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खाद्य एवं संरक्षा विभाग की टीम ने मिठाईयों की 5 दुकानों से भरे सैंपल

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 12:24 AM IST
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खाद्य एवं संरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को शहर की पांच मिठाइयों की दुकानों पर छापेमारी की। सूचना मिलने पर दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कुछ मिनटों में ही खाद्य पदार्थों की अधिकतर दुकानें बंद हो गईं। टीम ने चार दुकानों से मिठाइयों के तथा एक दुकान से घी का सैंपल भरा। सैंपल जांच के लिए मधुबन लैब में भेज जाएंगे।
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मंगलवार को खाद्य एवं संरक्षा विभाग की टीम ने डॉ. भंवर सिंह के नेतृत्व में मिठाइयों की दुकानों पर छापेमारी की। सबसे पहले टीम सर्राफा बाजार में पहुंची। चार दुकानों से बरफी, पेड़ा, कलांकद, घी के सैंपल लिए। इसके बाद कमला धर्मशाला के पास एक मिठाई की दुुकान से काजू की कतली का सैंपल लिया। खाद्य एवं सरंक्षा अधिकारी डॉ. भंवर सिंह ने दुकानदारों से रजिस्ट्रेशन और लाइेंसस भी मांगा। एक हलवाई को छोड़कर किसी के पास रजिस्ट्रेशन नहीं था। सभी संचालकों को एफएसएसएआई की ओर से जारी नई गाइड लाइन के बारे में भी अवगत करवाया। एक अक्तूबर से उन्हें कांउटर में लगी खुली मिठाई के बनाने और एक्सपायरी होने की तारीख लिखनी होगी। टीम के छापे की खबर पूरे शहर में फैल गई। मिठाई की दुकानों, परचून की दुकानों में हड़कंप मंच गया। कुछ दुकानदार शटर डाउन कर घर चले गए। शाम चार बजे तक अभियान जारी रहा। डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि इस वर्ष 125 दुकानों पर से विभिन्न मिठाइयों व खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें अटेली, महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी, नारनौल आदि के 15 लोगों के खिलाफ सितंबर माह में एडीसी कोर्ट में केस डाले गए हैं।

सैंपल फेल होने पर है पांच लाख रुपये तक का जुर्माना
विभाग दो प्रकार के सैंपल चेक करता है। एक तो जो मिठाइयां खाने योग्य नहीं हो तथा दूसरा मिलावटी खाद्य पदार्थों का। खराब मिठाइयां जो खाने योग्य नहीं हो उसका केस सीजीएम कोर्ट में डाला जाता है। उसमें सजा तथा जुुर्माना दोनों का प्रावधान है। मिलावटी खाद्य पदार्थों के बेचे जाने पर एडीसी कोर्ट में केस डाला जाता है। जिसमें पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
हलवाईयों की दुकानों का नहीं रजिस्ट्रेशन
डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि शहर महेंद्रगढ़ में खाद्य पदार्थ बेचने वाले बहुत कम दुकानदारों ने रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस बनवाया हुआ है। उन्होंने बताया कि एफएसएसएआई की साइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या लइसेंस बनवाया जा सकता है। जिन दुकानदारों का साल का 12 लाख रुपये से अधिक टर्न ओवर हैं उनको लाइसेंस तथा 12 लाख से कम टर्नओवर वाले दुकानदारों को रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फीस मात्र 100 रुपये है। वो किसी भी साइबर कैफे पर जाकर करवा सकते हैं।
वर्जन
हमने सर्राफा बाजार में चार तथा सब्जी मंडी के पास एक मिठाई की दुकान से मिठाइयों के सैंपल लिए हैं। अब ये सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. भंवर सिंह, खाद्य एवं संरक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़।

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