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Mahendragarh-Narnaul News: नारनौल के लघु सचिवालय में बनाया गया बाढ़ राहत केंद्र
Wed, 03 Jul 2024 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 03 Jul 2024 12:12 AM IST
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नारनौल। क्षेत्र में इन दिनों मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में अगर किसी भी समय तेज बरसात हो जाए और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाए तो इसके लिए प्रशासन ने लघु सचिवालय में बाढ़ राहत केंद्र बनाया हुआ है।
बाढ़ राहत केंद्र पर जब मंगलवार को अमर उजाला द्वारा पड़ताल की गई तो वहां कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात मिला। कर्मचारी के पास एक फोन भी रखा हुआ था। इस दौरान कर्मचारियों ने एक रजिस्टर भी लगाया हुआ था। कर्मचारी के पास जब भी कोई बाढ़ से संबंधित फोन आता है तो वह उसे रजिस्टर में नोट करता है। कर्मचारी के पास जो फोन रखा था, उसका नंबर 01282- 251209 है। इस फोन पर अगर जिले में कहीं से भी बरसात से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होती है और उनके पास फोन आता है तो उस पर तुरंत कार्रवाई अमल में लाते हैं। बाढ़ जैसे हालात होने पर कर्मचारी नहर विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग को फोन करते हैं, क्योंकि पानी निकासी के लिए उनके पास पंप सेट आदि की व्यवस्था होती है। अगर स्थिति ज्यादा खराब हो तो वे इसकी रिपोर्ट चंडीगढ़ भी भेजते हैं। लघु सचिवालय में बनाए गए इस बाढ़ राहत केंद्र के नोडल अधिकारी जिला राजस्व अधिकारी है। वहीं नगर परिषद के डीएमसी को भी सभी सूचनाएं भेजी जाती है।
बाढ़ राहत केंद्र पर 24 घंटे कर्मचारी की ड्यूटी रहती है। जिले में कहीं से बाढ़ संबंधी फोन आए तो यहां से सभी संबंधित विभागों व अधिकारियों को सूचना दी जाती है। अभी तक ऐसी बरसात नहीं हुई है। केवल दो दिन ही बरसात हुई इसलिए अभी तक हमारे पास कोई फोन नहीं आया है।
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विक्रम सिंह, डब्ल्यूबीएन नारनौल।
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बाढ़ राहत केंद्र पर जब मंगलवार को अमर उजाला द्वारा पड़ताल की गई तो वहां कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात मिला। कर्मचारी के पास एक फोन भी रखा हुआ था। इस दौरान कर्मचारियों ने एक रजिस्टर भी लगाया हुआ था। कर्मचारी के पास जब भी कोई बाढ़ से संबंधित फोन आता है तो वह उसे रजिस्टर में नोट करता है। कर्मचारी के पास जो फोन रखा था, उसका नंबर 01282- 251209 है। इस फोन पर अगर जिले में कहीं से भी बरसात से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होती है और उनके पास फोन आता है तो उस पर तुरंत कार्रवाई अमल में लाते हैं। बाढ़ जैसे हालात होने पर कर्मचारी नहर विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग को फोन करते हैं, क्योंकि पानी निकासी के लिए उनके पास पंप सेट आदि की व्यवस्था होती है। अगर स्थिति ज्यादा खराब हो तो वे इसकी रिपोर्ट चंडीगढ़ भी भेजते हैं। लघु सचिवालय में बनाए गए इस बाढ़ राहत केंद्र के नोडल अधिकारी जिला राजस्व अधिकारी है। वहीं नगर परिषद के डीएमसी को भी सभी सूचनाएं भेजी जाती है।
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बाढ़ राहत केंद्र पर 24 घंटे कर्मचारी की ड्यूटी रहती है। जिले में कहीं से बाढ़ संबंधी फोन आए तो यहां से सभी संबंधित विभागों व अधिकारियों को सूचना दी जाती है। अभी तक ऐसी बरसात नहीं हुई है। केवल दो दिन ही बरसात हुई इसलिए अभी तक हमारे पास कोई फोन नहीं आया है।
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विक्रम सिंह, डब्ल्यूबीएन नारनौल।