने का झांसा दिया। निर्मल ने बताया कि उसकी पहचान रेवाड़ी के गांव टींट निवासी सुनील यादव से है। जिसकी गांव गोकलपुर मुख्य मार्ग के पास जमीन है। आरोपी ने एक कनाल जमीन 20 लाख रुपये में दिलाने का भरोसा दिया।
शिकायत के अनुसार बाद में निर्मल ने उसकी मुलाकात लीलाराम उर्फ यशवंत से करवाई, जिसकी अटेली में हार्डवेयर की दुकान है। आरोप है कि अप्रैल 2023 में लीलाराम ने बताया कि कुल पांच कनाल जमीन का सौदा हो चुका है और एग्रीमेंट कुसुमलता नामक महिला के नाम पर किया गया है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 3 अप्रैल 2023 को कुसुमलता के बैंक खाते में एनईएफटी के माध्यम से 2.91 लाख रुपये ट्रांसफर किए। जून 2023 में लीलाराम की दुकान पर सुनील व निर्मल की मौजूदगी में 5 लाख रुपये नकद दिए गए। जुलाई 2023 में आरोपियों के कहने पर 10 लाख रुपये और नकद दे दिए गए।
विज्ञापन
आरोप है कि आरोपियों ने 15 से 20 दिन में जमीन के कागजात तैयार कर जमीन उसके नाम कराने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में टालमटोल करते रहे। शिकायतकर्ता ने जब तहसील में जांच करवाई तो पता चला कि संबंधित जमीन 10 अगस्त 2023 को किसी अन्य महिला के नाम सेल डीड के जरिए बेची जा चुकी है, जिसमें लीलाराम गवाह के रूप में शामिल था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने देने से इंकार कर दिया और कथित तौर पर धमकी भी दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने इस मामले में अटेली थाना और पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अदालत में इस्तगासा दायर की। पुलिस ने अदालत के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता विक्रम सिंह यादव एडवोकेट ने आरोप लगाया कि निर्मल नामक व्यक्ति पूर्व सरपंच रह चुका है उसने उसे रिहायशी जमीन दिलाने का झांसा दिया। निर्मल ने बताया कि उसकी पहचान रेवाड़ी के गांव टींट निवासी सुनील यादव से है। जिसकी गांव गोकलपुर मुख्य मार्ग के पास जमीन है। आरोपी ने एक कनाल जमीन 20 लाख रुपये में दिलाने का भरोसा दिया।
विज्ञापन
शिकायत के अनुसार बाद में निर्मल ने उसकी मुलाकात लीलाराम उर्फ यशवंत से करवाई, जिसकी अटेली में हार्डवेयर की दुकान है। आरोप है कि अप्रैल 2023 में लीलाराम ने बताया कि कुल पांच कनाल जमीन का सौदा हो चुका है और एग्रीमेंट कुसुमलता नामक महिला के नाम पर किया गया है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 3 अप्रैल 2023 को कुसुमलता के बैंक खाते में एनईएफटी के माध्यम से 2.91 लाख रुपये ट्रांसफर किए। जून 2023 में लीलाराम की दुकान पर सुनील व निर्मल की मौजूदगी में 5 लाख रुपये नकद दिए गए। जुलाई 2023 में आरोपियों के कहने पर 10 लाख रुपये और नकद दे दिए गए।
विज्ञापन
आरोप है कि आरोपियों ने 15 से 20 दिन में जमीन के कागजात तैयार कर जमीन उसके नाम कराने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में टालमटोल करते रहे। शिकायतकर्ता ने जब तहसील में जांच करवाई तो पता चला कि संबंधित जमीन 10 अगस्त 2023 को किसी अन्य महिला के नाम सेल डीड के जरिए बेची जा चुकी है, जिसमें लीलाराम गवाह के रूप में शामिल था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने देने से इंकार कर दिया और कथित तौर पर धमकी भी दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने इस मामले में अटेली थाना और पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अदालत में इस्तगासा दायर की। पुलिस ने अदालत के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच कर रही है।