फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Fight for fertilizer, farmers clashed with each other

Mahendragarh-Narnaul News: खाद के लिए मारामारी, आपस में ही भिड़ गए किसान

Tue, 08 Oct 2024 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Tue, 08 Oct 2024 12:58 AM IST
विज्ञापन
Fight for fertilizer, farmers clashed with each other
फोटो संख्या:60- वेदप्रकाश, बुचौली--संवाद
महेंद्रगढ़। रेलवे रोड स्थित सरकारी खाद केंद्र पर डीएपी लेने के लिए किसानों की लंबी कतार लगी रही है। सुबह से ही खाद लेने के लिए महिला-पुरुषों की लंबी लाइन लगी रही। वितरण से पूर्व खाद लेने के चक्कर में किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। केंद्र कर्मचारियों ने किसानों को लाइनों में लगाकर खाद का वितरण शुरू कर दिया। सुबह से खाद लेने के लिए महिला-पुरुष किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह सात बजे से जैसे ही वितरण शुरू किया तो किसान पहले खाद लेने के चक्कर में आपस में ही भिड़ गए।
विज्ञापन

सोसाइटी के कर्मचारियों के सहयोग से शांतिपूर्वक खाद का वितरण किया गया। एक आधार कार्ड पर किसान को पहले पांच बैग दिए जा रहे थे जिसकी संख्या घटाकर सोमवार को महज दो कर दी। केंद्र पर 1400 खाद के बैग पहुंचे। किसानों का कहना है कि पिछले तीन साल से खाद को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है। एक किसान को एक आधार कार्ड पर दो बैग दिए जा रहे है, जबकि छह एकड़ में पांच खाद के बैग होना जरूरी है।
विज्ञापन

हैफेड के प्रबंधक जगराम यादव ने बताया कि सोमवार सुबह सरकारी खाद केंद्र पर 1400 बैग पहुंचे थे। 350 किसान खाद लेने के लिए पहुंचे, जिनमें से एक किसान को दो बैग वितरित किया गया। 350 किसानों को 700 बैग वितरण कर दिया। 700 बैग गोदाम में शेष है। शेष बैग मंगलवार को वितरित किए जाएंगे। किसानों को खाद को लेकर किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


खरीद केंद्र पर दो कर्मचारी कार्य कर रहे है। एक टोकन काट रहा है जबकि दूसरा खाद के बैग वितरित कर रहा है। किसानों की भीड़ को देखते हुए सरकार ने तीन कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती करनी चाहिए। ताकि किसानों को खाद के बैग आराम से मिल जाए।
राकेश कुमार, रिवासा
सुबह से लाइन में आकर लगा था। जैसे-तैसे दोपहर तक उसका नंबर आया तो दो बैग का टोकन काटकर दिया। लेकिन अभी तक खाद के बैग नहीं दिया गया है। एक कर्मचारी की बजाय दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि किसानों की भीड़ न लगे।
वीरेंद्र सिंह, डुलाना
किसानों को एक आधार कार्ड पर दो खाद के बैग वितरित किए जा रहे है। उसने पांच एकड़ में सरसों की बिजाई करनी है। उसको छह से सात खाद के बैग की आवश्यकता है। उसे फिर से तीन से चार बार लाइनों में लग कर बैग लेने पडे़गे।

वेदप्रकाश, बुचौली
उसने आठ एकड़ में सरसों की बिजाई करनी है। उसके लिए पांच से अधिक खाद की आवश्यकता है। उसे सिर्फ दो ही बैग मिलें है। वह सुबह से अपनी परिवार की महिलाओं को भी लाइन में लगी हुई है। ताकि खाद का प्रबंध हो सके।
सतबीर, पालड़ी पनिहारा

फोटो संख्या:60- वेदप्रकाश, बुचौली--संवाद

फोटो संख्या:60- वेदप्रकाश, बुचौली--संवाद

फोटो संख्या:60- वेदप्रकाश, बुचौली--संवाद

फोटो संख्या:60- वेदप्रकाश, बुचौली--संवाद

फोटो संख्या:60- वेदप्रकाश, बुचौली--संवाद

फोटो संख्या:60- वेदप्रकाश, बुचौली--संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed