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Mahendragarh-Narnaul News: लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी रामपुरा का जोहड़ पड़ा सूखा
Sat, 23 Mar 2024 02:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 23 Mar 2024 02:20 PM IST
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मंडी अटेली। गांव रामपुरा पहाड़ की तलहटी में स्थित जोहड़ नहरी पानी के अभाव में सूखा हुआ है, जिसके चलते गर्मी के मौसम में मवेशियों का जीवन संकट में घिरा हुआ है।
सरकार व प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित जोहड़ों के पानी से लबालब करने के लिए लाखों रुपए खर्च करके नहरी पानी से जोड़ने का काम किया गया था, लेकिन गांव रामपुरा का जोहड़ इस नहरी पानी से जोड़ने के बावजूद भी पानी को तरस रहा है। गांव के लोगों ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पहले जोहड़ में पानी डालने के लिए नहर से पाइप लाइन बिछाई गई थी। लोगों का कहना है कि इसी पाइप लाइन से बिहाली गोशाला के तालाब को जोड़ दिया गया, जिसके कारण पुरा पानी गोशाला के तालाब में जा रहा है। जिसकी वजह से यह जोहड़ पानी को तरस रहा है। बताया जा रहा है कि प्रशासन व सरकार के दस्तावेजों में जोहड़ में पानी जा रहा है लेकिन धरातल पर कहानी कुछ और ही बयां कर रही है। लोगों का कहना है कि जोहड़ के आसपास अरावली पर्वतमाला व बनी काफी लंबे चौड़े क्षेत्र में फैली हुई है, जिसके कारण पशु पालन अपने पशुओं को चारा खिलाने के लिए घुमाते हैं। इसके साथ जंगली पशुओं की संख्या भी काफी है, ऐसे में जोहड़ में पानी नहीं होना चिंता का विषय है। लोगों ने गर्मी के मौसम के आगमन को देखते हुए प्रशासन से जोहड़ को अलग से नहरी पानी से जोड़ने की मांग की है ताकि मवेशियों को पानी की समस्या से न जुझना पड़े।
इस मौके पर गांव के निवासी पूर्व सरपंच मदनलाल, पूर्व सरपंच विक्रम सिंह, राजपाल यादव, सुनील यादव, सुमेर सिंह यादव, विनोद कुमार, विक्रम सिंह, मनोज कुमार, गोविंद शर्मा, विशन शर्मा, देवेंद्र कुमार, जगरूप सिंह आदि मौजूद रहे।
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सरकार व प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित जोहड़ों के पानी से लबालब करने के लिए लाखों रुपए खर्च करके नहरी पानी से जोड़ने का काम किया गया था, लेकिन गांव रामपुरा का जोहड़ इस नहरी पानी से जोड़ने के बावजूद भी पानी को तरस रहा है। गांव के लोगों ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पहले जोहड़ में पानी डालने के लिए नहर से पाइप लाइन बिछाई गई थी। लोगों का कहना है कि इसी पाइप लाइन से बिहाली गोशाला के तालाब को जोड़ दिया गया, जिसके कारण पुरा पानी गोशाला के तालाब में जा रहा है। जिसकी वजह से यह जोहड़ पानी को तरस रहा है। बताया जा रहा है कि प्रशासन व सरकार के दस्तावेजों में जोहड़ में पानी जा रहा है लेकिन धरातल पर कहानी कुछ और ही बयां कर रही है। लोगों का कहना है कि जोहड़ के आसपास अरावली पर्वतमाला व बनी काफी लंबे चौड़े क्षेत्र में फैली हुई है, जिसके कारण पशु पालन अपने पशुओं को चारा खिलाने के लिए घुमाते हैं। इसके साथ जंगली पशुओं की संख्या भी काफी है, ऐसे में जोहड़ में पानी नहीं होना चिंता का विषय है। लोगों ने गर्मी के मौसम के आगमन को देखते हुए प्रशासन से जोहड़ को अलग से नहरी पानी से जोड़ने की मांग की है ताकि मवेशियों को पानी की समस्या से न जुझना पड़े।
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इस मौके पर गांव के निवासी पूर्व सरपंच मदनलाल, पूर्व सरपंच विक्रम सिंह, राजपाल यादव, सुनील यादव, सुमेर सिंह यादव, विनोद कुमार, विक्रम सिंह, मनोज कुमार, गोविंद शर्मा, विशन शर्मा, देवेंद्र कुमार, जगरूप सिंह आदि मौजूद रहे।
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