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एसडीएम की हिदायत के बाद भी बाजरा खरीद में नहीं हुआ सुधार
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अनाज मंडी में बाजरा खरीद में सुधार नहीं हो पा रहा है। कई आढ़ती बिना झारना लगाए ही बाजरा बेच रहे हैं। जबकि, जांच में एसडीएम ने सभी से खराब बाजरे में झारना लगाने की हिदायत दी थी। वहीं एडीएम की जांच में अधिक बाजरा वजन करने व साफ-सफाई पर मार्केट कमेटी ने छाजूराम नितेश कुमार व हरिराम श्योदत्त राय को नोटिस जारी कर दिया है। मंगलवार को मंडी में 292 किसानों से करीब 7200 क्विंटल बाजरा खरीदा गया है।
बता दें कि जिला मुख्यालय स्थित नारनौल नई अनाज मंडी में बाजरे की खरीद सही तरीके से नहीं हो पा रही है। बाजरे की जांच और खरीद में अनियमितताएं बरती जा रही है। सोमवार को एसडीएम मनोज कुमार ने मंडी का दौरा किया तो उन्हें भी मिली थी। उन्होंने पाया था कि बाजरे की खरीद में सही तरीके से झरना का प्रयोग नहीं हो रहा है। कुछ आढ़ती झरने का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। मंगलवार को भी कई आढ़तियों के पास झरना नहीं था। आढ़ती बाजरे की ढेरी पर झाड़ू मारकर साफ कर देते हैं। खरीद अधिकारी रूबी हुड्डा ने कहा कि साफ बाजरे में झारने की जरूरत नहीं है। खराब ढेरी की बोली नहीं लगाई जा रही है। झारना के बाद ही खरीदा जा रहा है।
दो फार्मों को नोटिस जारी
सोमवार को एसडीएम ने जांच में पाया था कि कुछ आढ़ती प्रति बैग 150-200 ग्राम बाजरा अधिक भरा हुआ था। इन पर उन्होंने नाराजगी जताई। एसडीएम ने संबंधित आढ़तियों को नोटिस देने को कहा था। इस पर नारनौल मार्केट कमेटी ने मैसर्स छाजूराम नितेश और हरिराम श्योदत्त राय नोटिस जारी किया है। छाजूराम नितेश को जारी नोटिस में कहा गया हैं कि जांच के दौरान पाया गया हैं कि किसानों के बाजरे की तौल में अंतर था पीएपीएम एक्ट 1961 की लाइसेंस की शर्त एक अनुसार नहीं है। इस पर लाइसेंस के साथ जुर्माना लगाया जा सकता है। भविष्य में ऐसा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। हरिराम श्योदत्त राय पर साफ-सफाई में लापरवाही बतरने का आरोप है।
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बता दें कि जिला मुख्यालय स्थित नारनौल नई अनाज मंडी में बाजरे की खरीद सही तरीके से नहीं हो पा रही है। बाजरे की जांच और खरीद में अनियमितताएं बरती जा रही है। सोमवार को एसडीएम मनोज कुमार ने मंडी का दौरा किया तो उन्हें भी मिली थी। उन्होंने पाया था कि बाजरे की खरीद में सही तरीके से झरना का प्रयोग नहीं हो रहा है। कुछ आढ़ती झरने का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। मंगलवार को भी कई आढ़तियों के पास झरना नहीं था। आढ़ती बाजरे की ढेरी पर झाड़ू मारकर साफ कर देते हैं। खरीद अधिकारी रूबी हुड्डा ने कहा कि साफ बाजरे में झारने की जरूरत नहीं है। खराब ढेरी की बोली नहीं लगाई जा रही है। झारना के बाद ही खरीदा जा रहा है।
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दो फार्मों को नोटिस जारी
सोमवार को एसडीएम ने जांच में पाया था कि कुछ आढ़ती प्रति बैग 150-200 ग्राम बाजरा अधिक भरा हुआ था। इन पर उन्होंने नाराजगी जताई। एसडीएम ने संबंधित आढ़तियों को नोटिस देने को कहा था। इस पर नारनौल मार्केट कमेटी ने मैसर्स छाजूराम नितेश और हरिराम श्योदत्त राय नोटिस जारी किया है। छाजूराम नितेश को जारी नोटिस में कहा गया हैं कि जांच के दौरान पाया गया हैं कि किसानों के बाजरे की तौल में अंतर था पीएपीएम एक्ट 1961 की लाइसेंस की शर्त एक अनुसार नहीं है। इस पर लाइसेंस के साथ जुर्माना लगाया जा सकता है। भविष्य में ऐसा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। हरिराम श्योदत्त राय पर साफ-सफाई में लापरवाही बतरने का आरोप है।
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