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Mahendragarh-Narnaul News: सामाजिक परिवर्तन लाने में आरएसएस की भूमिका के दिए उदाहरण
Fri, 11 Oct 2024 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 11 Oct 2024 01:31 AM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में वीरवार को विश्वविद्यालय के एक भारत श्रेष्ठ भारत प्रकोष्ठ द्वारा युवा और सेवा फाउंडेशन, हरियाणा प्रांत के सहयोग से एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने में सेवा के परिवर्तनकारी प्रभाव का पता लगाना था। युवा सेवा प्रांत कार्यकारिणी समिति के डॉ. गौरव ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।
मुख्य वक्ता प्रताप ने अपने संबोधन में निस्वार्थ सेवा के महत्व और समर्पित सामुदायिक कार्य के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाने में आरएसएस जैसे संगठनों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। युवा केवल तन से ही नहीं होना चाहिए बल्कि मन से भी युवा होना आवश्यक है तभी तन व मन की संयुक्त क्रिया से एक स्वस्थ विचार की रचना होती है। वहीं विचार एक स्वस्थ समाज का आधार बनता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और उद्यम सिंह का उदाहरण देकर युवाओं को कार्य के साथ-साथ अपना संकल्प पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने सेवा के महत्त्व से विद्यार्थियों को अवगत कराने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केवल संसाधनों को बढ़ना ही विकास नहीं है, इसके लिए आमजन में स्वच्छता व सुंदरता का भाव होना भी आवश्यक है। विश्वविद्यालय में एक भारत श्रेष्ठ भारत के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेंद्र प्रसाद मीणा ने व कार्यक्रम के समन्वयक तथा बी.वॉक. विभाग में सहायक आचार्य डॉ. सुनील कुमार ने सह-समन्वयक की भूमिका का निर्वहन किया। संगोष्ठी में जिला संघचालक कैप्टन हंसराज, विभाग प्रचारक जितेंद्र सहित निजी स्कूल के चेयरमैन व प्राचार्य, विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
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मुख्य वक्ता प्रताप ने अपने संबोधन में निस्वार्थ सेवा के महत्व और समर्पित सामुदायिक कार्य के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाने में आरएसएस जैसे संगठनों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। युवा केवल तन से ही नहीं होना चाहिए बल्कि मन से भी युवा होना आवश्यक है तभी तन व मन की संयुक्त क्रिया से एक स्वस्थ विचार की रचना होती है। वहीं विचार एक स्वस्थ समाज का आधार बनता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और उद्यम सिंह का उदाहरण देकर युवाओं को कार्य के साथ-साथ अपना संकल्प पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
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कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने सेवा के महत्त्व से विद्यार्थियों को अवगत कराने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केवल संसाधनों को बढ़ना ही विकास नहीं है, इसके लिए आमजन में स्वच्छता व सुंदरता का भाव होना भी आवश्यक है। विश्वविद्यालय में एक भारत श्रेष्ठ भारत के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेंद्र प्रसाद मीणा ने व कार्यक्रम के समन्वयक तथा बी.वॉक. विभाग में सहायक आचार्य डॉ. सुनील कुमार ने सह-समन्वयक की भूमिका का निर्वहन किया। संगोष्ठी में जिला संघचालक कैप्टन हंसराज, विभाग प्रचारक जितेंद्र सहित निजी स्कूल के चेयरमैन व प्राचार्य, विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
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