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पैक्स में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को निजी दुकानदारों से खरीदना पड़ रहा है खाद
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मंडी अटेली। रबी की फसल की बिजाई का समय आने के कारण किसानों को पैक्स में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को निजी दुकानदारों से खाद्य खरीदना पड़ रहा है, इस कारण किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी दिखाई दे रही है। किसान अतुल कुमार, अमर सिंह, अमरजीत, सुमेर सिंह, बलवीर सिंह, राकेश कुमार, रतनलाल, धर्मवीर, दयाराम, आदि ने बताया कि रबी फसल को बिजाई करने से पहले डीएपी खाद का छिड़काव किया जाता है लेकिन अभी तक पैक्स में किसानों को मिलने वाले डीएपी खाद की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
इसके कारण किसानों को निजी दुकानदारों से खाद लेना पड़ रहा है जहां पर निजी दुकानदार 1200 रुपये डीएपी खाद के साथ सल्फर या कृषि से संबंधित अन्य सामग्री जबरन देकर 2000 रुपये वसूल किए जा रहे। इससे किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान उठानी पड़ रहा है। अटेली कस्बे में आधा दर्जन निजी दुकानदार खाद विक्रेता के रूप में काम कर रहे हैं लेकिन सरकारी खाद की दुकान पर डीएपी उपलब्ध न होने के कारण यह दुकानदार किसानों को जबरन कृषि से संबंधित अन्य सामग्री देकर किसान को मजबूरीवश खाद खरीदने को मजबूर हैं।
बाक्स:
पैक्स से 40 गांवों के 10200 किसान हैं जुड़े:
अटेली पैक्स के अंतर्गत 40 गांव लगते हैं जिनमें से 10200 किसान फैक्स से जुड़े हुए हैं। 4000 किसान लगातार पैक्स में लेन-देन कर रहे हैं । 2000 के करीब किसान डिफाल्टर सूची में शामिल है मगर जो किसान लगातार फैक्स से जुड़े हुए हैं उनको डीएपी ने मिलने से वह चिंतित है सरकार के प्रति अपनी खासी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
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क्या कहते हैं किसान:
सरकारी दुकान पर खाद नहीं मिलने के कारण निजी दुकानदारों से डीएपी खाद लिया गया है लेकिन 12 रुपए के बेग के साथ सल्फर व अन्य सामग्री जबरन देकर 2000 रुपये वसूल किए जा रहे ऐसे हालात में किसान बेहद परेशानी से गुजर रहा है। -वीरेंद्र सिंह किसान
निजी दुकानदार डीएपी खाद का बैग वितरण करते समय किसान को आधार कार्ड के आधार पर दो बैग दे रहे हैं लेकिन आने सामग्री के नाम पर राशि लेने का जबरन जो कार्य कर रहे हैं उसके कारण निजी दुकानदारों के प्रति नाराजगी दिखाई दे रही है। -किसान रविंद्र कुमार गांव खेड़ी
रवि की फसल की बिजाई से पहले डीएपी खाद का छिड़काव करना जरूरी है लेकिन सरकारी दुकानों पर डीएपी खाद का अभाव होने के कारण निजी दुकानदारों से खाद खरीदा जा रहा है जहां पर किसानों को अन्य सामग्री देकर अधिक राशि वसूल की जा रही है। - कविंदर,किसान, गांव उनिंदा
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क्या कहते हैैं अधिकारी:
वर्जन:
डीएपी खाद के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। दो तीन रोज में खाद उपलब्ध हो जाएगा जो किसानों को 1200 रुपये प्रति कट्टे के हिसाब से दिया जाएग। -विजय सिंह, इंचार्ज फैक्स, अटेली।
वर्जन---------
डीएपी खाद की कमी को उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है । जल्द ही डीएपी खाद का वितरण चालू हो जाएगा जहां पर निजी दुकानदार खाद के साथ-साथ कृषि से संबंधित आने सामग्री थोप रहे हैं ऐसा कोई प्रावधान नहीं है शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -धर्मवीर यादव बीडीपीओ कृषि विभाग अटेली।
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इसके कारण किसानों को निजी दुकानदारों से खाद लेना पड़ रहा है जहां पर निजी दुकानदार 1200 रुपये डीएपी खाद के साथ सल्फर या कृषि से संबंधित अन्य सामग्री जबरन देकर 2000 रुपये वसूल किए जा रहे। इससे किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान उठानी पड़ रहा है। अटेली कस्बे में आधा दर्जन निजी दुकानदार खाद विक्रेता के रूप में काम कर रहे हैं लेकिन सरकारी खाद की दुकान पर डीएपी उपलब्ध न होने के कारण यह दुकानदार किसानों को जबरन कृषि से संबंधित अन्य सामग्री देकर किसान को मजबूरीवश खाद खरीदने को मजबूर हैं।
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बाक्स:
पैक्स से 40 गांवों के 10200 किसान हैं जुड़े:
अटेली पैक्स के अंतर्गत 40 गांव लगते हैं जिनमें से 10200 किसान फैक्स से जुड़े हुए हैं। 4000 किसान लगातार पैक्स में लेन-देन कर रहे हैं । 2000 के करीब किसान डिफाल्टर सूची में शामिल है मगर जो किसान लगातार फैक्स से जुड़े हुए हैं उनको डीएपी ने मिलने से वह चिंतित है सरकार के प्रति अपनी खासी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
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क्या कहते हैं किसान:
सरकारी दुकान पर खाद नहीं मिलने के कारण निजी दुकानदारों से डीएपी खाद लिया गया है लेकिन 12 रुपए के बेग के साथ सल्फर व अन्य सामग्री जबरन देकर 2000 रुपये वसूल किए जा रहे ऐसे हालात में किसान बेहद परेशानी से गुजर रहा है। -वीरेंद्र सिंह किसान
निजी दुकानदार डीएपी खाद का बैग वितरण करते समय किसान को आधार कार्ड के आधार पर दो बैग दे रहे हैं लेकिन आने सामग्री के नाम पर राशि लेने का जबरन जो कार्य कर रहे हैं उसके कारण निजी दुकानदारों के प्रति नाराजगी दिखाई दे रही है। -किसान रविंद्र कुमार गांव खेड़ी
रवि की फसल की बिजाई से पहले डीएपी खाद का छिड़काव करना जरूरी है लेकिन सरकारी दुकानों पर डीएपी खाद का अभाव होने के कारण निजी दुकानदारों से खाद खरीदा जा रहा है जहां पर किसानों को अन्य सामग्री देकर अधिक राशि वसूल की जा रही है। - कविंदर,किसान, गांव उनिंदा
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क्या कहते हैैं अधिकारी:
वर्जन:
डीएपी खाद के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। दो तीन रोज में खाद उपलब्ध हो जाएगा जो किसानों को 1200 रुपये प्रति कट्टे के हिसाब से दिया जाएग। -विजय सिंह, इंचार्ज फैक्स, अटेली।
वर्जन---------
डीएपी खाद की कमी को उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है । जल्द ही डीएपी खाद का वितरण चालू हो जाएगा जहां पर निजी दुकानदार खाद के साथ-साथ कृषि से संबंधित आने सामग्री थोप रहे हैं ऐसा कोई प्रावधान नहीं है शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -धर्मवीर यादव बीडीपीओ कृषि विभाग अटेली।