{"_id":"6132784c8ebc3e6ee23537eb","slug":"fpos-will-be-made-in-district-narnol-news-rtk6229056187","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में बनेंगे किसान उत्पादन संगठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में बनेंगे किसान उत्पादन संगठन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों को खेती के समय कई आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं चुनौतियों को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) किसान उत्पादन संगठन (एफपीओ) को किसानी से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियां चलाने के लिए सहायता कर रहा है। जिले में अभी तक ऐसे 8 किसान उत्पादन संगठन बनाए जाने हैं। इसी एफपीओ के गठन के लिए लघु सचिवालय में डीसी अजय कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक हुई। बैठक में जिला उद्यान अधिकारी प्रेम यादव, एसडीओ पशुपालन डॉ. सुदर्शन यादव, एसएमएस डॉ. हरपाल सिंह, मछली पालन विभाग से सोमदत्त शर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. आशीष मौजूद रहे।
डीसी ने कहा कि इस इलाके की आर्थिक गतिविधियां अधिकतर कृषि आधारित है। ऐसे में सरकार की यह योजना किसानों के लिए बेहतर साबित होगी। इसमें बागवानी व कृषि विभाग के अधिकारियों की भी मुख्य भूमिका रहेगी। किसानों को प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ाना व उच्च गुणवत्ता के बीज, उर्वरक व कीटनाशक आदि की वित्तीय समस्याओं को दूर कर होगी। किसानों का समूह अच्छी तरह से अपनी आजीविका चला सकेगा। इस योजना के तहत 100 से अधिक एक समूह में शामिल होने चाहिए।
उन्होंने बताया कि एफपीओ से जुड़े किसानों को न सिर्फ अपनी उपज का बाजार भाव मिलेगा बल्कि खाद, बीज, दवाइयों और कृषि उपकरण आदि खरीदना आसान होगा। सेवाएं सस्ती मिलेंगी और बिचौलियों के मकड़जाल से मुक्ति भी मिलेगी। इससे किसानों की सामूहिक शक्ति बढ़ेगी।
विज्ञापन
नाबार्ड के डीडीएम विजय राणा ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से किसानों का आर्थिक उत्थान करने के लिए देशभर में ऐसे 10 हजार संगठन बनाए जाने हैं। इसमें नाबार्ड किसानों का सहयोग करेगा। जिले में फिलहाल ऐसे आठ संगठन बनाए जाएंगे। इस काम लिए बेसलाइन सर्वे करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि सुदीप व यादवेंद्र ने इस क्षेत्र में किए सर्वे के संबंध में जानकारी दी।
विज्ञापन
डीसी ने कहा कि इस इलाके की आर्थिक गतिविधियां अधिकतर कृषि आधारित है। ऐसे में सरकार की यह योजना किसानों के लिए बेहतर साबित होगी। इसमें बागवानी व कृषि विभाग के अधिकारियों की भी मुख्य भूमिका रहेगी। किसानों को प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ाना व उच्च गुणवत्ता के बीज, उर्वरक व कीटनाशक आदि की वित्तीय समस्याओं को दूर कर होगी। किसानों का समूह अच्छी तरह से अपनी आजीविका चला सकेगा। इस योजना के तहत 100 से अधिक एक समूह में शामिल होने चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि एफपीओ से जुड़े किसानों को न सिर्फ अपनी उपज का बाजार भाव मिलेगा बल्कि खाद, बीज, दवाइयों और कृषि उपकरण आदि खरीदना आसान होगा। सेवाएं सस्ती मिलेंगी और बिचौलियों के मकड़जाल से मुक्ति भी मिलेगी। इससे किसानों की सामूहिक शक्ति बढ़ेगी।
विज्ञापन
नाबार्ड के डीडीएम विजय राणा ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से किसानों का आर्थिक उत्थान करने के लिए देशभर में ऐसे 10 हजार संगठन बनाए जाने हैं। इसमें नाबार्ड किसानों का सहयोग करेगा। जिले में फिलहाल ऐसे आठ संगठन बनाए जाएंगे। इस काम लिए बेसलाइन सर्वे करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि सुदीप व यादवेंद्र ने इस क्षेत्र में किए सर्वे के संबंध में जानकारी दी।