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खाद के लिए दिनभर भटकते रहे किसान, नहीं मिली खाद
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जिले में खाद की कमी कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिससे न केवल किसान परेशान हैं बल्कि अधिकारियों की परेशानी भी बढ़ रही है, क्योंकि अधिकारियों को रोजाना किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। शहर में रविवार को भी खाद वितरित नहीं किया गया। किसान कभी अनाज मंडी तो कभी पुलिस लाइन में खाद के लिए भटकते रहे, मगर न तो सरकारी और न ही प्राइवेट केंद्रों पर खाद नहीं मिल पाई। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वीरवार को खोरी रेवाड़ी में लगे रैक में जिले में 500 मीट्रिक टन खाद मिली थी। जोकि प्राइवेट केंद्रों पर भेजकर वितरित की गई। इस प्रकार नारनौल में शुक्रवार को डीएपी खाद वितरित की गई थी, मगर एक प्राइवेट केंद्र को 500 बैग खाद मिली थी जोकि देर शाम तक किसानों वितरित कर दी गई थी। इस प्रकार सैकड़ों किसानों को खाद नहीं मिल पाई। इस रैक में सबसे अधिक डीएपी नांगल चौधरी क्षेत्र में पहुंचाई गई, लेकिन नांगल चौधरी में शनिवार शाम तक प्राइवेट केंद्रों पर उपलब्ध खाद को किसानों को वितरित किया गया था। इसके बाद भी किसानों में खाद के लिए मारामारी जारी रही।
नारनौल अनाज मंडी स्थित कोऑपरेटिव सोसायटी पर 16 अक्तूबर के बाद से डीएपी खाद नहीं पहुंची है। यहां गत 16 अक्तूबर को 800 बैग डीएपी खाद के आए थे। जोकि शनिवार व रविवार को वितरित कर दिए गए थे। इसके बाद से आज 24 अक्तूबर तक सोसायटी में डीएपी खाद नहीं पहुंची है। वहीं अभी खाद पहुंचने की भी कोई जानकारी कर्मचारियों के पास नहीं है। ऐसे में किसान प्रतिदिन अनाज मंडी स्थित सोसायटी पर खाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन डीएपी खाद नहीं होने का नोटिस देखकर किसान लौट जाते हैं।
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जिले में खाद की कमी लगातार जारी है। किसान 20-30 किलोमीटर दूर तक खाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। यही नहीं दूसरे जिलों में भी किसान खाद के लिए पहुंच रहे हैं। जिन किसानों को अपने क्षेत्र में खाद नहीं मिल पाती है वे दूसरे क्षेत्र जैसे महेंद्रगढ़, नारनौल, कनीना, नांगल चौधरी या फिर अटेली जहां भी खाद वितरित की जा रही हो वहीं पहुंच जाते हैं, लेकिन वहां भी किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पाती है।
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वीरवार को खोरी रेवाड़ी में लगे रैक में जिले में 500 मीट्रिक टन खाद मिली थी। जोकि प्राइवेट केंद्रों पर भेजकर वितरित की गई। इस प्रकार नारनौल में शुक्रवार को डीएपी खाद वितरित की गई थी, मगर एक प्राइवेट केंद्र को 500 बैग खाद मिली थी जोकि देर शाम तक किसानों वितरित कर दी गई थी। इस प्रकार सैकड़ों किसानों को खाद नहीं मिल पाई। इस रैक में सबसे अधिक डीएपी नांगल चौधरी क्षेत्र में पहुंचाई गई, लेकिन नांगल चौधरी में शनिवार शाम तक प्राइवेट केंद्रों पर उपलब्ध खाद को किसानों को वितरित किया गया था। इसके बाद भी किसानों में खाद के लिए मारामारी जारी रही।
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नारनौल अनाज मंडी स्थित कोऑपरेटिव सोसायटी पर 16 अक्तूबर के बाद से डीएपी खाद नहीं पहुंची है। यहां गत 16 अक्तूबर को 800 बैग डीएपी खाद के आए थे। जोकि शनिवार व रविवार को वितरित कर दिए गए थे। इसके बाद से आज 24 अक्तूबर तक सोसायटी में डीएपी खाद नहीं पहुंची है। वहीं अभी खाद पहुंचने की भी कोई जानकारी कर्मचारियों के पास नहीं है। ऐसे में किसान प्रतिदिन अनाज मंडी स्थित सोसायटी पर खाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन डीएपी खाद नहीं होने का नोटिस देखकर किसान लौट जाते हैं।
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जिले में खाद की कमी लगातार जारी है। किसान 20-30 किलोमीटर दूर तक खाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। यही नहीं दूसरे जिलों में भी किसान खाद के लिए पहुंच रहे हैं। जिन किसानों को अपने क्षेत्र में खाद नहीं मिल पाती है वे दूसरे क्षेत्र जैसे महेंद्रगढ़, नारनौल, कनीना, नांगल चौधरी या फिर अटेली जहां भी खाद वितरित की जा रही हो वहीं पहुंच जाते हैं, लेकिन वहां भी किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पाती है।