{"_id":"6973b925427960081807ff45","slug":"farmers-will-participate-in-the-strike-on-february-12-against-anti-people-policies-narnol-news-c-196-1-nnl1004-135229-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी की हड़ताल में शामिल होंगे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी की हड़ताल में शामिल होंगे किसान
विज्ञापन
फोटो 4सुभाष पार्क में बैठक करते केंद्रीय ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी के सदस्य।स्रोत प्रवक्ता
नारनौल। सुभाष पार्क नारनौल में शुक्रवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी के जिला कमेटी की बैठक हुई। जिला सचिव छाजूराम रावत ने कहा कि किसान-मजदूर व जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में किसान भी भाग लेंगे।
एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सुबे सिंह ने कहा कि कि केंद्रीय सरकार की ओर से श्रमिक विरोधी व चार लेबर कोड को 21 नवंबर 2025 को अचानक लागू करने की घोषणा को आजादी आंदोलन से अब तक मजदूरों के संघर्ष व कुर्बानियों से हासिल श्रमिक हितों के खिलाफ है।
जिला सचिव छाजूराम रावत करते ने बताया कि लेबर कोड्स में कारखाने की परिभाषा बदल देने से अधिकतर श्रमिक, श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो गए हैं। अब वह अपनी वेतन व अन्य अधिकारों की बढ़ोतरी अथवा सुरक्षा कानूनी तौर पर नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन
उप प्रधान सीताराम ने कहा कि इन लेबर कोड्स के लागू होने से हड़ताल करने का अधिकार कमजोर होगा, स्थायी रोजगार खत्म होकर ठेका व अस्थाई काम बढे़गा।
कृष्णा देवी ने कहा कि केंद्रीय ट्रेड यूनियन-एआईयूटीयूसी सहित देश की दस बड़ी ट्रेड यूनियनों का राष्ट्रीय स्तर पर सांझा आंदोलन चार लेबर कोड को वापस लेने की पुरजोर मांग की जाएगी। किसान संगठन एआईकेकेएमएस जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह ने कहा कि किसान-मजदूर विरोधी व जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में
किसान भी भाग लेंगे और इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल किया जाएगा। इस अवसर पर मास्टर सुबे सिंह, किसान संगठन एआईकेकेएमएस जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह, छाजूराम रावत, सीताराम, महावीर प्रसाद गोद, सुरेंद्र कुमार मकसुसपुरिया, अभिमन्यु, अंजू, निरमा, सतीश कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
विज्ञापन
एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सुबे सिंह ने कहा कि कि केंद्रीय सरकार की ओर से श्रमिक विरोधी व चार लेबर कोड को 21 नवंबर 2025 को अचानक लागू करने की घोषणा को आजादी आंदोलन से अब तक मजदूरों के संघर्ष व कुर्बानियों से हासिल श्रमिक हितों के खिलाफ है।
विज्ञापन
जिला सचिव छाजूराम रावत करते ने बताया कि लेबर कोड्स में कारखाने की परिभाषा बदल देने से अधिकतर श्रमिक, श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो गए हैं। अब वह अपनी वेतन व अन्य अधिकारों की बढ़ोतरी अथवा सुरक्षा कानूनी तौर पर नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन
उप प्रधान सीताराम ने कहा कि इन लेबर कोड्स के लागू होने से हड़ताल करने का अधिकार कमजोर होगा, स्थायी रोजगार खत्म होकर ठेका व अस्थाई काम बढे़गा।
कृष्णा देवी ने कहा कि केंद्रीय ट्रेड यूनियन-एआईयूटीयूसी सहित देश की दस बड़ी ट्रेड यूनियनों का राष्ट्रीय स्तर पर सांझा आंदोलन चार लेबर कोड को वापस लेने की पुरजोर मांग की जाएगी। किसान संगठन एआईकेकेएमएस जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह ने कहा कि किसान-मजदूर विरोधी व जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में
किसान भी भाग लेंगे और इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल किया जाएगा। इस अवसर पर मास्टर सुबे सिंह, किसान संगठन एआईकेकेएमएस जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह, छाजूराम रावत, सीताराम, महावीर प्रसाद गोद, सुरेंद्र कुमार मकसुसपुरिया, अभिमन्यु, अंजू, निरमा, सतीश कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।