फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Even after eight days, millet was not purchased, farmers are worried.

Mahendragarh-Narnaul News: आठ दिन बाद भी बाजरे की नहीं हुई खरीद, किसान परेशान

Tue, 30 Sep 2025 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Tue, 30 Sep 2025 11:43 PM IST
विज्ञापन
Even after eight days, millet was not purchased, farmers are worried.
फोटो नंबर- 17नारनौल ​स्थित नई अनाज मंडी में बाजरे की ढेरी लगाते किसान। संवाद
नारनौल। बाजरे की खरीद प्रक्रिया शुरू हुए 8 दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी है। इस कारण बाजरा लेकर मंडी पहुंच रहे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

किसानों में सरकार के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश के कारण फसल खराब है तो सरकार मुआवजा दे और यदि फसल खराब नहीं है तो खरीद की जाए। किसानों ने बताया कि खरीद अधिकारी खरीद करने आते ही नहीं केवल सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक आते हैं। बाजरे का सैंपल लेते हैं और चले जाते हैं।
विज्ञापन

सैंपल रिपोर्ट भी किसानों को नहीं दी जाती और बाजरे की गुणवत्ता खराब बताकर खरीद नहीं की जा रही। सरकारी खरीद नहीं होने के कारण कुछ किसान अपना बाजरा व्यापारियों को बेच रहे हैं और कुछ जिनका व्यापारी भी नहीं खरीद रहे वें वापस लेकर जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नारनौल मंडी में अब तक करीब 1900 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। इसमें से केवल 884 क्विंटल बाजरा व्यापारियों ने ही खरीदा है। अब तक नारनौल में 71, नांगल चौधरी में 13 और अटेली में 121 गेट पास जारी किए गए हैं। वहीं नारनौल में 1900, नांगल चौधरी में 373 और अटेली में 3216 सहित तीनों मंडियों में कुल 5489 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। वहीं बारिश की आशंका के कारण किसान ढेरी टिनशेड के नीचे रख रहे हैं। इससे अभी तक नुकसान नहीं हुआ है।
------
दो दिन पहले बाजरा लेकर मंडी आया था। सरकारी खरीद नहीं होने पर व्यापारी को बेचा है। बाजरे की जांच करने के लिए केवल दो कर्मचारी आते हैं और सैंपल लेकर चले जाते हैं। -संजय, किसान, गांव बसीरपुर
--------
मंगलवार को बाजरा लेकर मंडी पहुंचा था लेकिन पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं बताकर गेटपास जारी नहीं किया गया। इस कारण जे फार्म के तहत व्यापारियों को भी बाजरा नहीं बेच पा रहा।-मानसिंह, किसान, गांव धानौता
----------
एक तरफ फसल खराबा का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। दूसरी ओर बारिश के कारण बाजरा खराब बताकर खरीदा नहीं जा रहा। सरकार से अपील है कि बाजरा खराब है तो उचित मुआवजा दिया जाए।- हिम्मत सिंह, किसान, गांव मोहनपुर


वर्जन :
सभी मंडियों में खरीद प्रक्रिया के दौरान बाजरे की जांच नियमित की जा रही है लेकिन अब तक जितने बाजरे की जांच की गई है, उनकी गुणवत्ता निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं होने के कारण बाजरा नहीं खरीदा गया है।
प्रवीण भारद्वाज, जिला प्रबंधक, हैफेड, नारनौल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed