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Mahendragarh-Narnaul News: फायर सिस्टम ने ट्राॅमा सेंटर के उद्घाटन पर लगाया ब्रेक, आठ माह से नहीं हो सका टेंडर
Wed, 29 May 2024 04:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 29 May 2024 04:45 AM IST
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नारनौल।
नारनौल में ट्राॅमा सेंटर का इंतजार खत्म होता नहीं दिखाई दे रहा है। ट्राॅमा सेंटर का भवन बनकर तैयार है और एसी भी लगे करीब आठ माह हो चुके हैं, लेकिन फायर सिस्टम नहीं लगने की वजह से मरीजों को उपचार के लिए करीब 130 किलोमीटर सफर करना पड़ रहा है। इसकी वजह से मरीजों को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ट्राॅमा सेंटर जून 2022 में ही स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द करना था, लेकिन उस समय भी स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द नहीं किया जा सका। इसके बाद दिसंबर 2022 तक पूरा कार्य होने की बात कही गई। अब भवन भी तैयार हो चुका है, लेकिन पिछले करीब सात-आठ माह से फायर सिस्टम को लेकर मामला अटका हुआ है। ऐसे में वर्ष 2024 में भी जिलावासियों को सौगात मिल सकेगी या नही अभी यह तय नहीं है। जिला में चिकित्सा सेवाओं में बढ़ोतरी के लिए नारनौल के नागरिक अस्पताल के पीछे ट्राॅमा सेंटर का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
निजी अस्पताल में उपचार लेने को मजबूर लोग
नारनौल के नागरिक अस्पताल में गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार कर रोहतक रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीज को रोहतक ले जाने की बजाय निजी अस्पताल में ही दाखिल करवाना पड़ता है। ट्राॅमासेंटर शुरू हो जाए तो लोगों पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।
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ट्राॅमा सेंटर में यह मिलेगी सुविधा
ट्राॅमा सेंटर में न्यूरोलॉजी, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, लेबोरेटरी, एक्स रे रूम के साथ अनेक सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल पाएगी। ट्राॅमा सेंटर के प्रथम फ्लोर पर जाने के लिए सीढि़यां, रैंप और लिफ्ट की भी व्यवस्था की गई है। ट्राॅमा सेंटर शुरू होने से सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल को समय पर इलाज मिल सकेगा और जान भी बच सकेगी।
वर्जन:
आचार संहिता लगने की वजह से फायर सिस्टम का टेंडर नहीं छोड़ा गया। अब आचार संहिता हटते ही ट्रामा सेंटर में फायर सिस्टम लगाया जाएगा। फायर सिस्टम का कार्य पूरा होते ही स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार,जेई, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग।
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नारनौल में ट्राॅमा सेंटर का इंतजार खत्म होता नहीं दिखाई दे रहा है। ट्राॅमा सेंटर का भवन बनकर तैयार है और एसी भी लगे करीब आठ माह हो चुके हैं, लेकिन फायर सिस्टम नहीं लगने की वजह से मरीजों को उपचार के लिए करीब 130 किलोमीटर सफर करना पड़ रहा है। इसकी वजह से मरीजों को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ट्राॅमा सेंटर जून 2022 में ही स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द करना था, लेकिन उस समय भी स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द नहीं किया जा सका। इसके बाद दिसंबर 2022 तक पूरा कार्य होने की बात कही गई। अब भवन भी तैयार हो चुका है, लेकिन पिछले करीब सात-आठ माह से फायर सिस्टम को लेकर मामला अटका हुआ है। ऐसे में वर्ष 2024 में भी जिलावासियों को सौगात मिल सकेगी या नही अभी यह तय नहीं है। जिला में चिकित्सा सेवाओं में बढ़ोतरी के लिए नारनौल के नागरिक अस्पताल के पीछे ट्राॅमा सेंटर का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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निजी अस्पताल में उपचार लेने को मजबूर लोग
नारनौल के नागरिक अस्पताल में गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार कर रोहतक रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीज को रोहतक ले जाने की बजाय निजी अस्पताल में ही दाखिल करवाना पड़ता है। ट्राॅमासेंटर शुरू हो जाए तो लोगों पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।
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ट्राॅमा सेंटर में यह मिलेगी सुविधा
ट्राॅमा सेंटर में न्यूरोलॉजी, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, लेबोरेटरी, एक्स रे रूम के साथ अनेक सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल पाएगी। ट्राॅमा सेंटर के प्रथम फ्लोर पर जाने के लिए सीढि़यां, रैंप और लिफ्ट की भी व्यवस्था की गई है। ट्राॅमा सेंटर शुरू होने से सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल को समय पर इलाज मिल सकेगा और जान भी बच सकेगी।
वर्जन:
आचार संहिता लगने की वजह से फायर सिस्टम का टेंडर नहीं छोड़ा गया। अब आचार संहिता हटते ही ट्रामा सेंटर में फायर सिस्टम लगाया जाएगा। फायर सिस्टम का कार्य पूरा होते ही स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार,जेई, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग।